फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Slurred crushing capacity due to malfunction

खराबी के चलते लड़खड़ा रही पेराई क्षमता

Thu, 02 Mar 2017 11:49 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Thu, 02 Mar 2017 11:49 PM IST
विज्ञापन
 खराबी की वजह से दि किसान सहकारी चीनी मिल बृहस्पतिवार को भी रुक-रुक कर चली। इसके चलते गन्ना सप्लाई का इंडेंट भी रोज की अपेक्षा कम जारी किया गया। किसानों के गन्ना से भरे वाहनों की लंबी लाइनें लगीं। इससे किसानों को गन्ना तुलवाने को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई दिनों से चीनी मिल रुक-रुक कर चल रही है। करीब दस दिन पहले खराबी दूर करने को क्लीनिंग में चीनी मिल को बंद किया गया था। क्लीनिंग के बाद भी चीनी मिल ठीक से नहीं चल पा रही है। खराबी को लेकर ही 27 फरवरी को रात करीब 11 बजे चीनी मिल बंद हो गई थी। खराबी दूर कर 28 फरवरी को सुबह करीब 11 बजे चलाया गया था। इसके बाद एक मार्च को चीनी मिल क्षमता के अनुसार चली। बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे खराबी से चीनी मिल बंद हो गई। घंटे भर बाद चीनी मिल को चला दिया गया। इसके बाद रुकने और फिर चलने का क्रम पूरे दिन जारी रहा। चीनी मिल के क्षमता के अनुरूप न चलने पर बृहस्पतिवार को गन्ना सप्लाई का इंडेंट रोज की अपेक्षा कम सहकारी गन्ना समिति भेजा गया। रुक-रुक कर चीनी मिल चलने को लेकर गन्ना की तौल भी धीमी कर दी गई है। इससे गन्ना से भरे वाहनों की लंबी लाइनें लगीं। किसानों को गन्ना तुलवाने को घंटों इंतजार करना पड़ा। इसको लेकर किसानों में रोष देखा गया। 
विज्ञापन

पांच गन्ना क्रय केंद्रों पर गन्ना खरीद फ्री
प्राइवेट चीनी मिलों के साथ अब सहकारी गन्ना समिति भी गन्ना की कमी से जूझने लगी है। इसी के चलते दि किसान सहकारी चीनी मिल ने बराही, माधोटांडा, गुलाबटांडा, प्रसादपुर, दिलीपपुर इटौरिया गन्ना क्रय केंद्र पर गन्ना की तौल फ्री कर दी है। साथ ही किसानों को तीन मार्च तक अपना गन्ना सप्लाई करने की सलाह दी है। इसके बाद गन्ना क्रय केंद्र कभी भी बंद किया जा सकेगा। 
विज्ञापन

चीनी मिलों पर गन्ना मूल्य का 50 करोड़ से अधिक का बकाया
 सहकारी गन्ना समिति क्षेत्र के गन्ने की पेराई करने वाली सात चीनी मिलें क्षेत्र का करीब 45 लाख क्विंटल गन्ना पेर चुकी है। इन चीनी मिलों पर 50 करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य का बकाया है। इसमें पलिया और बरखेड़ा चीनी मिल भुगतान में फिसड्डी है। गुलरिया चीनी मिल 96 प्रतिशत भुगतान कर भुगतान में नंबर एक पर है। फरवरी के अंत तक क्षेत्र का गन्ना पूरनपुर चीनी मिल 19.48 लाख, पीलीभीत 8.25, बरखेड़ा 2.66, पलिया 4.89, मकसूदापुर 3.82, गुलरिया 5.42, संपूर्णानगर 0.02 लाख क्विंटल गन्ना पेर चुकी है। इसमें चीनी मिलें क्रमश: 3807.47, 2238.10, 223.33, 199.58, 391.72, 1585.14, 5.27 लाख रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान कर चुकी है। मिलों पर क्रमश: 2173.02, 250.03, 575.08, 1270.45, 768.63, 60.16, 1.24 लाख रुपये बकाया है। पूरनपुर चीनी मिल 25 जनवरी तक, पीलीभीत 21 फरवरी तक, बरखेड़ा 20 नवंबर तक, पलिया 19 नवंबर तक, मकसूदापुर दो दिसंबर तक, गुलरिया 25 फरवरी तक और संपूर्णानगर 23 जनवरी तक खरीदे गए गन्ना मूल्य का भुगतान कर चुकी है। करीब पचास करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का बकाया भुगतान न होने से किसानों में रोष है। सहकारी गन्ना समिति सचिव टीएन त्रिपाठी ने बताया कि निर्धारित 14 दिन में भुगतान न करने पर नियमानुसार चीनी मिलों को कई बार नोटिस जारी किए जा चुके है। मामले की जानकारी उच्च अफसरों को देकर उनके निर्देशानुसार अगली कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसानों ने किया गन्ना विभाग के विरोध में प्रदर्शन
गांव पंडरी मरौरी के किसानों ने गन्ने की पर्चियां न मिलने को लेकर बुधवार  को गांव में गन्ना विभाग के विरोध मे प्रदर्शन और नारेबाजी की। गांव पंडरी मरौरी के किसान बुधवार को गांव के बाहर सड़क पर जमा हुए और गन्ना विभाग के विरोध में प्रदर्शन,  नारेबाजी करने लगे। किसानों का आरोप था कि गन्ना विभाग की अनदेखी के चलते उन लोगों को काफी समय से गन्ने  की पर्चियां नहीं मिल रही हैं, जिससे उन लोगों का गन्ना नहीं तुल पा रहा है। गन्ना खेतों में खड़ा सूख रहा है। पौन घंटे बाद किसानों ने प्रदर्शन स्वयं खत्म कर दिया। प्रदर्शन करने वालों में हरीश चंद्र, उमाशंकर,  जितेंद्र कुमार, लक्ष्मी देवी, माया देवी, अंजलि, रिषीकेश, प्रवेश कुमार,  गीता, राममुरारी, रेखा, बाबू सिंह, मंगल सिंह और हरीश चंद्र सिंह शामिल रहे।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed