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Pilibhit News: शारदा नदी उफान पर, तेज धार के कारण नहीं हुआ सामूहिक श्रमदान
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पूरनपुर क्षेत्र के गांव खरकिया बरगदिया के समीप उफनाई चल रही नदी।स्रोत: ग्रामीण
पूरनपुर। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से बुधवार को दूसरे दिन भी नदी उफान पर रही। नदी से निकले नालों में पानी भरा रहा। गांव खिरकिया बरगदिया के कई लोग सामूहिक श्रमदान करने के लिए बांस, बल्ली, तार लेकर नदी किनारे पहुंचे, लेकिन पानी की तेज धार के कारण कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। खिरकिया बरगदिया के लोग बृहस्पतिवार को काला दिवस मनाएंगे। बांह पर काली पट्टियां बांधकर धरना देंगे।
बुधवार को गांव राहुलनगर के समीप नदी ने जंगल की जमीन का कटान शुरू किया। गांव खिरकिया बरगदिया में दूसरे दिन सामूहिक श्रमदान को कई लोग नदी किनारे कटान रोकने के लिए पहुंचे, लेकिन नदी की तेज धार के कारण कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। इसके बाद गांव के लोगों ने बाढ़ खंड की ओर से दिए गए खाली कट्टों में मिट्टी भरी, ताकि जलस्तर कम होने पर मिट्टी भरे कट्टों को कटान रोकने के लिए नदी किनारे लगाया जा सके।
गांव निवासी विवेक सिंह चौहान ने बताया कि बुधवार को एकत्र हुए लोगों ने पांच सितंबर को विरोध प्रदर्शन की रणनीति तय की। कहा गया कि करीब एक महीने से जानकारी देने के बाद भी कटान रोकने के लिए कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। तय हुआ कि बृहस्पतिवार को बांहों पर काली पट्टी बांधकर ग्रामीण विरोध प्रदर्शन करेंगे।
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बुधवार को गांव राहुलनगर के समीप नदी ने जंगल की जमीन का कटान शुरू किया। गांव खिरकिया बरगदिया में दूसरे दिन सामूहिक श्रमदान को कई लोग नदी किनारे कटान रोकने के लिए पहुंचे, लेकिन नदी की तेज धार के कारण कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। इसके बाद गांव के लोगों ने बाढ़ खंड की ओर से दिए गए खाली कट्टों में मिट्टी भरी, ताकि जलस्तर कम होने पर मिट्टी भरे कट्टों को कटान रोकने के लिए नदी किनारे लगाया जा सके।
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गांव निवासी विवेक सिंह चौहान ने बताया कि बुधवार को एकत्र हुए लोगों ने पांच सितंबर को विरोध प्रदर्शन की रणनीति तय की। कहा गया कि करीब एक महीने से जानकारी देने के बाद भी कटान रोकने के लिए कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। तय हुआ कि बृहस्पतिवार को बांहों पर काली पट्टी बांधकर ग्रामीण विरोध प्रदर्शन करेंगे।
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