{"_id":"6ab2d00ee157d877a50641c7","slug":"strict-security-measures-at-sharda-sagar-dam-no-arbitrariness-in-the-prohibited-area-pilibhit-news-c-121-1-pbt1009-169411-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: शारदा सागर डैम की सुरक्षा पर सख्ती, वर्जित क्षेत्र में अब नहीं चलेगी मनमानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: शारदा सागर डैम की सुरक्षा पर सख्ती, वर्जित क्षेत्र में अब नहीं चलेगी मनमानी
Wed, 23 Sep 2026 12:29 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 23 Sep 2026 12:29 AM IST
विज्ञापन
कलीनगर। 22 किलोमीटर लंबे शारदा सागर डैम की सुरक्षा को लेकर सिंचाई विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। बांध की सुरक्षा के लिए निर्धारित वर्जित क्षेत्र में लगातार सामने आ रही गतिविधियों को देखते हुए सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने सक्रियता बढ़ा दी है। तलहटी क्षेत्र में लोगों को बांध सुरक्षा अधिनियम-2021 के प्रावधानों की जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी जा रही है।
प्रथम पंचवर्षीय योजना में निर्मित शारदा सागर डैम के बाहरी हिस्से में बांध को मजबूत बनाए रखने के लिए सिपेज ड्रेनेज बनाई गई थी। सुरक्षा की दृष्टि से करीब 200 मीटर चौड़े क्षेत्र को वर्जित क्षेत्र माना गया है। इसमें आबादी बसाने के साथ ही अनधिकृत गतिविधियों पर रोक है। निर्धारित स्थान और रैंप के अलावा बांध पर चढ़ने-उतरने, खेलकूद और मवेशी चराने जैसी गतिविधियां भी प्रतिबंधित हैं।
नियमों की अनदेखी के कारण कई स्थानों पर ड्रेनेज को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आती रही है। इसी को देखते हुए शारदा सागर प्रथम उपखंड के सहायक अभियंता योगेंद्र सिंह गौतम, जेई हफीज अहमद, धमेंद्र कुमार आदि अभियंताओं ने पुलिस और एसएसबी से संपर्क किया। इसके बाद तलहटी में बसे लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया। सहायक अभियंता का कहना है कि बांध की सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि डैम के जीरो किलोमीटर पर कई दशक पहले सिंचाई विभाग ने हवा महल नाम से कोठी बनाई थी। यहां से अधिकारी-कर्मचारी बांध की निगरानी और चौकसी करते थे। बाद में एसएसबी की तैनाती के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से कोठी उसे दे दी गई थी। अब बांध की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए विभाग ने आपसी समन्वय से कोठी वापस ले ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रथम पंचवर्षीय योजना में निर्मित शारदा सागर डैम के बाहरी हिस्से में बांध को मजबूत बनाए रखने के लिए सिपेज ड्रेनेज बनाई गई थी। सुरक्षा की दृष्टि से करीब 200 मीटर चौड़े क्षेत्र को वर्जित क्षेत्र माना गया है। इसमें आबादी बसाने के साथ ही अनधिकृत गतिविधियों पर रोक है। निर्धारित स्थान और रैंप के अलावा बांध पर चढ़ने-उतरने, खेलकूद और मवेशी चराने जैसी गतिविधियां भी प्रतिबंधित हैं।
विज्ञापन
नियमों की अनदेखी के कारण कई स्थानों पर ड्रेनेज को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आती रही है। इसी को देखते हुए शारदा सागर प्रथम उपखंड के सहायक अभियंता योगेंद्र सिंह गौतम, जेई हफीज अहमद, धमेंद्र कुमार आदि अभियंताओं ने पुलिस और एसएसबी से संपर्क किया। इसके बाद तलहटी में बसे लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया। सहायक अभियंता का कहना है कि बांध की सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि डैम के जीरो किलोमीटर पर कई दशक पहले सिंचाई विभाग ने हवा महल नाम से कोठी बनाई थी। यहां से अधिकारी-कर्मचारी बांध की निगरानी और चौकसी करते थे। बाद में एसएसबी की तैनाती के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से कोठी उसे दे दी गई थी। अब बांध की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए विभाग ने आपसी समन्वय से कोठी वापस ले ली है।
विज्ञापन