फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Scientists from Prayagraj came forward to tune the flute in Pilibhit.

Pilibhit News: पीलीभीत में बांसुरी के सुर साधने के लिए आगे आए प्रयागराज के वैज्ञानिक

Thu, 21 Sep 2023 11:31 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 21 Sep 2023 11:31 AM IST
विज्ञापन
Scientists from Prayagraj came forward to tune the flute in Pilibhit.
​शिवम कश्यप ।
पारि पुनर्स्थापन वन अनुसंधान केंद्र ने कल्याणपुर में लगाई पौध, एक हेक्टेयर में रोपी गई हैं बांस की विभिन्न प्रजातियां
विज्ञापन

अनूप शुक्ला
पीलीभीत। असम से बांस मंगवाकर जिले में बांसुरी की पहचान देने में जुटे कारीगरों के हाथों को और मजबूत करने और सुर साधने में पारि पुनर्स्थापन वन अनुसंधान केंद्र प्रयागराज के वैज्ञानिक आगे आए हैं। लंबे पत्राचार के बाद वहां के वैज्ञानिकों ने पीलीभीत आकर पास के गांव कल्याणपुर में बांस की पौध को लगवाया है। वैज्ञानिकों का यह प्रयास यदि सफल होता है तो जिले के बांसुरी उद्योग को पंख लग जाएंगे।
पीलीभीत की बनी बांसुरी देश ही नहीं विदेश में भी अपने सुरों से लोगों को कायल कर चुकी है। प्रदेश सरकार ने भी बांसुरी को एक जिला एक उत्पाद में शामिल किया है। मौजूदा समय में बांसुरी के उद्योग को आगे बढ़ाने में लगे कारीगरों के सामने समस्या खड़ी हो रही है। जिला या फिर प्रदेश में अन्य कहीं बांसुरी के लिए उपयुक्त बांस न होने के कारण धंधा काफी कम हो गया है।
विज्ञापन

बांसुरी के लिए बांस के पीस असम से मंगवाने पड़ रहे हैं। इसमें काफी खर्च आ रहा है। पूर्व में जिले में ही बांसुरी के लिए बांस का उत्पादन कराने की मांग उठती आई है। जो अब धरातल पर आ गई है। इसके लिए पारि पुनर्स्थापन वन अनुसंधान केंद्र प्रयागराज के वैज्ञानिक आगे आए हैं। प्रयागराज से केंद्र प्रमुख डॉ संजय सिंह के निर्देशन में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आलोक यादव, कनिष्ठ शोध सहायक सान्चिली वर्मा और परियोजना सहायक राहुल निषाद ने अनुसंधान के लिए कल्याणपुर गांव में एक हेक्टेयर में बांस की विभिन्न प्रजातियों का रोपण किया। इसकी देखरेख भी की जा रही है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन



--समाजिक कार्यकर्ता ने बांस उत्पादन को लेकर की थी पहल
शहर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता शिवम कश्यप एडवोकेट ने बांसुरी कारीगरों की समस्या को देखते हुए पारि अनुसंधान केंद्र के प्रमुख डॉ. संजय सिंह से पत्राचार किया था। उन्हें बताया कि जनपद पीलीभीत के एक जिला एक उत्पाद योजना में बांसुरी शामिल है। बावजूद इसके बांस असम से आता है। इस कारण यहां बांसुरी उद्योग प्रभावित हो रहा है। उनका कहना था कि यदि बांस का उत्पादन पीलीभीत में ही अन्य फसलों की भांति होने लगे तो यह जनपद के हित में होगा।

शिवम कश्यप ।

शिवम कश्यप ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed