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Pilibhit News: इंजीनियर न आने से एक माह से शोपीस बनी है नई एक्सरे मशीन
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बीसलपुर सीएचसी में रखी एक्सरे की नई मशीन ।संवाद
बीसलपुर। इंजीनियर के न आ पाने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर नई एक्सरे मशीन एक माह से बंद पड़ी है तो पुरानी मशीन से एक्सरे सही से न हो पाने के कारण मरीजों को समस्या आ रही है। ऐसे में मरीज निजी लैब पर अधिक दाम पर एक्सरे कराने को मजबूर हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की पुरानी एक्सरे मशीन का प्रिंटर गत एक वर्ष से खराब है। इस वजह से उस मशीन से मरीजों के एक्सरे तो हो जाते हैं, लेकिन एक्सरे की प्लेट नहीं मिल पाती। जिन मरीजों के पास स्मार्टफोन होते हैं वे तो फोन से फोटो खींचकर ले जाते हैं और संबंधित डॉक्टर को दिखा देते हैं।
जिन मरीजों के पास स्मार्टफोन नहीं होते, उनको काफी दिक्कत आती है। पहले तो विभाग ने पुरानी मशीन के खराब प्रिंटर को सही कराने का प्रयास किया, जब वह सही नहीं हो पाया तो करीब एक माह पूर्व स्वास्थ्य केंद्र पर नई एक्सरे मशीन लगवाई गई।
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बावजूद इसके स्वास्थ्य केंद्र पर नई मशीन तो आ गई है, लेकिन उसे चालू करने के लिए लखनऊ से कंपनी का इंजीनियर नहीं आ पाया। इस वजह से मशीन शोपीस बनी हुई है। मरीजों ने संबंधित अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर नई मशीन तत्काल चालू कराने की मांग की, लेकिन अब तक न ही इंजीनियर आया है और न ही नई मशीन चालू हो पाई है।
विभागीय हीलाहवाली का खामियाजा मरीजों को महंगे दामों पर निजी लैब पर एक्सरे कराकर भुगतना पड़ रहा है। इस बावत स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. लेखराज गंगवार ने बताया कि कंपनी के इंजीनियर से लगातार संपर्क साधा जा रहा है। बहुत जल्द नई मशीन चालू हो जाएगी।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की पुरानी एक्सरे मशीन का प्रिंटर गत एक वर्ष से खराब है। इस वजह से उस मशीन से मरीजों के एक्सरे तो हो जाते हैं, लेकिन एक्सरे की प्लेट नहीं मिल पाती। जिन मरीजों के पास स्मार्टफोन होते हैं वे तो फोन से फोटो खींचकर ले जाते हैं और संबंधित डॉक्टर को दिखा देते हैं।
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जिन मरीजों के पास स्मार्टफोन नहीं होते, उनको काफी दिक्कत आती है। पहले तो विभाग ने पुरानी मशीन के खराब प्रिंटर को सही कराने का प्रयास किया, जब वह सही नहीं हो पाया तो करीब एक माह पूर्व स्वास्थ्य केंद्र पर नई एक्सरे मशीन लगवाई गई।
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बावजूद इसके स्वास्थ्य केंद्र पर नई मशीन तो आ गई है, लेकिन उसे चालू करने के लिए लखनऊ से कंपनी का इंजीनियर नहीं आ पाया। इस वजह से मशीन शोपीस बनी हुई है। मरीजों ने संबंधित अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर नई मशीन तत्काल चालू कराने की मांग की, लेकिन अब तक न ही इंजीनियर आया है और न ही नई मशीन चालू हो पाई है।
विभागीय हीलाहवाली का खामियाजा मरीजों को महंगे दामों पर निजी लैब पर एक्सरे कराकर भुगतना पड़ रहा है। इस बावत स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. लेखराज गंगवार ने बताया कि कंपनी के इंजीनियर से लगातार संपर्क साधा जा रहा है। बहुत जल्द नई मशीन चालू हो जाएगी।