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अधिशासी अभियंता की अभिभावकों से हुई नोकझोंक
ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Tue, 05 Apr 2016 11:24 PM IST
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नोकझोंक
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय विद्यालय के निर्माणाधीन भवन से लिए गए निर्माण सामग्री के नमूने
सीपीडब्ल्यूडी के ईई ने 20 जून तक छह कमरे तैयार करने का दिया आश्वासन
केंद्रीय विद्यालय में 11वीं की कक्षाएं चलने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। डीएम के निर्देश पर निरीक्षण को आए सीपीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता संतोष कुमार ने अधिकारियों को 20 मार्च तक छह कमरे तैयार कर लेने का आश्वासन दिया है। इस दौरान यहां पहुंचे अभिभावकों से निर्माण की गुणवत्ता के सवाल पर उनकी जमकर नोकझोंक हुई। बाद में निर्माण सामग्री के नमूने लेकर जांच के लिए रुड़की भेजे गए।
केंद्रीय विद्यालय का अपना भवन न होने के कारण वर्तमान में सभी कक्षाएं नहीं चल पा रही हैं। इधर, विद्यालय के निर्माणाधीन भवन को पूरा होने में अभी समय लगेगा। ऐसे में विद्यालय से इस साल कक्षा 10 उत्तीर्ण करने वाले छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। अभिभावक 11वीं की कक्षाएं शुरू कराने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए निर्माणाधीन भवन में ही बन चुके छह कमरों में कुछ दिन कक्षाएं चलाने का प्रयास किया जा रहा है। सोमवार को डीएम के निर्देश पर केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के अधिशासी अभियंता ने एसडीएम (सदर) सुरेंद्र बहादुर यादव, पीडब्ल्यूडी के ईई प्रदीप रस्तोगी के साथ निर्माण की गुणवत्ता की जांच र्को इंट, सीमेंट तथा चिनाई और लिंटर में प्रयोग हो रहे मिक्सर का नमूना लिया। इस बीच अभिभावक भी पहुुंच गए। नमूना लेने के लिए ठेकेदार से ही निर्माण सामग्री मंगाने पर अभिभावक भड़क गए और नाराजगी जताने लगे। इसे लेकर उनकी अधिकारियों से काफी नोकझोंक भी हुई। बाद में अभिभावकों को साथ लेकर निर्माण सामग्री के नमूने लिए गए। अधिकारियों और अभिभावकों से वार्ता के बाद ईई ने 20 जून तक छह कमरे तैयार करके विद्यालय को देने का आश्वासन दिया। यदि समय से कमरे मिल जाते हैं तो 11वीं की कक्षाएं प्रारंभ हो सकती हैं। अभिभावकों में डॉ. मोहम्मद शमीम अहमद, प्रदीप तिवारी, डॉ. एसके शर्मा, रामौतार शर्मा आदि शामिल थे।
सीपीडब्ल्यूडी के ईई ने 20 जून तक छह कमरे तैयार करने का दिया आश्वासन
केंद्रीय विद्यालय में 11वीं की कक्षाएं चलने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। डीएम के निर्देश पर निरीक्षण को आए सीपीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता संतोष कुमार ने अधिकारियों को 20 मार्च तक छह कमरे तैयार कर लेने का आश्वासन दिया है। इस दौरान यहां पहुंचे अभिभावकों से निर्माण की गुणवत्ता के सवाल पर उनकी जमकर नोकझोंक हुई। बाद में निर्माण सामग्री के नमूने लेकर जांच के लिए रुड़की भेजे गए।
केंद्रीय विद्यालय का अपना भवन न होने के कारण वर्तमान में सभी कक्षाएं नहीं चल पा रही हैं। इधर, विद्यालय के निर्माणाधीन भवन को पूरा होने में अभी समय लगेगा। ऐसे में विद्यालय से इस साल कक्षा 10 उत्तीर्ण करने वाले छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। अभिभावक 11वीं की कक्षाएं शुरू कराने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए निर्माणाधीन भवन में ही बन चुके छह कमरों में कुछ दिन कक्षाएं चलाने का प्रयास किया जा रहा है। सोमवार को डीएम के निर्देश पर केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के अधिशासी अभियंता ने एसडीएम (सदर) सुरेंद्र बहादुर यादव, पीडब्ल्यूडी के ईई प्रदीप रस्तोगी के साथ निर्माण की गुणवत्ता की जांच र्को इंट, सीमेंट तथा चिनाई और लिंटर में प्रयोग हो रहे मिक्सर का नमूना लिया। इस बीच अभिभावक भी पहुुंच गए। नमूना लेने के लिए ठेकेदार से ही निर्माण सामग्री मंगाने पर अभिभावक भड़क गए और नाराजगी जताने लगे। इसे लेकर उनकी अधिकारियों से काफी नोकझोंक भी हुई। बाद में अभिभावकों को साथ लेकर निर्माण सामग्री के नमूने लिए गए। अधिकारियों और अभिभावकों से वार्ता के बाद ईई ने 20 जून तक छह कमरे तैयार करके विद्यालय को देने का आश्वासन दिया। यदि समय से कमरे मिल जाते हैं तो 11वीं की कक्षाएं प्रारंभ हो सकती हैं। अभिभावकों में डॉ. मोहम्मद शमीम अहमद, प्रदीप तिवारी, डॉ. एसके शर्मा, रामौतार शर्मा आदि शामिल थे।
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