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तनाव और काम का बोझ बढ़ा रहा नसों में खून की रफ्तार
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पीलीभीत। हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन, ये शब्द एक दशक पहले छोटे शहरों और कस्बों में कभी कभार सुनाई देते थे, लेकिन आज हालात ये हैं कि आए दिन हार्ट अटैक से मौत की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। सिर्फ शहर ही नहीं बल्कि उच्च रक्तचाप की समस्या ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है। इसका प्रमुख कारण बन रहा है तनाव, खराब खानपान और काम का बोझ। इससे बचने के लिए जरूरी है कि आप अपनी जीवनशैली में सुधार करें।
हैरान करने वाली बात ये है कि इसकी चपेट में अब युवा भी तेजी से आ रहे हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार कुल ओपीडी के दस फीसदी मरीजों में ये समस्या मिल रही है। महिलाओं की तुलना में पुरुष इसकी चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। इसमें युवा भी हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके तिवारी बताते हैं कि उच्च रक्तचाप की समस्या धीरे-धीरे शुरू होती है। लगातार तनाव में रहना, परिवार में कलह होना, अकेलापन, काम का बोझ, शारीरिक कार्य कम करना जैसे कारण तो हैं ही साथ ही फास्ट फूड और जंक फूड का बढ़ता चलन भी इसकी प्रमुख वजह है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रमाकांत सागर बताते हैं कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में करीब दस फीसदी लोग इस समस्या से ग्रस्त मिल रहे हैं। जब जांच करते हैं तब इसकी जानकारी होती है। शुरूआत में तमाम लोगों को इस समस्या के बारे में पता ही नहीं चलता। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया तो ये हार्ट अटैक का कारण तक बन जाता है। उन्होंने बताया कि लोगों का लाइफ स्टाइल बिल्कुल बदल चुका है। सोने के समय जाग रहे और जागने के समय सो रहे हैं। शारीरिक व्यायाम नहीं करते। दूसरी तरफ संतुलित खाने के बजाए फैटी खाना खाते हैं। इससे पहले तो वजन बढ़ता है और शरीर में ज्यादा फैट होने से ब्लड प्रेशर की समस्या जल्दी आ जाती है।
नियमित एक्सरसाइज करें और तनावमुक्त रहें
- हाइपरटेंशन की समस्या न हो तो इसके लिए नियमित एक्सरसाइज जरूर करें। डॉ. रमाकांत सागर बताते हैं कि एक्सरसाइज से शरीर का गैरजरूरी फैट खत्म हो जाता है। रक्तचाप भी सामान्य रहता है। दूसरी बात तनाव से दूर रहें। अगर लगातार तनाव ले रहे हैं तो हाइपरटेंशन होने का खतरा बढ़ता है। काम का बोझ भी एक प्रमुख कारण है। उन्होंने बताया कि इसे मेडिकल साइंस में साइलेंट किलर डिजीज के तौर पर वर्गीकृत किया गया है। यानी कि यह समस्या शरीर में कई अन्य बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकती है। हाई ब्लड प्रेशर को हृदय रोगों का प्रमुख कारक भी माना जाता है।
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युवा तेजी से आ रहे चपेट में
डॉ. वीके तिवारी बताते हैं कि पहले एक उम्र के बाद हाई ब्लड प्रेशर की समस्या देखने को मिलती थी, लेकिन आजकल युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने इसका कारण तनाव, खराब खानपान और अनियमित दिनचर्या बताया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के बाद युवाओं को सबसे ज्यादा चिंता रोजगार ही होती है। नौकरी न मिलने से वह तनावग्रस्त होते हैं। जो नौकरी कर रहे हैं उन पर काम का बोझ इतना बढ़ जाता कि वो तनाव में आ जाते हैं और धीरे-धीरे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रस्त हो जाते हैं। डॉ. रमाकांत बताते हैं कि तमाम युवा जिम करते हैं, शरीर सौष्ठव के लिए वह तमाम पदार्थों का प्रयोग करते हैं और हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हो जाते हैं।
चिकित्सकों की सलाह पर लें दवाइयां
उच्च रक्तचाप की समस्या को लोग अक्सर अनदेखा कर देते हैं। ये उनकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि हाइपरटेंशन की दिक्कत लगातार बन रही है तो डॉक्टर के सुझाव के अनुसार नियमित रूप से दवा लें। उच्च रक्तचाप, जीवन भर बनी रहने वाली समस्याओं में से एक है, इसलिए जब आप स्वयं से दवाएं लेना बंद कर देते हैं तो रक्तचाप फिर बढ़ सकता है। इसलिए बिना डॉक्टरों की सलाह के दवाइयों को बंद न करें।
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हैरान करने वाली बात ये है कि इसकी चपेट में अब युवा भी तेजी से आ रहे हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार कुल ओपीडी के दस फीसदी मरीजों में ये समस्या मिल रही है। महिलाओं की तुलना में पुरुष इसकी चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। इसमें युवा भी हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके तिवारी बताते हैं कि उच्च रक्तचाप की समस्या धीरे-धीरे शुरू होती है। लगातार तनाव में रहना, परिवार में कलह होना, अकेलापन, काम का बोझ, शारीरिक कार्य कम करना जैसे कारण तो हैं ही साथ ही फास्ट फूड और जंक फूड का बढ़ता चलन भी इसकी प्रमुख वजह है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रमाकांत सागर बताते हैं कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में करीब दस फीसदी लोग इस समस्या से ग्रस्त मिल रहे हैं। जब जांच करते हैं तब इसकी जानकारी होती है। शुरूआत में तमाम लोगों को इस समस्या के बारे में पता ही नहीं चलता। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया तो ये हार्ट अटैक का कारण तक बन जाता है। उन्होंने बताया कि लोगों का लाइफ स्टाइल बिल्कुल बदल चुका है। सोने के समय जाग रहे और जागने के समय सो रहे हैं। शारीरिक व्यायाम नहीं करते। दूसरी तरफ संतुलित खाने के बजाए फैटी खाना खाते हैं। इससे पहले तो वजन बढ़ता है और शरीर में ज्यादा फैट होने से ब्लड प्रेशर की समस्या जल्दी आ जाती है।
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नियमित एक्सरसाइज करें और तनावमुक्त रहें
- हाइपरटेंशन की समस्या न हो तो इसके लिए नियमित एक्सरसाइज जरूर करें। डॉ. रमाकांत सागर बताते हैं कि एक्सरसाइज से शरीर का गैरजरूरी फैट खत्म हो जाता है। रक्तचाप भी सामान्य रहता है। दूसरी बात तनाव से दूर रहें। अगर लगातार तनाव ले रहे हैं तो हाइपरटेंशन होने का खतरा बढ़ता है। काम का बोझ भी एक प्रमुख कारण है। उन्होंने बताया कि इसे मेडिकल साइंस में साइलेंट किलर डिजीज के तौर पर वर्गीकृत किया गया है। यानी कि यह समस्या शरीर में कई अन्य बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकती है। हाई ब्लड प्रेशर को हृदय रोगों का प्रमुख कारक भी माना जाता है।
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युवा तेजी से आ रहे चपेट में
डॉ. वीके तिवारी बताते हैं कि पहले एक उम्र के बाद हाई ब्लड प्रेशर की समस्या देखने को मिलती थी, लेकिन आजकल युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने इसका कारण तनाव, खराब खानपान और अनियमित दिनचर्या बताया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के बाद युवाओं को सबसे ज्यादा चिंता रोजगार ही होती है। नौकरी न मिलने से वह तनावग्रस्त होते हैं। जो नौकरी कर रहे हैं उन पर काम का बोझ इतना बढ़ जाता कि वो तनाव में आ जाते हैं और धीरे-धीरे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रस्त हो जाते हैं। डॉ. रमाकांत बताते हैं कि तमाम युवा जिम करते हैं, शरीर सौष्ठव के लिए वह तमाम पदार्थों का प्रयोग करते हैं और हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हो जाते हैं।
चिकित्सकों की सलाह पर लें दवाइयां
उच्च रक्तचाप की समस्या को लोग अक्सर अनदेखा कर देते हैं। ये उनकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि हाइपरटेंशन की दिक्कत लगातार बन रही है तो डॉक्टर के सुझाव के अनुसार नियमित रूप से दवा लें। उच्च रक्तचाप, जीवन भर बनी रहने वाली समस्याओं में से एक है, इसलिए जब आप स्वयं से दवाएं लेना बंद कर देते हैं तो रक्तचाप फिर बढ़ सकता है। इसलिए बिना डॉक्टरों की सलाह के दवाइयों को बंद न करें।