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Pilibhit News: गोमती के उद्गम स्थल फुलहर झील में जलस्तर वृद्धि, तटीय क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने पर जोर

Tue, 12 May 2026 01:39 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2026 01:39 AM IST
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Rising water level in Fulhar Lake, source of Gomti river, emphasis on removal of encroachments from coastal areas
पीलीभीत। मां गोमती के संरक्षण, पुनर्जीवन एवं उद्गम क्षेत्र में जलस्तर वृद्धि को लेकर गोमती दर्शन संस्था के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह से भेंट की। इस दौरान गोमती के उद्गम स्थल फुलहर झील में जलस्तर वृद्धि, वेटलैंड्स संरक्षण, तटीय एवं डब क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने व शारदा नहर के जल को उद्गम स्थल से जोड़ने के विभिन्न उपायों पर चर्चा की। इस बात पर विशेष बल दिया कि ऐसे प्रयास किए जाएं, जिनसे किसानों का भविष्य भी सुरक्षित रहे और मां गोमती की अविरल धारा भी निरंतर प्रवाहित होती रहे। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को प्रशस्ति पत्र भेंट कर मां गोमती के पुनरुद्धार एवं संरक्षण के लिए उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना कर सम्मानित किया।
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बैठक में प्रतिनिधिमंडल में शामिल संस्था के संयोजक एडवोकेट अनुराग पांडे, अध्यक्ष श्वेता सिंह एवं सोशल मीडिया प्रभारी गुड्डू पांडे ने यह महत्वपूर्ण सुझाव दिया कि नदी तटीय क्षेत्रों में बने हरियाली पट्टों को तत्काल निरस्त कर उन क्षेत्रों में तहसील प्रशासन के माध्यम से व्यवस्थित एवं व्यापक पौधरोपण कराया जाए। इस दिशा में सहमति भी बनती नजर आई।
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गोमती दर्शन संस्था ने गोमती के बेसिन क्षेत्र में खुदाई के बाद निकाली जा रही मिट्टी के वैज्ञानिक एवं सुव्यवस्थित प्रबंधन की आवश्यकता पर भी ध्यान आकर्षित किया। कहा कि यदि मिट्टी को ठीक प्रकार से व्यवस्थित नहीं किया तो वर्षा के दौरान वही मिट्टी पुनः बहकर बेसिन क्षेत्र में पहुंच सकती है और नदी के प्रवाह को प्रभावित कर सकती है। प्राचीन जलस्रोतों एवं जलधाराओं का चिह्नीकरण करने, नदी में प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट न डालने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाने तथा मानव श्रृंखला बनाकर अधिक से अधिक लोगों को गोमती संरक्षण अभियान से जोड़ने पर भी विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने नदी संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए जनसहभागिता आधारित प्रयासों को आवश्यक बताया। संवाद
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