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Pilibhit News: निकाली जाएंगी स्कूल चलो अभियान रैली, शामिल नहीं होंगे राजनीति से जुड़े लोग
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बेसिक स्कूलों में शत प्रतिशत पंजीकरण के लिए फिर चलेगा अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। बेसिक स्कूलों में शत प्रतिशत बच्चों का पंजीकरण कराने के लिए चुनाव के दौरान स्कूल चलो रैली का आयोजन नहीं हो पा रहा था। अब शासन ने आचार संहिता लागू होने के कारण इसके आयोजन में बदलाव किया है। नए आदेश में कहा गया है कि गांवों में रैली का आयोजन किया जाए, लेकिन राजनीति से जुड़े लोगों को शामिल न किया जाए।
पहली अप्रैल से नया शिक्षा सत्र आरंभ हो चुका है। बेसिक शिक्षा के स्कूलों में छह से 14 साल की आयु के बच्चों का पंजीकरण कराने के लिए डोर टू डोर सर्वे के आदेश जारी किए गए थे। इसमें कहा गया था कि अन्य विभागों से सहयोग लेकर रैली का आयोजन किया जाए।
इधर लोकसभा का चुनाव होने के कारण शिक्षकों की ड्यूटी निर्वाचन में लगा दी गई। इससे गांवों में रैली का आयोजन नहीं हो पाया। अब शासन ने इस आयोजन को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं। कहा गया है कि गांवों और शहर में बच्चों के पंजीकरण को लेकर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और रैली से राजनीति से जुड़े लोगों को दूर रखा जाए। कहा गया है कि गांव में प्रबंध समिति के लोगों के साथ बैठक कर शत प्रतिशत बच्चों को स्कूल लाया जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। बेसिक स्कूलों में शत प्रतिशत बच्चों का पंजीकरण कराने के लिए चुनाव के दौरान स्कूल चलो रैली का आयोजन नहीं हो पा रहा था। अब शासन ने आचार संहिता लागू होने के कारण इसके आयोजन में बदलाव किया है। नए आदेश में कहा गया है कि गांवों में रैली का आयोजन किया जाए, लेकिन राजनीति से जुड़े लोगों को शामिल न किया जाए।
पहली अप्रैल से नया शिक्षा सत्र आरंभ हो चुका है। बेसिक शिक्षा के स्कूलों में छह से 14 साल की आयु के बच्चों का पंजीकरण कराने के लिए डोर टू डोर सर्वे के आदेश जारी किए गए थे। इसमें कहा गया था कि अन्य विभागों से सहयोग लेकर रैली का आयोजन किया जाए।
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इधर लोकसभा का चुनाव होने के कारण शिक्षकों की ड्यूटी निर्वाचन में लगा दी गई। इससे गांवों में रैली का आयोजन नहीं हो पाया। अब शासन ने इस आयोजन को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं। कहा गया है कि गांवों और शहर में बच्चों के पंजीकरण को लेकर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और रैली से राजनीति से जुड़े लोगों को दूर रखा जाए। कहा गया है कि गांव में प्रबंध समिति के लोगों के साथ बैठक कर शत प्रतिशत बच्चों को स्कूल लाया जाए।
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