{"_id":"69fcfaa43229c4d99f09408b","slug":"the-commotion-was-caused-by-the-negligence-of-officers-the-spark-of-protest-against-the-liquor-shop-had-been-simmering-for-a-month-women-chased-away-police-officers-pilibhit-news-c-4-bly1052-879735-2026-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: अफसरों की लापरवाही से हुआ बवाल, शराब की दुकान के विरोध की एक माह से सुलग रही थी चिंगारी, महिलाओं ने पुलिस कर्मियों को दौड़ाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: अफसरों की लापरवाही से हुआ बवाल, शराब की दुकान के विरोध की एक माह से सुलग रही थी चिंगारी, महिलाओं ने पुलिस कर्मियों को दौड़ाया
विज्ञापन
कलीनगर (पीलीभीत)। बूंदीभूड़ में शराब की दुकान का महिलाओं का विरोध एक माह से चल रहा था। तहसील से लेकर जनपद मुख्यालय तक के अफसरों ने इस मुद्दे पर दिलचस्पी नहीं दिखाई। आखिरकार बृहस्पतिवार को विरोध टकराव में बदल गया। अफसरों ने इसे गंभीरता से लिया होता तो इतना बवाल नहीं होता।
करीब एक महीने से गांव की महिलाएं आबादी के बीच शराब की दुकान खोले जाने का विरोध कर रही थीं। तहसील से लेकर जिला मुख्यालय तक शिकायतें पहुंचीं, धरना-प्रदर्शन हुए, लेकिन समाधान नहीं निकला। हालात तब बिगड़ गए जब बृहस्पतिवार को दुकान का संचालन शुरू कर दिया गया तो प्रशासनिक और पुलिस टीम के सामने महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने दौड़ाकर पुलिस कर्मियों को भगाया।
गांव की महिलाओं का कहना है कि घनी आबादी के निकट शराब की दुकान से युवाओं पर गलत असर पड़ेगा और गांव का माहौल बिगड़ेगा। इसी का विरोध करते हुए वे लगातार अधिकारियों से दुकान न खुलने देने की गुहार लगा रही थीं। ग्रामीणों के मुताबिक कई बार लिखित शिकायतें देने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। संवाद
विज्ञापन
-- -
घटना के वीडियो हुए वायरल
घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुए, इनमें महिलाओं का आक्रोश और मौके पर मची अफरा-तफरी साफ दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन पहले ही गंभीरता दिखाता और महिलाओं की आपत्तियों पर समय रहते निर्णय लेता तो हालात यहां तक नहीं पहुंचते।
-- -
भगदड़ के बीच अफसरों को गांव से बाहर निकलना पड़ा भारी
- महिलाओं और पुलिस-प्रशासनिक अफसरों के बीच हुई झड़प के बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। महिलाएं भी उग्र हो गईं। अन्य ग्रामीण भी एकत्र होने लगे। स्थिति को देख अफसरों समेत अन्य कर्मियों में भी भगदड़ मच गई। जैसे-तैसे अधिकारी व कर्मी वाहनों को लेकर गांव से सुरक्षित डैम क्षेत्र में पहुंचे। अतिरिक्त फोर्स को मौके पर बुलाया गया। करीब एक घंटे बाद टीम वहां से लौटी।
-- --
भूमि को लेकर भी ग्रामीण उठा चुके सवाल
पहले भी इस मामले में ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत की थी। उनका कहना था कि जिस भूमि पर शराब की दुकान आवंटित कर व्यावसायिक उपयोग के रूप में उपयोग किया जा रहा है, वह मूलतः खेती के लिए पट्टे पर आवंटित की गई थी। इस पर व्यावसायिक उपयोग गलत है।
-- -- -
आबकारी विभाग के अधिकारी पुलिस-प्रशासनिक अफसरों के साथ शराब की दुकान खुलवाने गांव पहुंचे थे। बातचीत के दौरान महिलाओं ने शराब की दुकान से बोतलें बाहर निकालकर तोड़नी शुरू कर दीं। इस पर सख्ती की गई तो ग्रामीण हमलावर हो गए। मामले में तहसीलदार के हाथ में चोट लगी। उप निरीक्षक का पैर गाड़ी बैक करते हुए चोटिल हुआ है। प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के धरपकड़ की कार्रवाई की जा रही है। -सुकीर्ति कुमार माधव, एसपी पीलीभीत
विज्ञापन
करीब एक महीने से गांव की महिलाएं आबादी के बीच शराब की दुकान खोले जाने का विरोध कर रही थीं। तहसील से लेकर जिला मुख्यालय तक शिकायतें पहुंचीं, धरना-प्रदर्शन हुए, लेकिन समाधान नहीं निकला। हालात तब बिगड़ गए जब बृहस्पतिवार को दुकान का संचालन शुरू कर दिया गया तो प्रशासनिक और पुलिस टीम के सामने महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने दौड़ाकर पुलिस कर्मियों को भगाया।
विज्ञापन
गांव की महिलाओं का कहना है कि घनी आबादी के निकट शराब की दुकान से युवाओं पर गलत असर पड़ेगा और गांव का माहौल बिगड़ेगा। इसी का विरोध करते हुए वे लगातार अधिकारियों से दुकान न खुलने देने की गुहार लगा रही थीं। ग्रामीणों के मुताबिक कई बार लिखित शिकायतें देने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। संवाद
विज्ञापन
घटना के वीडियो हुए वायरल
घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुए, इनमें महिलाओं का आक्रोश और मौके पर मची अफरा-तफरी साफ दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन पहले ही गंभीरता दिखाता और महिलाओं की आपत्तियों पर समय रहते निर्णय लेता तो हालात यहां तक नहीं पहुंचते।
भगदड़ के बीच अफसरों को गांव से बाहर निकलना पड़ा भारी
- महिलाओं और पुलिस-प्रशासनिक अफसरों के बीच हुई झड़प के बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। महिलाएं भी उग्र हो गईं। अन्य ग्रामीण भी एकत्र होने लगे। स्थिति को देख अफसरों समेत अन्य कर्मियों में भी भगदड़ मच गई। जैसे-तैसे अधिकारी व कर्मी वाहनों को लेकर गांव से सुरक्षित डैम क्षेत्र में पहुंचे। अतिरिक्त फोर्स को मौके पर बुलाया गया। करीब एक घंटे बाद टीम वहां से लौटी।
भूमि को लेकर भी ग्रामीण उठा चुके सवाल
पहले भी इस मामले में ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत की थी। उनका कहना था कि जिस भूमि पर शराब की दुकान आवंटित कर व्यावसायिक उपयोग के रूप में उपयोग किया जा रहा है, वह मूलतः खेती के लिए पट्टे पर आवंटित की गई थी। इस पर व्यावसायिक उपयोग गलत है।
आबकारी विभाग के अधिकारी पुलिस-प्रशासनिक अफसरों के साथ शराब की दुकान खुलवाने गांव पहुंचे थे। बातचीत के दौरान महिलाओं ने शराब की दुकान से बोतलें बाहर निकालकर तोड़नी शुरू कर दीं। इस पर सख्ती की गई तो ग्रामीण हमलावर हो गए। मामले में तहसीलदार के हाथ में चोट लगी। उप निरीक्षक का पैर गाड़ी बैक करते हुए चोटिल हुआ है। प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के धरपकड़ की कार्रवाई की जा रही है। -सुकीर्ति कुमार माधव, एसपी पीलीभीत