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Pilibhit News: साहिल ने कहा-बचने की उम्मीद खो चुके थे हम
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ऊपर हेलिकॉप्टर उड़ते देखा तो आई जान में जान, बाद में सेना के जवानों ने उसे और छह साथियों को बचाया
संवाद न्यूज एजेंसी
पूरनपुर (पीलीभीत)। जंगल किनारे आबादी से दूर गैर आबाद ग्राम बिनौरा ताल्लुके गजरौला में पशुओं के साथ गौढ़ी में रहने वालों के सामने भयावह मंजर अक्सर आते हैं, मगर बाढ़ के पानी में फंसने, कई भैंसों के बहने का वाकया पहला था। बाढ़ आने पर छह साथियों के साथ फंसे साहिल का कहना था कि उसने और उसके छह साथियों ने जान बचने की उम्मीद खो दी थी पर सेना के जवानों ने सभी को बचा लिया।
गांव में हेलिकाॅप्टर से उतरने के बाद साहिल और उसके छह साथियों को ग्रामीणों ने घेर लिया और पूरे मामले की जानकारी करने लगे। साहिल ने बताया कि सोमवार को जब गौढ़ी (जानवर रखने का स्थान) में पानी भरना शुरू हुआ तब वह छह अन्य साथियों के साथ झोंपड़ी के ऊपर चढ़ गया। सभी राहत टीम के आने का इंतजार करते रहे। सोमवार को उनका खाना भी खत्म हो गया। उन्होंने बचने की उम्मीद खो दी और ऊपर वाले को याद करने लगे।
मंगलवार को हेलिकाॅप्टर मंडराने पर बचने की कुछ आस जगी। मगर हेलिकाॅप्टर कुछ देर बाद चला गया। कुछ देर बाद वह पुन: आया। वह और उसके छह साथी झोंपड़ी से उतर कर तैरते हुए उस स्थान पर पहुंचे जहां पानी कम था। एक जवान ने हेलिकाॅप्टर से लटककर उसे पकड़ लिया और अंदर बैठा लिया। बाद में अन्य साथियों को भी एयरलिफ्ट कर लिया गया। साहिल ने बताया-इससे पहले एक बार तो उसके साथियों ने हेलिकॉप्टर में आने से मना कर दिया पर बाद में मान गए। संवाद
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ऐसे किया सात ग्रामीणों को एयरलिफ्ट
बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे वायुसेना का हेलिकाॅप्टर ढक्काचांट ग्राम पहुंचा। गांव के समीप एक खेत में सेना के जवानों ने हेलिकाॅप्टर को उतार कर फंसे लोगों की जानकारी की और फिर उड़ान भरी। करीब एक घंटे बाद तक फंसे लोग न मिलने पर हेलिकाॅप्टर फिर उसी स्थान पर उतर गया। सेना के लोगों ने गांव के लोगों से फंसे लोगों की लोकेशन पूछी। गांव वालों ने लोगों के झोंपड़ी के ऊपर फंसे होने की जानकारी दी। इसके बाद एक बार फिर हेलिकाॅप्टर ने उड़ान भरी। उड़ते हेलिकाॅप्टर से एक जवान लटकता हुआ फंसे लोगों के पास पहुंचा और सात ग्रामीणों को रेस्क्यू कर लिया। जिन लोगों को एयरलिफ्ट किया गया उसमें रामआसरे, मुजफ्फर, सहबर, साहिल, रेबान, क्षत्रपाल और जागेश्वर शामिल रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पूरनपुर (पीलीभीत)। जंगल किनारे आबादी से दूर गैर आबाद ग्राम बिनौरा ताल्लुके गजरौला में पशुओं के साथ गौढ़ी में रहने वालों के सामने भयावह मंजर अक्सर आते हैं, मगर बाढ़ के पानी में फंसने, कई भैंसों के बहने का वाकया पहला था। बाढ़ आने पर छह साथियों के साथ फंसे साहिल का कहना था कि उसने और उसके छह साथियों ने जान बचने की उम्मीद खो दी थी पर सेना के जवानों ने सभी को बचा लिया।
गांव में हेलिकाॅप्टर से उतरने के बाद साहिल और उसके छह साथियों को ग्रामीणों ने घेर लिया और पूरे मामले की जानकारी करने लगे। साहिल ने बताया कि सोमवार को जब गौढ़ी (जानवर रखने का स्थान) में पानी भरना शुरू हुआ तब वह छह अन्य साथियों के साथ झोंपड़ी के ऊपर चढ़ गया। सभी राहत टीम के आने का इंतजार करते रहे। सोमवार को उनका खाना भी खत्म हो गया। उन्होंने बचने की उम्मीद खो दी और ऊपर वाले को याद करने लगे।
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मंगलवार को हेलिकाॅप्टर मंडराने पर बचने की कुछ आस जगी। मगर हेलिकाॅप्टर कुछ देर बाद चला गया। कुछ देर बाद वह पुन: आया। वह और उसके छह साथी झोंपड़ी से उतर कर तैरते हुए उस स्थान पर पहुंचे जहां पानी कम था। एक जवान ने हेलिकाॅप्टर से लटककर उसे पकड़ लिया और अंदर बैठा लिया। बाद में अन्य साथियों को भी एयरलिफ्ट कर लिया गया। साहिल ने बताया-इससे पहले एक बार तो उसके साथियों ने हेलिकॉप्टर में आने से मना कर दिया पर बाद में मान गए। संवाद
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ऐसे किया सात ग्रामीणों को एयरलिफ्ट
बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे वायुसेना का हेलिकाॅप्टर ढक्काचांट ग्राम पहुंचा। गांव के समीप एक खेत में सेना के जवानों ने हेलिकाॅप्टर को उतार कर फंसे लोगों की जानकारी की और फिर उड़ान भरी। करीब एक घंटे बाद तक फंसे लोग न मिलने पर हेलिकाॅप्टर फिर उसी स्थान पर उतर गया। सेना के लोगों ने गांव के लोगों से फंसे लोगों की लोकेशन पूछी। गांव वालों ने लोगों के झोंपड़ी के ऊपर फंसे होने की जानकारी दी। इसके बाद एक बार फिर हेलिकाॅप्टर ने उड़ान भरी। उड़ते हेलिकाॅप्टर से एक जवान लटकता हुआ फंसे लोगों के पास पहुंचा और सात ग्रामीणों को रेस्क्यू कर लिया। जिन लोगों को एयरलिफ्ट किया गया उसमें रामआसरे, मुजफ्फर, सहबर, साहिल, रेबान, क्षत्रपाल और जागेश्वर शामिल रहे।