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Pilibhit News: मैदान तैयार, संसाधनों के अभाव में अभ्यास नहीं कर पा रहे खिलाड़ी
Sun, 16 Jun 2024 03:56 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 16 Jun 2024 03:56 AM IST
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नगरिया खुर्द कला गांव में बना मिनी स्टेडियम ।संवाद
कलीनगर। तहसील क्षेत्र के बंगाली बाहुल्य गांवों के युवाओं का खेलों के प्रति जज्बा देखते ही बनता है। मगर संसाधनों के अभाव में यह प्रतिभाएं दम तोड़ रही हैं। लंबे समय बाद क्षेत्र के गांव नगरिया खुर्द कला में मैदान तो तैयार हो गया, लेकिन संसाधनों की कमी अब भी दूर नहीं हो सकी है। युवा अपनी जेब से रुपये खर्च कर अभ्यास के लिए जरूरी चीजें खरीद रहे हैं।
शारदा डैम की तलहटी में दस से अधिक गांव बसे हैं। अधिकांश गांवों में बंगाली समाज के लोग रहते हैं। लंबे समय से यह लोग खेल का मैदान उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे। इसके बाद नगरिया खुर्द कला गांव में खेल मैदान के जीर्णोद्धार के लिए करीब चालीस लाख का बजट स्वीकृत हुआ। इसके बाद पंचायत घर के खाली मैदान को मिनी स्टेडियम में तब्दील किया गया।
मैदान के चारों ओर चहारदीवारी करने के साथ बैठने के लिए पवेलियन बनाया गया। अब यहां युवा अभ्यास के लिए तो आते हैं मगर संसाधनों की कमी के चलते वह सही से प्रतिभा नहीं निखार पा रहे हैं। युवाओं का कहना है कि खुद के भरोसे संसाधनों एकत्र कर खेलों का अभ्यास कर रहे हैं। मिनी स्टेडियम बनने से गांव के अलावा रमनगरा, पुरैना, गभिया सहराई आदि गांव के युवा भी खेलने आते हैं। ग्राम प्रधान विवेकानंद का कहना है कि संसाधन मुहैया कराने को लेकर पत्राचार किए गए हैं।
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शारदा डैम की तलहटी में दस से अधिक गांव बसे हैं। अधिकांश गांवों में बंगाली समाज के लोग रहते हैं। लंबे समय से यह लोग खेल का मैदान उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे। इसके बाद नगरिया खुर्द कला गांव में खेल मैदान के जीर्णोद्धार के लिए करीब चालीस लाख का बजट स्वीकृत हुआ। इसके बाद पंचायत घर के खाली मैदान को मिनी स्टेडियम में तब्दील किया गया।
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मैदान के चारों ओर चहारदीवारी करने के साथ बैठने के लिए पवेलियन बनाया गया। अब यहां युवा अभ्यास के लिए तो आते हैं मगर संसाधनों की कमी के चलते वह सही से प्रतिभा नहीं निखार पा रहे हैं। युवाओं का कहना है कि खुद के भरोसे संसाधनों एकत्र कर खेलों का अभ्यास कर रहे हैं। मिनी स्टेडियम बनने से गांव के अलावा रमनगरा, पुरैना, गभिया सहराई आदि गांव के युवा भी खेलने आते हैं। ग्राम प्रधान विवेकानंद का कहना है कि संसाधन मुहैया कराने को लेकर पत्राचार किए गए हैं।
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