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Pilibhit News: नामांकन जमा करने के लिए खड़े रहे गेट पर...नहीं मिला प्रवेश
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पूरनपुर में सहकारी गन्ना समिति गेट पर नामांकन पत्र लेकर खड़े लोग।संवाद
पूरनपुर। सहकारी गन्ना समिति के संचालक पद के चुनाव में नामांकन जमा करने के लिए कई प्रत्याशी चार घंटे तक गन्ना समिति गेट पर खड़े रहे। हंगामे पर कुछ महिलाओं को प्रवेश दिया गया, आरोप है कि बाद में उनका भी नामांकन पत्र जमा न कर बाहर कर दिया गया। ऐसे में यहां खूब हंगामा हुआ।
नामांकन सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक जमा होने थे। ऐसे में सुबह से ही संभावित प्रत्याशियों की भीड़ लग गई। नामांकन पत्र खरीदने वालों को दोपहर 12 बजे नामांकन पत्र जमा किए जाने की जानकारी दी गई। ऐसे में दोपहर 12 बजे कई लोग अपने नामांकन पत्रों को लेकर गन्ना समिति गेट पर पहुंचे, मगर उनको परिसर में प्रवेश नहीं होने दिया गया। बाद में कुछ महिलाओं को प्रवेश दिया गया, आरोप है कि नामांकन पत्र उनके भी जमा नहीं हुए।
इसको लेकर कई बार हंगामा हुआ। लोगों का कहना था कि नामांकन जमा नहीं कराने थे तो डेलीगेट का चुनाव क्यों कराया। जिन लोगों को संचालक बनाना है सीधे उनके नाम की घोषणा कर दी जाती। नामांकन पत्रों की धनराशि वापस की जाए।
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००००
सहकारी गन्ना समिति का तीन बार चेयरमैन और चीनी मिल का दो बार उपाध्यक्ष रह चुका हूं। जीवन में ऐसा कभी नहीं देखा कि चुनाव लड़ऩे वालों के नामांकन पत्र ही जमा न किए जाएं। ऐसी कभी कल्पना भी नहीं की थी। पुत्र और पूर्व जिला पंचायत सदस्य, चीनी मिल के संचालक रहे गुरदेव सिंह का नामांकन जमा कराने आए थे, मगर जमा नहीं हुआ।
- श्रीकांत सिंह, पूर्व चेयरमैन, सहकारी गन्ना समिति
००००००
चुनाव अगर नहीं कराने थे तो डेलीगेट का ही चुनाव क्यों कराया गया। संचालक पद के लिए नामांकन पत्रों की बिक्री भी की गई। इसके बाद भी नामांकन पत्र जमा करने के लिए लोगों को परिसर में घुसने नहीं दिया गया। लोकतंत्र की हत्या हुई है।
-हरदेव सिंह, पूर्व गन्ना परिषद अध्यक्ष
०००००००
नामांकन पत्र जमा करने के लिए परिसर में घुसने न देने का आरोप निराधार है। अगर नामांकन पत्र जमा नहीं हुए। तब जिन 15 लोगों ने जमा किए वे कहां से आए। शांति पूर्वक नामांकन की प्रक्रिया पूरी की गई है।
- अजीत प्रताप सिंह, एसडीएम/चुनाव अधिकारी
००००००
सपाइयों ने शुरू किया धरना, भाजपा के इशारे पर चुनाव कराने का आरोप
पूरनपुर। नामांकन के लिए परिसर में अंदर प्रवेश न देने के विरोध में सपाइयों ने सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा के नेतृत्व में शाम पांच बजे धरना देकर प्रदर्शन किया। सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने बताया कि अगर चुनाव नहीं कराना था तो नामांकन पत्रों की बिक्री क्यों की गई।
उन्होंने कहा कि पूरनपुर के अलावा बीसलपुर में भी नामांकन में गड़बड़ी पर डीएम को फोन कर जानकारी दी गई। डीएम ने मामले को दिखवाने का आश्वासन दिया है। प्रशासन ने भाजपा के इशारे पर चुनाव कराया है, जो लोकतंत्र की हत्या है। बाद में ज्ञापन देकर धरना समाप्त किया गया। संवाद
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संचालक पदों पर तीन स्थानों पर 50 नामांकन
पीलीभीत। गन्ना समिति के संचालक पदोंं के पूरनपुर, पीलीभीत और बीसलपुर में 50 नामांकन पत्र दाखिल हुए। पीलीभीत में संचालक के 11 पदोें के लिए 17 नामांकन पत्र लिए गए। इसमें 12 नामांकन पत्र जमा हुए। वहीं पूरनपुर में 15 और बीसलपुर में 23 नामांकन पत्र जमा किए गए। नोडल अधिकारी एसडीएम कलीनगर देवेंद्र सिंह ने बताया कि नामांकन पत्रों की शुक्रवार को जांच की जाएगी। 16 को मतदान होगा। संवाद
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नामांकन सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक जमा होने थे। ऐसे में सुबह से ही संभावित प्रत्याशियों की भीड़ लग गई। नामांकन पत्र खरीदने वालों को दोपहर 12 बजे नामांकन पत्र जमा किए जाने की जानकारी दी गई। ऐसे में दोपहर 12 बजे कई लोग अपने नामांकन पत्रों को लेकर गन्ना समिति गेट पर पहुंचे, मगर उनको परिसर में प्रवेश नहीं होने दिया गया। बाद में कुछ महिलाओं को प्रवेश दिया गया, आरोप है कि नामांकन पत्र उनके भी जमा नहीं हुए।
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इसको लेकर कई बार हंगामा हुआ। लोगों का कहना था कि नामांकन जमा नहीं कराने थे तो डेलीगेट का चुनाव क्यों कराया। जिन लोगों को संचालक बनाना है सीधे उनके नाम की घोषणा कर दी जाती। नामांकन पत्रों की धनराशि वापस की जाए।
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सहकारी गन्ना समिति का तीन बार चेयरमैन और चीनी मिल का दो बार उपाध्यक्ष रह चुका हूं। जीवन में ऐसा कभी नहीं देखा कि चुनाव लड़ऩे वालों के नामांकन पत्र ही जमा न किए जाएं। ऐसी कभी कल्पना भी नहीं की थी। पुत्र और पूर्व जिला पंचायत सदस्य, चीनी मिल के संचालक रहे गुरदेव सिंह का नामांकन जमा कराने आए थे, मगर जमा नहीं हुआ।
- श्रीकांत सिंह, पूर्व चेयरमैन, सहकारी गन्ना समिति
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चुनाव अगर नहीं कराने थे तो डेलीगेट का ही चुनाव क्यों कराया गया। संचालक पद के लिए नामांकन पत्रों की बिक्री भी की गई। इसके बाद भी नामांकन पत्र जमा करने के लिए लोगों को परिसर में घुसने नहीं दिया गया। लोकतंत्र की हत्या हुई है।
-हरदेव सिंह, पूर्व गन्ना परिषद अध्यक्ष
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नामांकन पत्र जमा करने के लिए परिसर में घुसने न देने का आरोप निराधार है। अगर नामांकन पत्र जमा नहीं हुए। तब जिन 15 लोगों ने जमा किए वे कहां से आए। शांति पूर्वक नामांकन की प्रक्रिया पूरी की गई है।
- अजीत प्रताप सिंह, एसडीएम/चुनाव अधिकारी
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सपाइयों ने शुरू किया धरना, भाजपा के इशारे पर चुनाव कराने का आरोप
पूरनपुर। नामांकन के लिए परिसर में अंदर प्रवेश न देने के विरोध में सपाइयों ने सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा के नेतृत्व में शाम पांच बजे धरना देकर प्रदर्शन किया। सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने बताया कि अगर चुनाव नहीं कराना था तो नामांकन पत्रों की बिक्री क्यों की गई।
उन्होंने कहा कि पूरनपुर के अलावा बीसलपुर में भी नामांकन में गड़बड़ी पर डीएम को फोन कर जानकारी दी गई। डीएम ने मामले को दिखवाने का आश्वासन दिया है। प्रशासन ने भाजपा के इशारे पर चुनाव कराया है, जो लोकतंत्र की हत्या है। बाद में ज्ञापन देकर धरना समाप्त किया गया। संवाद
संचालक पदों पर तीन स्थानों पर 50 नामांकन
पीलीभीत। गन्ना समिति के संचालक पदोंं के पूरनपुर, पीलीभीत और बीसलपुर में 50 नामांकन पत्र दाखिल हुए। पीलीभीत में संचालक के 11 पदोें के लिए 17 नामांकन पत्र लिए गए। इसमें 12 नामांकन पत्र जमा हुए। वहीं पूरनपुर में 15 और बीसलपुर में 23 नामांकन पत्र जमा किए गए। नोडल अधिकारी एसडीएम कलीनगर देवेंद्र सिंह ने बताया कि नामांकन पत्रों की शुक्रवार को जांच की जाएगी। 16 को मतदान होगा। संवाद

पूरनपुर में सहकारी गन्ना समिति गेट पर नामांकन पत्र लेकर खड़े लोग।संवाद