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Pilibhit News: किसानों को मुआवजा मिलने की जगी उम्मीद

Fri, 27 Sep 2024 11:35 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 27 Sep 2024 11:35 PM IST
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There is hope for farmers to get compensation
पीलीभीत। बरेली-सितारगंज हाईवे के मुआवजा संंबंधित दस्तावेज को बरेली से पीलीभीत वापस एसएएलओ के पास भेज जा रहा है। मुआवजे के दस्तावेज को गत तीन सितंबर को घपले सामने आने के बाद जांच के लिए बरेली मंगा लिया गया था। ऐसे में अब एक बार फिर किसानों में मुआवजा मिलने की उम्मीद जगी है।
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हाईवे के भूअधिग्रहण के दौरान हुई घपलेबाजी के बाद जांच में पीलीभीत में तैनात सात लेखपालों के नाम सामने आए हैं। सातों लेखपाल अब भी पीलीभीत में तैनात हैं। इन पर अब कार्रवाई की तलवार लटक रही है। आदेश पत्र आते ही सातों को निलंबित कर जांच को शुरू किया जाएगा।
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बता दें कि ग्रामीणों ने लेखपालों पर एक लाख रुपये की मुआवजे की रकम में 20 हजार रुपये का कमीशन तय करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद अपर आयुक्त ने दस्तावेजों से ऐसे नामों को हस्ताक्षर के आधार पर खंगाला था। इधर, सभी दस्तावेज बरेली में होने की वजह से शेष किसानों को मुआवजा नहीं मिल पा रहा था। मुआवजा वितरण संबंधी प्रक्रिया अधर में लटक गई थी। अब दस्तावेज वापस आने की जानकारी मिलने पर किसानों में फिर उम्मीद की किरण जगी है।
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अब तक सिर्फ 72 प्रतिशत जमीन ही अधिगृहीत
हाईवे के निर्माण के लिए अब तक सिर्फ 72 प्रतिशत जमीन अधिगृहीत हो पाई है। शेष 28 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण 15 अक्तूबर तक करने की समयसीमा निर्धारित की गई है। ऐसे में अधिग्रहण का लक्ष्य समय पर पूरा करना भी एनएचएआई के लिए चुनौती बना हुआ है।


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मंडलायुक्त की यहां से दस्तावेज वापस भेजे जा रहे हैं। निर्देशों के अनुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया फिर शुरू किया जाएगा।
-विजय वर्धन तोमर, एसएएलओ
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