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Pilibhit News: डिजिटल लाइब्रेरी में लापरवाही बरतने पर सचिव होंगे जिम्मेदार
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भवन से लेकर किताबों और कंप्यूटर तक की सुरक्षा की जिम्मेदारी तय, सीसी कैमरे से होगी निगरानी
पीलीभीत। ग्राम पंचायतों में स्थापित की जा रही डिजिटल लाइब्रेरियों की संपत्तियों और उपकरणों की सुरक्षा को लेकर जिला पंचायत राज विभाग ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसके तहत डिजिटल लाइब्रेरी के भवन, फर्नीचर, किताबों और आईटी उपकरणों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत सचिव की होगी। लापरवाही, क्षति या दुरुपयोग सामने आने पर दोषी पाए जाने पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
एसओपी के अनुसार, डिजिटल लाइब्रेरी का संचालन केवल निर्धारित ग्राम पंचायत सचिवालय के कक्ष में ही किया जाएगा। इस कक्ष का इस्तेमाल किसी अन्य कार्य के लिए नहीं किया जा सकेगा। मजबूत दरवाजे, ताले, खिड़कियों और विद्युत फिटिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। काम समाप्त होने के बाद लाइब्रेरी बंद कर चाबी सुरक्षित रखना पंचायत सहायक की जिम्मेदारी होगी। पंचायत सहायक का पद रिक्त होने पर यह जिम्मेदारी सचिव की होगी।
लाइब्रेरी में उपलब्ध सभी पुस्तकों को अलमारियों में व्यवस्थित रखने और उनका स्टॉक रजिस्टर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। किताबों के निर्गमन और वापसी की प्रविष्टि रजिस्टर करना अनिवार्य होगा। किताबों को नुकसान पहुंचाने या बिना अनुमति बाहर ले जाने पर रोक रहेगी। लाइब्रेरी से जुड़ी जानकारी और अंदर-बाहर के वास्तविक फोटो विभाग के निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। कंप्यूटर सहित सभी आईटी उपकरणों की अभिरक्षा सचिव के अधीन रहेगी। इनका इस्तेमाल केवल अधिकृत व्यक्ति ही कर सकेंगे। किसी भी उपकरण को बिना अनुमति पंचायत भवन से बाहर ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। तकनीकी खराबी होने पर इसकी सूचना सक्षम अधिकारी को देनी होगी।
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मरम्मत के लिए उपकरण बाहर भेजना जरूरी होने पर गेट पास जारी करने और रजिस्टर में इसका विवरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
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पहले 15 दिन होगी रोजाना समीक्षा
एसओपी में सभी डिजिटल लाइब्रेरियों में सीसी कैमरे लगाकर उनकी क्रियाशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उपयोगकर्ताओं की दैनिक उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज की जाएगी। संचालन समय का प्रचार ग्राम पंचायत भवन, विद्यालयों और अन्य प्रमुख स्थानों पर वॉल राइटिंग और आईईसी गतिविधियों के माध्यम से कराया जाएगा।
पहले 15 दिनों तक पंचायत सहायक, सचिव और सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के साथ रोजाना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्याओं की समीक्षा होगी। प्रत्येक क्रियाशील डिजिटल लाइब्रेरी के रोजाना पांच गुणवत्तापूर्ण फोटो भी जिला स्तर पर भेजने होंगे।
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वर्जन:
ग्राम पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवेश के बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सके। इसी समस्त जिम्मेदारी सचिव को दी जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित सचिव के खिलाफ विभागीय स्तर से कार्रवाई की जाएगी।
- रोहित भारती, डीपीआरओ।
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पीलीभीत। ग्राम पंचायतों में स्थापित की जा रही डिजिटल लाइब्रेरियों की संपत्तियों और उपकरणों की सुरक्षा को लेकर जिला पंचायत राज विभाग ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसके तहत डिजिटल लाइब्रेरी के भवन, फर्नीचर, किताबों और आईटी उपकरणों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत सचिव की होगी। लापरवाही, क्षति या दुरुपयोग सामने आने पर दोषी पाए जाने पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
एसओपी के अनुसार, डिजिटल लाइब्रेरी का संचालन केवल निर्धारित ग्राम पंचायत सचिवालय के कक्ष में ही किया जाएगा। इस कक्ष का इस्तेमाल किसी अन्य कार्य के लिए नहीं किया जा सकेगा। मजबूत दरवाजे, ताले, खिड़कियों और विद्युत फिटिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। काम समाप्त होने के बाद लाइब्रेरी बंद कर चाबी सुरक्षित रखना पंचायत सहायक की जिम्मेदारी होगी। पंचायत सहायक का पद रिक्त होने पर यह जिम्मेदारी सचिव की होगी।
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लाइब्रेरी में उपलब्ध सभी पुस्तकों को अलमारियों में व्यवस्थित रखने और उनका स्टॉक रजिस्टर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। किताबों के निर्गमन और वापसी की प्रविष्टि रजिस्टर करना अनिवार्य होगा। किताबों को नुकसान पहुंचाने या बिना अनुमति बाहर ले जाने पर रोक रहेगी। लाइब्रेरी से जुड़ी जानकारी और अंदर-बाहर के वास्तविक फोटो विभाग के निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। कंप्यूटर सहित सभी आईटी उपकरणों की अभिरक्षा सचिव के अधीन रहेगी। इनका इस्तेमाल केवल अधिकृत व्यक्ति ही कर सकेंगे। किसी भी उपकरण को बिना अनुमति पंचायत भवन से बाहर ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। तकनीकी खराबी होने पर इसकी सूचना सक्षम अधिकारी को देनी होगी।
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मरम्मत के लिए उपकरण बाहर भेजना जरूरी होने पर गेट पास जारी करने और रजिस्टर में इसका विवरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
पहले 15 दिन होगी रोजाना समीक्षा
एसओपी में सभी डिजिटल लाइब्रेरियों में सीसी कैमरे लगाकर उनकी क्रियाशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उपयोगकर्ताओं की दैनिक उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज की जाएगी। संचालन समय का प्रचार ग्राम पंचायत भवन, विद्यालयों और अन्य प्रमुख स्थानों पर वॉल राइटिंग और आईईसी गतिविधियों के माध्यम से कराया जाएगा।
पहले 15 दिनों तक पंचायत सहायक, सचिव और सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के साथ रोजाना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्याओं की समीक्षा होगी। प्रत्येक क्रियाशील डिजिटल लाइब्रेरी के रोजाना पांच गुणवत्तापूर्ण फोटो भी जिला स्तर पर भेजने होंगे।
वर्जन:
ग्राम पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवेश के बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सके। इसी समस्त जिम्मेदारी सचिव को दी जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित सचिव के खिलाफ विभागीय स्तर से कार्रवाई की जाएगी।
- रोहित भारती, डीपीआरओ।