{"_id":"66b2b03933937457d60919d7","slug":"sugarcane-crop-standing-on-six-and-a-half-acres-of-land-got-submerged-in-the-river-pilibhit-news-c-121-1-pbt1008-120578-2024-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: साढ़े छह एकड़ जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल नदी मेंं समाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: साढ़े छह एकड़ जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल नदी मेंं समाई
विज्ञापन
नोमैंस लैंड क्षेत्र में बाए किनारे की ओर जाता शारदा नदी के पानी का बहाव। संवाद
पूरनपुर। शारदा नदी का जलस्तर कम होने पर नदी ने गांव खिरकिया बरगदिया के समीप फिर तेजी से भूकटान शुरू कर दिया है। रविवार रात से मंगलवार शाम तक छह किसानों की एक-एक एकड़ और एक किसान की आधा एकड़ जमीन पर लहलहा रही गन्ने की फसल नदी में समा गई। तेजी से हो रहे कटान से आसपास के लोगों में दहशत हैं।
मंगलवार को क्षेत्र के लोगों ने चंदिया हजारा से खिरकिया बरगदिया, ढक्काचांट जाने वाली सड़क के आसपास सफाई अभियान चलाया। इससे एक महीने से जलभराव के कारण हो रही दिक्कत दूर हो गई।
नदी जलस्तर कम होने पर तेजी से कटान शुरू करती है। सप्ताह भर पहले नदी ने गांव खिरकिया बरगदिया के समीप तेजी से कटान शुरू हुआ था। चार किसानों की आधा-आधा एकड़ जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल नदी में समा गई थी। इसके बाद कटान थम गया।
विज्ञापन
रविवार रात से फिर तेजी से कटान शुरू हुआ। दो दिन में गांव खिरकिया बरगदिया निवासी ज्ञानी अजीत सिंह, कुलदीप सिंह, हरदीप सिंह, श्याम सुंदर, भागरथी, मुन्नर, लाखन सिंह की करीब एक-एक एकड़ गन्ने की फसल और राममूरत की आधा एकड़ फसल नदी में समा गई।
नदी इसके अलावा शारदा नदी के पार गांव नहरौसा के समीप भी कटान कर रही है। मंगलवार को क्षेत्र के लोगों ने कारसेवा कर चंदिया हजारा से खिरकिया बरगदिया, ढक्काचांट जाने वाली सड़क पर हुए जलभराव की समस्या से निजात पाने के लिए अभियान चलाया। अभियान के दौरान कई स्थानों पर चोक नालों को साफ किया गया। इससे सड़क पर जलभराव समाप्त हो गया।
मंगलवार को लोगों ने आवागमन में राहत महसूस की। कारसेवा करने वालों में विवेक सिंह चौहान, काबुल सिंह, गुरदीप सिंह, रामदेव, लल्ला, महेश, गुड्डू विश्वास आदि शामिल रहे।
--
बाढ़ पीड़ितों का जाना हाल
सयुस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजकुमार राजू ने मंगलवार को शारदा नदी के पार गांवों में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना। उन्होंने बताया कि गांव सिद्धनगर, श्रीनगर, भरतपुर, शास्त्रीनगर, अशोकनगर, आजाद नगर, कबीरगंज, नहरोसा के लोगों ने तेजी से शुरू हुए भूकटान की जानकारी दी है। इस पर अफसरों से मोबाइल पर बात कर कटान पीड़ितों की मदद की मांग की गई है। इस मौके पर सयुस के पूर्व प्रदेश सचिव नोमान अली वारसी, तौफीक खां, वशिष्ठ मौर्या, युनुस, समीउद्दीन शम्मू, मोवीन, हरपाल, महेश आदि मौजूद रहे।
0000
गुन्हान में कटान रही शारदा अब बमनी नदी से मिली, ग्रामीण चिंतित
कलीनगर। तहसील के गुन्हान क्षेत्र में जमीन का कटान कर रही शारदा नदी सीमावर्ती क्षेत्र में बमनी नदी से मिल गई हैं, इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बमनी और शारदा नदी के मिलने से जलस्तर बढ़ने के कारण जनपद सीमा में और अधिक नुकसान होगा।
कलीनगर तहसील क्षेत्र में नोमेंसलैंड इलाके में बाढ़ के बाद शारदा और जगबूडा नदी से काफी भू-कटान हुआ था। इसको लेकर डीएम ने पांच सदस्यीय टीम को नुकसान की वजह की पड़ताल करने के साथ बचाव के तरीके तलाशने के निर्देश दिए थे, लेकिन शारदा नदी के पार गुन्हान और उसके आसपास के क्षेत्र में नेपाल की नदियों से होने वाली तबाही को लेकर फिलहाल कोई प्रयास नहीं हो सके।
पूर्व में मानसून की शुरुआत में जलस्तर बढ़ने के बाद शारदा नदी ने बाएं किनारे की ओर कटान करते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पिलर नंबर 28 की ओर रुख किया। इस इलाके में एक अनुमान के अनुसार 400 एकड़ जमीन का नदी ने कटान किया।
नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र के निकट पहुंचते ही शारदा बमनी नदी से जाकर मिल गई। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बमनी नदी से मिलने के बाद शारदा नदी गुन्हान के अलावा ट्रांस शारदा क्षेत्र के टाटरगंज इलाके को और अधिक नुकसान पहुंचाएगी। लोगों का कहना है कि इसके बचाव के लिए जनपद सीमा में ठोस कार्य कराने होंगे।
ऐसा न होने पर शारदा नदी कलीनगर और पूरनपुर क्षेत्र के अलावा शारदा सागर डैम को भी नुकसान पहुंचा सकती है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता ध्रुव नरायण शुक्ला ने बताया कि नोमेंसलैंड क्षेत्र के निकट कार्य कराए जा रहे हैं। कटान की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। संवाद
विज्ञापन
मंगलवार को क्षेत्र के लोगों ने चंदिया हजारा से खिरकिया बरगदिया, ढक्काचांट जाने वाली सड़क के आसपास सफाई अभियान चलाया। इससे एक महीने से जलभराव के कारण हो रही दिक्कत दूर हो गई।
विज्ञापन
नदी जलस्तर कम होने पर तेजी से कटान शुरू करती है। सप्ताह भर पहले नदी ने गांव खिरकिया बरगदिया के समीप तेजी से कटान शुरू हुआ था। चार किसानों की आधा-आधा एकड़ जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल नदी में समा गई थी। इसके बाद कटान थम गया।
विज्ञापन
रविवार रात से फिर तेजी से कटान शुरू हुआ। दो दिन में गांव खिरकिया बरगदिया निवासी ज्ञानी अजीत सिंह, कुलदीप सिंह, हरदीप सिंह, श्याम सुंदर, भागरथी, मुन्नर, लाखन सिंह की करीब एक-एक एकड़ गन्ने की फसल और राममूरत की आधा एकड़ फसल नदी में समा गई।
नदी इसके अलावा शारदा नदी के पार गांव नहरौसा के समीप भी कटान कर रही है। मंगलवार को क्षेत्र के लोगों ने कारसेवा कर चंदिया हजारा से खिरकिया बरगदिया, ढक्काचांट जाने वाली सड़क पर हुए जलभराव की समस्या से निजात पाने के लिए अभियान चलाया। अभियान के दौरान कई स्थानों पर चोक नालों को साफ किया गया। इससे सड़क पर जलभराव समाप्त हो गया।
मंगलवार को लोगों ने आवागमन में राहत महसूस की। कारसेवा करने वालों में विवेक सिंह चौहान, काबुल सिंह, गुरदीप सिंह, रामदेव, लल्ला, महेश, गुड्डू विश्वास आदि शामिल रहे।
बाढ़ पीड़ितों का जाना हाल
सयुस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजकुमार राजू ने मंगलवार को शारदा नदी के पार गांवों में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना। उन्होंने बताया कि गांव सिद्धनगर, श्रीनगर, भरतपुर, शास्त्रीनगर, अशोकनगर, आजाद नगर, कबीरगंज, नहरोसा के लोगों ने तेजी से शुरू हुए भूकटान की जानकारी दी है। इस पर अफसरों से मोबाइल पर बात कर कटान पीड़ितों की मदद की मांग की गई है। इस मौके पर सयुस के पूर्व प्रदेश सचिव नोमान अली वारसी, तौफीक खां, वशिष्ठ मौर्या, युनुस, समीउद्दीन शम्मू, मोवीन, हरपाल, महेश आदि मौजूद रहे।
0000
गुन्हान में कटान रही शारदा अब बमनी नदी से मिली, ग्रामीण चिंतित
कलीनगर। तहसील के गुन्हान क्षेत्र में जमीन का कटान कर रही शारदा नदी सीमावर्ती क्षेत्र में बमनी नदी से मिल गई हैं, इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बमनी और शारदा नदी के मिलने से जलस्तर बढ़ने के कारण जनपद सीमा में और अधिक नुकसान होगा।
कलीनगर तहसील क्षेत्र में नोमेंसलैंड इलाके में बाढ़ के बाद शारदा और जगबूडा नदी से काफी भू-कटान हुआ था। इसको लेकर डीएम ने पांच सदस्यीय टीम को नुकसान की वजह की पड़ताल करने के साथ बचाव के तरीके तलाशने के निर्देश दिए थे, लेकिन शारदा नदी के पार गुन्हान और उसके आसपास के क्षेत्र में नेपाल की नदियों से होने वाली तबाही को लेकर फिलहाल कोई प्रयास नहीं हो सके।
पूर्व में मानसून की शुरुआत में जलस्तर बढ़ने के बाद शारदा नदी ने बाएं किनारे की ओर कटान करते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पिलर नंबर 28 की ओर रुख किया। इस इलाके में एक अनुमान के अनुसार 400 एकड़ जमीन का नदी ने कटान किया।
नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र के निकट पहुंचते ही शारदा बमनी नदी से जाकर मिल गई। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बमनी नदी से मिलने के बाद शारदा नदी गुन्हान के अलावा ट्रांस शारदा क्षेत्र के टाटरगंज इलाके को और अधिक नुकसान पहुंचाएगी। लोगों का कहना है कि इसके बचाव के लिए जनपद सीमा में ठोस कार्य कराने होंगे।
ऐसा न होने पर शारदा नदी कलीनगर और पूरनपुर क्षेत्र के अलावा शारदा सागर डैम को भी नुकसान पहुंचा सकती है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता ध्रुव नरायण शुक्ला ने बताया कि नोमेंसलैंड क्षेत्र के निकट कार्य कराए जा रहे हैं। कटान की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। संवाद

नोमैंस लैंड क्षेत्र में बाए किनारे की ओर जाता शारदा नदी के पानी का बहाव। संवाद