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Pilibhit News: मलेरिया पर काबू के लिए 30 हॉट स्पॉट क्षेत्रों में विशेष अभियान शुरू
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पीलीभीत। जिले में मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। बरसात से पहले ही बिलसंडा और बीसलपुर क्षेत्र के 30 गांवों को संवेदनशील हॉट स्पॉट के रूप में चिह्नित कर विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है। इस वर्ष अभी तक मलेरिया के 16 मरीज मिल चुके हैं।
गर्मी-बरसात के मौसम में मलेरिया और डेंगू की दस्तक होती है। जिले में भी मलेरिया को लेकर पिछले वर्षों के आंकड़े विभाग की चिंता बढ़ा रहे हैं। वर्ष 2023 में जिले में मलेरिया के 563 मामले सामने आए थे, जबकि 2024 में यह संख्या घटकर 414 रह गई थी। हालांकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 713 पहुंच गई थी। जिले में करीब 140 ऐसे गांवों सूचीबद्ध किए गए थे, जहां से मलेरिया केस निकले थे। इसमें बीसलपुर और बिलसंडा क्षेत्र के संवेदनशील श्रेणी में पाया गया था।
इस बार शुरुआती महीनों में ही 16 मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशील गांवों में लगातार निगरानी शुरू कर दी है। जिले के 140 गांवों को विशेष निगरानी दायरे में रखा गया है। सीएमओ डॉ आलोक कुमार शर्मा ने बताया कि मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में इनडोर रेसिडुअल स्प्रे (आईआरएस) अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत घरों की पांच दीवारों पर दवा का छिड़काव कराया जा रहा है, इसका प्रभाव करीब 45 दिनों तक रहता है। संवाद
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गर्मी-बरसात के मौसम में मलेरिया और डेंगू की दस्तक होती है। जिले में भी मलेरिया को लेकर पिछले वर्षों के आंकड़े विभाग की चिंता बढ़ा रहे हैं। वर्ष 2023 में जिले में मलेरिया के 563 मामले सामने आए थे, जबकि 2024 में यह संख्या घटकर 414 रह गई थी। हालांकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 713 पहुंच गई थी। जिले में करीब 140 ऐसे गांवों सूचीबद्ध किए गए थे, जहां से मलेरिया केस निकले थे। इसमें बीसलपुर और बिलसंडा क्षेत्र के संवेदनशील श्रेणी में पाया गया था।
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इस बार शुरुआती महीनों में ही 16 मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशील गांवों में लगातार निगरानी शुरू कर दी है। जिले के 140 गांवों को विशेष निगरानी दायरे में रखा गया है। सीएमओ डॉ आलोक कुमार शर्मा ने बताया कि मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में इनडोर रेसिडुअल स्प्रे (आईआरएस) अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत घरों की पांच दीवारों पर दवा का छिड़काव कराया जा रहा है, इसका प्रभाव करीब 45 दिनों तक रहता है। संवाद
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