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सम्मान निधि: टीचर समझ के बीस शिक्षामित्रों को भेज दिया रिकवरी का नोटिस
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पीलीभीत। किसान सम्मान निधि का सोशल ऑडिट चल रहा है। इसमें तमाम लोग अपात्र मिल रहे हैं। इनमें कई शिक्षक भी हैं, लेकिन इसमें दिलचस्प बात सामने आई है कि शिक्षक से फिर शिक्षामित्र बने लोगों को भी नोटिस जारी किए गए हैं। अब वह विभाग के चक्कर काट रहे हैं।
दरअसल पीएम किसान सम्मान निधि तमाम ऐसे भी लोग ले रहे थे जो पात्र नहीं थे। विभाग ने 84980 किसानों को डिफाल्टर पाया। करीब चौदह हजार से रिकवरी भी होनी है। अपात्रों को सूची से बाहर करने के लिए सोशल ऑडिट कराया गया। इसमें तमाम लोग आयकरदाता, इंजीनियर, डॉक्टर, नौकरीपेशा और भूमिहीन निकले। विभाग ने इनको रिकवरी का नोटिस जारी किया। इसमें कई शिक्षामित्र भी शामिल हैं। दरअसल सपा सरकार जाने के बाद भाजपा सरकार में शिक्षामित्रों का समायोजन रद कर दिया था। ऐसे शिक्षक फिर शिक्षामित्र बन गए। समायोजन रद्द होने के बाद भी सम्मान निधि मिलती रही। हालांकि एक चीज बदल गई कि वह शिक्षक से फिर शिक्षामित्र हो गए। सोशल ऑडिट के लिए जब आयकर विभाग से डाटा लिया गया तो उनके भी नाम शामिल हो गए जो शिक्षक से फिर शिक्षामित्र बन गए थे। विभाग ने उनको भी रिकवरी को नोटिस जारी कर दिया। अब वह लोग विभाग के चक्कर काट रहे है।
सोशल ऑडिट में कुछ शिक्षक मिले थे जो योजना का लाभ ले रहे थे। उनको नोटिस जारी किए गए थे। अब वह शिक्षामित्र हैं या शिक्षक, कुछ कह नहीं सकते। हालांकि कुछ जवाब आए हैं जिसमें वह शिक्षामित्र होने की बात कह रहे हैं। जो नियम विरुद्ध योजना का लाभ ले रहा होगा उससे रिकवरी कराई जाएगी। -दिनेश कुमार सिंह, उप निदेशक कृषि
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दरअसल पीएम किसान सम्मान निधि तमाम ऐसे भी लोग ले रहे थे जो पात्र नहीं थे। विभाग ने 84980 किसानों को डिफाल्टर पाया। करीब चौदह हजार से रिकवरी भी होनी है। अपात्रों को सूची से बाहर करने के लिए सोशल ऑडिट कराया गया। इसमें तमाम लोग आयकरदाता, इंजीनियर, डॉक्टर, नौकरीपेशा और भूमिहीन निकले। विभाग ने इनको रिकवरी का नोटिस जारी किया। इसमें कई शिक्षामित्र भी शामिल हैं। दरअसल सपा सरकार जाने के बाद भाजपा सरकार में शिक्षामित्रों का समायोजन रद कर दिया था। ऐसे शिक्षक फिर शिक्षामित्र बन गए। समायोजन रद्द होने के बाद भी सम्मान निधि मिलती रही। हालांकि एक चीज बदल गई कि वह शिक्षक से फिर शिक्षामित्र हो गए। सोशल ऑडिट के लिए जब आयकर विभाग से डाटा लिया गया तो उनके भी नाम शामिल हो गए जो शिक्षक से फिर शिक्षामित्र बन गए थे। विभाग ने उनको भी रिकवरी को नोटिस जारी कर दिया। अब वह लोग विभाग के चक्कर काट रहे है।
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सोशल ऑडिट में कुछ शिक्षक मिले थे जो योजना का लाभ ले रहे थे। उनको नोटिस जारी किए गए थे। अब वह शिक्षामित्र हैं या शिक्षक, कुछ कह नहीं सकते। हालांकि कुछ जवाब आए हैं जिसमें वह शिक्षामित्र होने की बात कह रहे हैं। जो नियम विरुद्ध योजना का लाभ ले रहा होगा उससे रिकवरी कराई जाएगी। -दिनेश कुमार सिंह, उप निदेशक कृषि
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