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Pilibhit: जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने की मांग, सपा नेताओं ने दिया ज्ञापन
Mon, 27 Jul 2026 03:16 PM IST
Mukesh Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Published by: Mukesh Kumar
Updated Mon, 27 Jul 2026 03:16 PM IST
सार
पीलीभीत में समाजवादी अल्पसंख्यक सभा ने सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। इसके माध्यम से सपा पदाधिकारियों ने रामपुर के जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
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सपा नेताओं ने सौंपा ज्ञापन
- फोटो : संवाद
विस्तार
पीलीभीत में समाजवादी अल्पसंख्यक सभा के पदाधिकारियों ने रामपुर के जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त किए जाने के आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई है। इस संबंध में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया।
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संगठन के जिला अध्यक्ष रियाज खान के नेतृत्व में सोमवार को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि जौहर विश्वविद्यालय के भवनों को ध्वस्त करने की प्रस्तावित कार्रवाई से हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा स्थानीय नागरिकों का भविष्य प्रभावित होगा। किसी भी प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई को संविधान, कानून और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप किया जाना चाहिए। यदि निर्माण नक्शे या भूमि संबंधी कोई विवाद है तो उसका समाधान वैधानिक प्रक्रिया के तहत किया जाए, ताकि छात्रों की शिक्षा बाधित न हो।
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राजनीतिक द्वेष का लगाया आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि जौहर विश्वविद्यालय क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा रहा है, लेकिन राजनीतिक द्वेष की भावना से उसके भवनों को ध्वस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। संगठन का दावा है कि विश्वविद्यालय के निर्माण के समय ग्राम सींगनखेड़ा न तो पंचायत राज अधिनियम के तहत निर्माण अनुमति की अनिवार्यता वाले क्षेत्र में था और न ही आरबी एक्ट, 1958 के अंतर्गत रेगुलेटेड एरिया में शामिल था। इसके अलावा ग्राम सींगनखेड़ा को 27 सितंबर 2024 को पहली बार रामपुर विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में शामिल किया गया, जबकि विश्वविद्यालय का निर्माण इससे पहले ही पूरा हो चुका था।
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ज्ञापन में कहा गया कि रामपुर विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन की प्रस्तावित कार्रवाई शिक्षा और छात्र हित के विरुद्ध है। संगठन ने आरोप लगाया कि इससे गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है। समाजवादी अल्पसंख्यक सभा ने मांग की कि जनहित और छात्रहित को ध्यान में रखते हुए जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश को निरस्त कराया जाए और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।