{"_id":"66b2b5149f8daa66db053425","slug":"the-unborn-child-of-a-woman-admitted-to-puranpur-chc-died-pilibhit-news-c-121-1-pbt1008-120605-2024-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: पूरनपुर सीएचसी में भर्ती कराई गई महिला के गर्भस्थ शिशु की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: पूरनपुर सीएचसी में भर्ती कराई गई महिला के गर्भस्थ शिशु की मौत
विज्ञापन
पूरनपुर। प्रसव पीड़ा के चलते सीएचसी में भर्ती कराई गई महिला के गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। इस संबंध में स्वास्थ्य कर्मियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की गई है।
घुंघचाई थाना क्षेत्र के गांव सिमरिया ताल्लुके अजीतपुर बिल्हा निवासी रामऔतार ने डीएम को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि प्रसव पीड़ा के चलते उसने पुत्रवधू चांदनी को तीन अगस्त को सीएचसी में भर्ती कराया था। स्टाफ नर्स ने उसे देखकर प्रसव दूसरे दिन सुबह या दोपहर तक होने की जानकारी दी।
आरोप है कि उसकी पुत्रवधू को वार्ड में टूटे बेड पर लिटा दिया गया। पूरी रात पंखा तक नहीं चला। गर्मी में पुत्रवधू की हालत खराब हो गई। रात भर न तो उसका हाल लिया गया और न दवाई दी गई। अगले दिन सुबह साढ़े आठ बजे सीएमओ को फोन कर शिकायत करने पर उससे अभद्रता की गई।
विज्ञापन
बाद में स्टाफ नर्स देखने पहुंची। तब उसने गर्भ में बच्चे की धड़कन न होने की बात कहते हुए निजी अस्पताल ले जाने की सलाह हुए रेफर कर दिया। निजी अस्पताल में चिकित्सक ने गर्भ में बच्चे की मौत होने की जानकारी दी। रामऔतार ने पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
००००००
पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। अगर लापरवाही हुई है तो जांच के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभद्रता का आरोप निराधार है।
- डॉ. आलोक शर्मा, सीएमओ
विज्ञापन
घुंघचाई थाना क्षेत्र के गांव सिमरिया ताल्लुके अजीतपुर बिल्हा निवासी रामऔतार ने डीएम को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि प्रसव पीड़ा के चलते उसने पुत्रवधू चांदनी को तीन अगस्त को सीएचसी में भर्ती कराया था। स्टाफ नर्स ने उसे देखकर प्रसव दूसरे दिन सुबह या दोपहर तक होने की जानकारी दी।
विज्ञापन
आरोप है कि उसकी पुत्रवधू को वार्ड में टूटे बेड पर लिटा दिया गया। पूरी रात पंखा तक नहीं चला। गर्मी में पुत्रवधू की हालत खराब हो गई। रात भर न तो उसका हाल लिया गया और न दवाई दी गई। अगले दिन सुबह साढ़े आठ बजे सीएमओ को फोन कर शिकायत करने पर उससे अभद्रता की गई।
विज्ञापन
बाद में स्टाफ नर्स देखने पहुंची। तब उसने गर्भ में बच्चे की धड़कन न होने की बात कहते हुए निजी अस्पताल ले जाने की सलाह हुए रेफर कर दिया। निजी अस्पताल में चिकित्सक ने गर्भ में बच्चे की मौत होने की जानकारी दी। रामऔतार ने पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
००००००
पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। अगर लापरवाही हुई है तो जांच के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभद्रता का आरोप निराधार है।
- डॉ. आलोक शर्मा, सीएमओ