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Pilibhit News: तीसरे दिन भी पिंजरे में कैद रहा बाघ, बाहर भेजे जाने के कयास
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पीलीभीत। माला रेंज के जंगल से बेहोश कर पकड़ा गया बाघ विभागीय निर्णय न होने से तीसरे दिन भी पिंजरे में कैद में रहा। डीएफओ आवास (पीटीआर मुख्यालय) परिसर में रखे पिंजड़े में कैद बाघ की निगरानी के लिए टीमें लगी हैं। बाघ के स्वभाव को बदलने के लिए उसे बाहर भेजे जाने के कयास लगाए जा रहे हैं।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज के जंगल से सटे इलाके में कई माह से बाघ की दहशत थी। जंगल और उससे सटे इलाके में मानव वन्यजीव संघर्ष की कई घटनाएं भी सामने आ चुकी थीं। नौ सितंबर को बाघ ने बासखेड़ा निवासी मजदूर केदारी लाल को हमला कर मार दिया था। घटना के बाद विभाग ने अनुमति लेने के बाद बाघ को पकड़ने के प्रयास शुरू किए थे। सोमवार सुबह तड़के बाघ को बेहोश कर पकड़ लिया गया था।
अफसरों का कहना है कि बुधवार को मुख्यालय पर पत्राचार किए गए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही उसको छोड़े जाने को लेकर निर्णय हो जाएगा। फिलहाल बाघ की निगरानी की जा रही है।
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खूंखार के साथ सेहतमंद है बाघ, पिंजरा पड़ रहा छोटा
पकड़ा गया बाघ काफी खूंखार है। इसके साथ सेहत बेहतर होने से उसका आकार भी काफी बड़ा है। इस वजह से उसको बेहोश होने के बाद पिंजरे में रखा जाने के दौरान टीम के पसीने छूट गए थे। करीब 20 सदस्यों ने बाघ को उठाकर पिंजरे तक पहुंचाया था। बाघ के आकार के सामने पिंजरा भी छोटा प्रतीत हो रहा है।
स्वभाव बदलने के लिए जिले से
बाहर भेजा जा सकता है बाघ
विभागीय सूत्रों की मानें तो बाघ का स्वभाव बदलाव जरूरी है। इसके लिए उसे पीटीआर से बाहर भेजना जरूरी है। विभाग की ओर से उसे छोड़ने को लेकर अफसरों ने मुख्यालय पर पत्राचार भी किए हैं, जिसमें जगह का कोई हवाला नहीं दिया गया है।
बाघ को छोड़ने को लेकर मुख्यालय पर पत्राचार किया गया है। जल्द ही निर्णय होने की उम्मीद है। अभी विभागीय टीम बाघ की निगरानी में जुटी हुई है। - मनीष सिंह, डीएफओ
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज के जंगल से सटे इलाके में कई माह से बाघ की दहशत थी। जंगल और उससे सटे इलाके में मानव वन्यजीव संघर्ष की कई घटनाएं भी सामने आ चुकी थीं। नौ सितंबर को बाघ ने बासखेड़ा निवासी मजदूर केदारी लाल को हमला कर मार दिया था। घटना के बाद विभाग ने अनुमति लेने के बाद बाघ को पकड़ने के प्रयास शुरू किए थे। सोमवार सुबह तड़के बाघ को बेहोश कर पकड़ लिया गया था।
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अफसरों का कहना है कि बुधवार को मुख्यालय पर पत्राचार किए गए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही उसको छोड़े जाने को लेकर निर्णय हो जाएगा। फिलहाल बाघ की निगरानी की जा रही है।
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खूंखार के साथ सेहतमंद है बाघ, पिंजरा पड़ रहा छोटा
पकड़ा गया बाघ काफी खूंखार है। इसके साथ सेहत बेहतर होने से उसका आकार भी काफी बड़ा है। इस वजह से उसको बेहोश होने के बाद पिंजरे में रखा जाने के दौरान टीम के पसीने छूट गए थे। करीब 20 सदस्यों ने बाघ को उठाकर पिंजरे तक पहुंचाया था। बाघ के आकार के सामने पिंजरा भी छोटा प्रतीत हो रहा है।
स्वभाव बदलने के लिए जिले से
बाहर भेजा जा सकता है बाघ
विभागीय सूत्रों की मानें तो बाघ का स्वभाव बदलाव जरूरी है। इसके लिए उसे पीटीआर से बाहर भेजना जरूरी है। विभाग की ओर से उसे छोड़ने को लेकर अफसरों ने मुख्यालय पर पत्राचार भी किए हैं, जिसमें जगह का कोई हवाला नहीं दिया गया है।
बाघ को छोड़ने को लेकर मुख्यालय पर पत्राचार किया गया है। जल्द ही निर्णय होने की उम्मीद है। अभी विभागीय टीम बाघ की निगरानी में जुटी हुई है। - मनीष सिंह, डीएफओ