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Pilibhit News: आयुर्वेदिक अस्पताल में डॉक्टर तो हैं, मगर दवाएं आधी-अधूरी

Sat, 17 Jan 2026 12:42 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Sat, 17 Jan 2026 12:42 AM IST
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There are doctors in the Ayurvedic hospital, but the medicines are incomplete.
पीलीभीत। कड़ाके की सर्दी में भले ही मरीजों का आयुर्वेदिक दवाओं पर भरोसा बरकरार है। मगर, आयुर्वेदिक कॉलेज के अस्पताल में इलाज पूरा नहीं मिल पा रहा। चिकित्सकों मौजूद रहते हैं, लेकिन दवाएं आधी-अधूरी ही मिल पाती हैं।
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मरीजों को बाहर से एलोपैथ दवाएं लिखी जा रही हैं। इससे मरीज निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं। हाल यह है कि आयुर्वेदिक कॉलेज की डिस्पेंसरी में बुखार-खांसी के लिए काढ़ा तक उपलब्ध नहीं है।
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इन दिनों तराई में भीषण ठंड पड़ रही है। मौसम का यह मिजाज लोगों को बीमार कर रहा है। जोड़ो का दर्द, गठिया की समस्या, कोल्ड डायरिया, स्लिप-डिस्क, कान बहना, खांसी व बुखार की समस्या अधिक मरीजों में देखी जा रही है। इन बीमारियों से निजात के लिए मरीज आयुर्वेदिक इलाज पर भरोसा जता रहे हैं।
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शुक्रवार सुबह से ही आयुर्वेदिक कॉलेज के अस्पताल में मरीज इलाज के लिए पहुंचने लगे। कतार में लगकर मरीजों ने पर्चा बनवाया। काय चिकित्सा कक्ष में चिकित्सक डॉ. संजय कुमार ने 50 से अधिक मरीज देखे। इनमें पेट की समस्या व बुखार के मरीज सर्वाधिक देखे गए। मरीजों को सलाह तो मिली, लेकिन बुखार का काढा नहीं मिल पाया। अमृतादि क्वाथ की उपलब्धता नहीं : आयुर्वेदिक कॉलेज में इन दिनों अमृतादि क्वाथ उपलब्ध नहीं है। यह क्वाथ बुखार, खांसी-जुकाम के मरीजों को दिया जाता है। सर्दी के मौसम में यह मरीजों को काफी राहत देता है। आयुर्वेदिक कॉलेज पहुंच रहे बुखार-खांसी के मरीज बिना काढ़ा के ही लौट रहे हैं। कई अन्य दवाएं भी कम हैं।
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