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Pilibhit News: जनसामान्य को कर्तव्यों का बोध कराती है श्रीराम कथा
Fri, 18 Aug 2023 12:00 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 18 Aug 2023 12:00 AM IST
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गौरी शंकर मंदिर में कथा सुनाते कथावाचक । संवाद
बिलसंडा। श्रावण मास में संगीतमय श्रीराम कथा का श्रद्धालु रसपान कर रहे है। गौरीशंकर मंदिर में चल रही श्रीराम कथा में बृहस्पतिवार को कथा वाचक भरत देव ने कहा कि श्रीराम कथा कल्याणदायिनी और लोक मंगलकारी है। प्रभु श्रीराम का आचरण एवं व्यवहार अपनाने से जीवन आनंदमय हो जाता है।
उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदासजी महाराज ने श्रीराम कथा के माध्यम से मानव जीवन में संबंधों की महत्ता स्थापित की है। यही वजह है कि रामचरितमानस में गुरु, माता-पिता, पुत्र-पुत्री, भाई, मित्र, पति-पत्नी आदि के प्रति कर्तव्य बोध एवं सदाचरण की सीख हमें मिलती है। कथा में उन्होंने बताया कि भक्ति मार्ग में सुख शांति की प्रभा है, जहां आनंद की शीतल छाया मिलती है।
तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में श्रद्धा को भवानी और विश्वास को शंकर का प्रतिरूप मानते हुए दोनों की समवेत वंदना की है। कहा कि परमात्मा से जुड़ने के लिए श्रद्धा और विश्वास ही तो साधन बनता है। कथा की सार्थकता तब सिद्ध होती है, जब इसे हम दैनिक जीवन के व्यवहार में शामिल करते हैं। राम कथा सुनने से मन का शुद्धिकरण होता है।
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उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदासजी महाराज ने श्रीराम कथा के माध्यम से मानव जीवन में संबंधों की महत्ता स्थापित की है। यही वजह है कि रामचरितमानस में गुरु, माता-पिता, पुत्र-पुत्री, भाई, मित्र, पति-पत्नी आदि के प्रति कर्तव्य बोध एवं सदाचरण की सीख हमें मिलती है। कथा में उन्होंने बताया कि भक्ति मार्ग में सुख शांति की प्रभा है, जहां आनंद की शीतल छाया मिलती है।
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तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में श्रद्धा को भवानी और विश्वास को शंकर का प्रतिरूप मानते हुए दोनों की समवेत वंदना की है। कहा कि परमात्मा से जुड़ने के लिए श्रद्धा और विश्वास ही तो साधन बनता है। कथा की सार्थकता तब सिद्ध होती है, जब इसे हम दैनिक जीवन के व्यवहार में शामिल करते हैं। राम कथा सुनने से मन का शुद्धिकरण होता है।
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