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Pilibhit News: 1400 पेड़ों के कटान के मामले में सुप्रीम कोर्ट गंभीर, तलब की रिपोर्ट

Sun, 31 Aug 2025 11:33 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 31 Aug 2025 11:33 PM IST
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Supreme Court is serious about the cutting of 1400 trees, summoned the report
पीलीभीत। राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण की जद में फंसे 1400 पेड़ों को काटने की प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है। अदालत ने उत्तर प्रदेश शासन से इस पूरी प्रक्रिया पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
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मामला उस समय गरमाया जब स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता अधिवक्ता शिवम कश्यप ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर पेड़ों को बचाने की मांग उठाई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पेड़ों की कटाई हुई तो वह चिपको आंदोलन जैसा जनआंदोलन खड़ा करेंगे।
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कश्यप ने अपनी याचिका में यह भी सवाल खड़ा किया कि जब राष्ट्रीय राजमार्ग मानकों के अनुरूप एक पूर्ण कार्यात्मक बाइपास पहले से मौजूद है, तो मौजूदा पेड़ों को काटने की जरूरत क्यों है।
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26 जुलाई को अदालत ने इस याचिका को संज्ञान में लेते हुए प्रदेश के प्रमुख वन अफसरों के अलावा बरेली क्षेत्र के प्रमुख अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। इसके बाद मुख्य वन संरक्षक पीपी सिंह ने 26 अगस्त को पीलीभीत में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

दरअसल, राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के इस क्रम में मार्च में लोक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभाग) ने पीलीभीत में लगभग आठ किलोमीटर हिस्से में सड़क किनारे लगे पेड़ों को चिह्नित करने के लिए पत्र लिखा था। इसके बाद वन विभाग ने 1,400 पेड़ों को चिह्नित कर लिया। अब जबकि सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सख्ती दिखाई है, प्रशासन और वन विभाग पर दबाव बढ़ गया है कि वे इस प्रक्रिया पर पारदर्शी रिपोर्ट पेश करें।
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