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पशु चराने गए छात्र की तालाब में डूबकर मौत
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बिलसंडा। हाईस्कूल के छात्र अंकुर की तालाब में डूबकर मौत हो गई। करीब डेढ़ घंटे बाद छात्र का शव तालाब से निकाला गया। अंकुर तीन बहनों में अकेला भाई था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
थाना क्षेत्र के मार गांव निवासी विजपाल खेती किसानी करते हैं। उन्होंने बताया कि जीवन यापन के लिए परिवार पशुपालन का भी करता है। बृहस्पतिवार को वह जरूरी काम से कहीं गए हुए थे। उनकी गैरमौजूदगी में सुबह दस बजे 15 वर्षीय बेटा अंकुर पशुओं को चराने के लिए गया था। गांव के बाहर एक तालाब में पशु पानी पीने के लिए घुस गए। काफी देर बाद पशु तालाब से नहीं निकले तो अंकुर पशुओं को निकालने के लिए तालाब में उतर गया। तालाब की गहराई का उसे आभास नहीं था। कुछ ही दूरी पर एक गहरे गड्ढे में वह डूबने लगा। तालाब के बाहर खड़े दूसरे बालक डूबने के डर से उतरे नहीं। गांव पहुंचकर बालकों ने अंकुर के परिजनों को घटना के बारे में बताया। परिजन दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। तालाब में छात्र की तलाश शुरू हुई। करीब डेढ़ घंटे बाद उसको तालाब से निकाला गया। सूचना पर मौके पर पहुंची 112 पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुंची। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कार्यवाहक एसओ सदाकत अली फोर्स लेकर अस्पताल पहुंचे। पूछताछ के बाद उसके शव को पोस्टमार्टम को भेजा गया।
इकलौते बेटे को खोकर परिवार बेसुध
तीन बहनों का अंकुर इकलौता भाई था। मां कमला देवी और पिता गरीबी के बाद भी अपने बेटे की हर इच्छा पूरी करते थे। बेटा पढ़ लिखकर कुछ बन सके इसलिए उसका दाखिला बिलसंडा के अच्छे स्कूल में कराया। पढ़ने में होनहार बेटे को परिजन बड़ा अफसर बनाना चाहते थे। लेकिन कुदरत को कुछ और मंजूर था। बेटे की मौत से माता-पिता और बहनों का रोकर बुरा हाल है।
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थाना क्षेत्र के मार गांव निवासी विजपाल खेती किसानी करते हैं। उन्होंने बताया कि जीवन यापन के लिए परिवार पशुपालन का भी करता है। बृहस्पतिवार को वह जरूरी काम से कहीं गए हुए थे। उनकी गैरमौजूदगी में सुबह दस बजे 15 वर्षीय बेटा अंकुर पशुओं को चराने के लिए गया था। गांव के बाहर एक तालाब में पशु पानी पीने के लिए घुस गए। काफी देर बाद पशु तालाब से नहीं निकले तो अंकुर पशुओं को निकालने के लिए तालाब में उतर गया। तालाब की गहराई का उसे आभास नहीं था। कुछ ही दूरी पर एक गहरे गड्ढे में वह डूबने लगा। तालाब के बाहर खड़े दूसरे बालक डूबने के डर से उतरे नहीं। गांव पहुंचकर बालकों ने अंकुर के परिजनों को घटना के बारे में बताया। परिजन दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। तालाब में छात्र की तलाश शुरू हुई। करीब डेढ़ घंटे बाद उसको तालाब से निकाला गया। सूचना पर मौके पर पहुंची 112 पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुंची। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कार्यवाहक एसओ सदाकत अली फोर्स लेकर अस्पताल पहुंचे। पूछताछ के बाद उसके शव को पोस्टमार्टम को भेजा गया।
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इकलौते बेटे को खोकर परिवार बेसुध
तीन बहनों का अंकुर इकलौता भाई था। मां कमला देवी और पिता गरीबी के बाद भी अपने बेटे की हर इच्छा पूरी करते थे। बेटा पढ़ लिखकर कुछ बन सके इसलिए उसका दाखिला बिलसंडा के अच्छे स्कूल में कराया। पढ़ने में होनहार बेटे को परिजन बड़ा अफसर बनाना चाहते थे। लेकिन कुदरत को कुछ और मंजूर था। बेटे की मौत से माता-पिता और बहनों का रोकर बुरा हाल है।
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