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हॉलमार्किंग कोड के विरोध में बंद रहा सराफा बाजार, कारोबारियों ने जताया विरोध
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पीलीभीत। ज्वेलरी में हॉलमार्क यूनिक आईडी को लेकर सराफा कारोबारियों ने आंशिक तौर पर बाजार बंद कर विरोध जताया। सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम बाबू सराफा ने कहा कि हॉलमार्क को लागू करने का हमने स्वागत किया, लेकिन यूनिक आईडी के लागू होने से कारोबार करना मुमकिन नहीं होगा। इसमें हर आभूषण की एक यूनिक आईडी जनरेट करनी होगी, जिसकी विक्रेता को इनमेंट्री दर्ज करनी होगी। यह व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है।
सरकार ने सराफा कारोबारियों के कारोबार में एक और नया कानून लागू किया है। जिसे एचयूआईडी का नाम दिया गया है। जो सरल भाषा में गोल्ड हॉलमार्किंग यूनिक कोड है। सरकार का मानना है कि इस कानून से ग्राहकों को शुद्ध सोना मिलेगा और उनके साथ गहनों की बिक्री में किसी तरह की ठगी नहीं हो सकेगी। लेकिन इस कानून ने सराफा कारोबारियों की मुसीबत बढ़ा दी है। इसलिए उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन के आह्वान पर जिले में एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम बाबू और महामंत्री शैली अग्रवाल ने सराफा एसोसिएशन से जुड़े निमित अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, प्रिंस अग्रवाल, विनीत अग्रवाल, आंचल रस्तोगी, पल्लव रस्तोगी, विकास, अमन सिंगल, प्रतीक अग्रवाल, कमल अग्रवाल, राकेश, साकेत अग्रवाल और अतुल ने सराफा बाजार बंद रखकर विरोध प्रदर्शन किया गया। सराफा कारोबारियों का कहना है कि वह हॉलमार्क का स्वागत करते हैं, लेकिन एचयूआईडी लागू करने से व्यापार कर पाना संभव नहीं है। हॉलमार्क यूनिक आईडी के विरोध में सोमवार को जिले के करीब छोटी बड़ी मिलाकर एक हजार सराफा कारोबारियों ने दुकान बंद कर अपना विरोध जताया। सराफा एसोसिएशन महामंत्री शैली अग्रवाल ने बताया कि सरकार का काला कानून है, जिसमें वह सराफा व्यापारी को फंसाना चाहती है। पहले यह बताया गया था कि हॉलमार्क की आईडी केवल सेंटर पर रहेगी, परंतु अब सेंटर द्वारा बताया जा रहा है कि इसमें पोर्टल का प्रयोग किया जाएगा। हम व्यापार करना चाहते है, मुनीम बनना नहीं चाहते है। दोपहर दो बजे तक आंशिक बंदी कर विरोध जताया था। जिसमें सभी व्यापारियों ने सहयोग किया।
आंशिक बंदी 30 लाख के कारोबार का नुकसान
शहर में सराफा की अधिकतर दुकानें बंद रही है। जिला महामंत्री शैली अग्रवाल ने बताया कि आंशिक बंदी सराफा कारोबार ठप रहा। इसमें करीब शहर के भीतर 30 लाख रुपये का नुकसान हुुआ है। सरकार को अपने फैसले में बदलाव करना चाहिए।
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सरकार ने सराफा कारोबारियों के कारोबार में एक और नया कानून लागू किया है। जिसे एचयूआईडी का नाम दिया गया है। जो सरल भाषा में गोल्ड हॉलमार्किंग यूनिक कोड है। सरकार का मानना है कि इस कानून से ग्राहकों को शुद्ध सोना मिलेगा और उनके साथ गहनों की बिक्री में किसी तरह की ठगी नहीं हो सकेगी। लेकिन इस कानून ने सराफा कारोबारियों की मुसीबत बढ़ा दी है। इसलिए उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन के आह्वान पर जिले में एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम बाबू और महामंत्री शैली अग्रवाल ने सराफा एसोसिएशन से जुड़े निमित अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, प्रिंस अग्रवाल, विनीत अग्रवाल, आंचल रस्तोगी, पल्लव रस्तोगी, विकास, अमन सिंगल, प्रतीक अग्रवाल, कमल अग्रवाल, राकेश, साकेत अग्रवाल और अतुल ने सराफा बाजार बंद रखकर विरोध प्रदर्शन किया गया। सराफा कारोबारियों का कहना है कि वह हॉलमार्क का स्वागत करते हैं, लेकिन एचयूआईडी लागू करने से व्यापार कर पाना संभव नहीं है। हॉलमार्क यूनिक आईडी के विरोध में सोमवार को जिले के करीब छोटी बड़ी मिलाकर एक हजार सराफा कारोबारियों ने दुकान बंद कर अपना विरोध जताया। सराफा एसोसिएशन महामंत्री शैली अग्रवाल ने बताया कि सरकार का काला कानून है, जिसमें वह सराफा व्यापारी को फंसाना चाहती है। पहले यह बताया गया था कि हॉलमार्क की आईडी केवल सेंटर पर रहेगी, परंतु अब सेंटर द्वारा बताया जा रहा है कि इसमें पोर्टल का प्रयोग किया जाएगा। हम व्यापार करना चाहते है, मुनीम बनना नहीं चाहते है। दोपहर दो बजे तक आंशिक बंदी कर विरोध जताया था। जिसमें सभी व्यापारियों ने सहयोग किया।
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आंशिक बंदी 30 लाख के कारोबार का नुकसान
शहर में सराफा की अधिकतर दुकानें बंद रही है। जिला महामंत्री शैली अग्रवाल ने बताया कि आंशिक बंदी सराफा कारोबार ठप रहा। इसमें करीब शहर के भीतर 30 लाख रुपये का नुकसान हुुआ है। सरकार को अपने फैसले में बदलाव करना चाहिए।
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