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Pilibhit News: चिकित्सक के लिखने पर ही होगी जांच, दर्ज होगा पूरा विवरण
Thu, 20 Feb 2025 02:11 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 20 Feb 2025 02:11 AM IST
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शहर के जिला चिकित्सालय की पैथोलोजी के बाहर लगी भीड़।संवाद
पीलीभीत। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में जांच और निजी अस्पतालों में इलाज की जानकारी पर अस्पताल प्रशासन सख्त हो गया है। अब मरीज बिना चिकित्सक की सलाह के जांच नहीं करा सकेंगे। जांच के समय मरीजों का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। साथ ही किस डाॅक्टर ने जांच लिखी, यह विवरण भी दर्ज होगा। सीएमएस ने इसको लेकर निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
जिला अस्पताल में रोजाना 1200 से 1400 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें अधिकांश मरीजों को जांच के बाद ही दवाएं दी जाती हैं। जिला अस्पताल में संचालित पैथोलॉजी में करीब 40 प्रकार की जांचे होती है। हार्मोंस व थायराइड की जांच भी शुरू हो गई है। यह जांचें काफी महंगी होने के कारण लोग अस्पताल में जांच कराकर बाहरी चिकित्सक से दवा ले लेते हैं।
लैब में बाहरी अस्पताल के मरीजों का दबाव भी बढ़ा है। इस वजह से जिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों की जांच में देरी होती है। इस खेल की जानकारी होने पर सीएमएस डॉ. रमाकांत सागर ने आदेश जारी किया है। इसमें कहा कि बिना चिकित्सीय सलाह व पर्चे के किसी भी मरीज की जांच न की जाए।
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साथ ही मरीज की पूरी इंट्री भी करनी होगी। चिकित्सक भी जरूरत पड़ने पर ही मरीज की जांच लिखेंगे। साथ ही चिकित्सक अपने मरीजों की आठ से दो बजे के बीच ही जांचें लिखेंगे। इससे समय रहते मरीजों को उनकी रिपोर्ट दी जा सके। सीएमएस ने बताया कि बिना चिकित्सीय सलाह के मरीज की जांच नहीं की जाएगी।
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जिला अस्पताल में रोजाना 1200 से 1400 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें अधिकांश मरीजों को जांच के बाद ही दवाएं दी जाती हैं। जिला अस्पताल में संचालित पैथोलॉजी में करीब 40 प्रकार की जांचे होती है। हार्मोंस व थायराइड की जांच भी शुरू हो गई है। यह जांचें काफी महंगी होने के कारण लोग अस्पताल में जांच कराकर बाहरी चिकित्सक से दवा ले लेते हैं।
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लैब में बाहरी अस्पताल के मरीजों का दबाव भी बढ़ा है। इस वजह से जिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों की जांच में देरी होती है। इस खेल की जानकारी होने पर सीएमएस डॉ. रमाकांत सागर ने आदेश जारी किया है। इसमें कहा कि बिना चिकित्सीय सलाह व पर्चे के किसी भी मरीज की जांच न की जाए।
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साथ ही मरीज की पूरी इंट्री भी करनी होगी। चिकित्सक भी जरूरत पड़ने पर ही मरीज की जांच लिखेंगे। साथ ही चिकित्सक अपने मरीजों की आठ से दो बजे के बीच ही जांचें लिखेंगे। इससे समय रहते मरीजों को उनकी रिपोर्ट दी जा सके। सीएमएस ने बताया कि बिना चिकित्सीय सलाह के मरीज की जांच नहीं की जाएगी।