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सेवा निवृत्त शिक्षक की तेज बुखार से मौत
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Sun, 23 Oct 2016 12:39 AM IST
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मोहल्ला ग्यासपुर में एक सेवा निवृत्त शिक्षक की तेज बुखार की चपेट में आकर मृत्यु हो गई। इसी के साथ इस क्षेत्र में तेज बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़ कर पांच हो गई है।
मोहल्ला ग्यासपुर निवासी मोहम्मद तौफीक ने बताया कि उनके बड़े भाई सेवानिवृत्त बेसिक शिक्षक 65 वर्षीय मोहम्मद अनीस तीन दिन पूर्व तेज बुखार की चपेट में आ गए थे। नगर के एक प्राइवेट अस्पताल में उपचार कराने पर भी जब कोई लाभ नहीं हुआ, तभी उन्हें बरेली के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां भी जब कोई लाभ नहीं हुआ, तभी उन्हें भोजीपुरा के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार की रात उनकी मृत्यु हो गई। शव आते ही घर में कोहराम मच गया। शनिवार को गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस बावत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. ठाकुरदास ने तेज बुखार से हुई मौत के प्रति अनभिज्ञता व्यक्त करते हुए सोमवार को टीम भेजकर जांच कराने की बात कही है। बताते चलें कि इससे पहले तेज बुखार से चार अक्तूबर को मोहल्ला ग्यासपुर निवासी हबीव खां की चार वर्षीय पुत्नी शकीला बानो, 11 अक्तूबर को मोहल्ला हबीबुल्ला खां जनूबी के 36 वर्षीय गुड्डू, 16 अक्तूबर को गांव रसायाखानपुर के आबिद हुसैन के तीन वर्षीय पुत्र अरसान और 17 अक्तूबर को मोहल्ला दुबे निवासी सर्वेश सिंह के 19 वर्षीय पुत्र अमित की भी तेज बुखार की चपेट में आकर मृत्यु हो गई थी। इस प्रकार बीते 18 दिनों में इस क्षेत्र के पांच लोगों की तेज बुखार की चपेट में आकर मृत्यु हो चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन मौतों को बुखार से होना भी नहीं मान रहे हैं।
मोहल्ला ग्यासपुर निवासी मोहम्मद तौफीक ने बताया कि उनके बड़े भाई सेवानिवृत्त बेसिक शिक्षक 65 वर्षीय मोहम्मद अनीस तीन दिन पूर्व तेज बुखार की चपेट में आ गए थे। नगर के एक प्राइवेट अस्पताल में उपचार कराने पर भी जब कोई लाभ नहीं हुआ, तभी उन्हें बरेली के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां भी जब कोई लाभ नहीं हुआ, तभी उन्हें भोजीपुरा के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार की रात उनकी मृत्यु हो गई। शव आते ही घर में कोहराम मच गया। शनिवार को गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस बावत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. ठाकुरदास ने तेज बुखार से हुई मौत के प्रति अनभिज्ञता व्यक्त करते हुए सोमवार को टीम भेजकर जांच कराने की बात कही है। बताते चलें कि इससे पहले तेज बुखार से चार अक्तूबर को मोहल्ला ग्यासपुर निवासी हबीव खां की चार वर्षीय पुत्नी शकीला बानो, 11 अक्तूबर को मोहल्ला हबीबुल्ला खां जनूबी के 36 वर्षीय गुड्डू, 16 अक्तूबर को गांव रसायाखानपुर के आबिद हुसैन के तीन वर्षीय पुत्र अरसान और 17 अक्तूबर को मोहल्ला दुबे निवासी सर्वेश सिंह के 19 वर्षीय पुत्र अमित की भी तेज बुखार की चपेट में आकर मृत्यु हो गई थी। इस प्रकार बीते 18 दिनों में इस क्षेत्र के पांच लोगों की तेज बुखार की चपेट में आकर मृत्यु हो चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन मौतों को बुखार से होना भी नहीं मान रहे हैं।
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