{"_id":"65a52628eb46fc9ac5004d1c","slug":"reluctance-to-give-information-about-allotted-shops-in-the-market-pilibhit-news-c-121-1-pbt1001-10768-2024-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: मंडी में आवंटित दुकानों के बारे में जानकारी देने में आनाकानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: मंडी में आवंटित दुकानों के बारे में जानकारी देने में आनाकानी
विज्ञापन
- दिसंबर से सिटी मजिस्ट्रेट मंडी सचिव से मांग रहे दुकानों का पूरा विवरण
- जब व्यापारी ने आरटीआई से जवाब मांगा तो भी नहीं दी गई जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। मंडी समिति में करीब 250 दुकानों के आवंटन में गोलमाल को लेकर शिकायत के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने दुकानों के संबंध में जानकारी मांगी थी, जिसे मंडी प्रशासन ने अब तक उपलब्ध नहीं कराया है। इधर जब एक व्यापारी नेता ने दुकानों को लेकर आरटीआई के तहत सूचना मांगी तो उनको भी गोलमोल जवाब दिया गया। आवंटियों की सूची नहीं दी गई।
मंडी समिति में किसान बाजार की करीब 250 दुकानों को लेकर डीएम के पास शिकायत हुई थी। इसमें कहा गया था कि दुकान किसी और के नाम पर आवंटित की गईं हैं, जबकि इनपर काबिज कोई और है।
डीएम के निर्देश पर सभापति सुनील कुमार सिंह ने मंडी सचिव से सभी दुकानों को लेकर आवंटियों के नाम सहित कई बिंदुओं पर पूरा विवरण मांगा था। जिस पर सचिव ने अपने स्तर से जांच कराने की बात कहते हुए मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
विज्ञापन
इधर दुकानों में फर्जीवाड़े को लेकर व्यापारी नेता मोहल्ला थान सिंह के संजीव मिश्रा ने भी जन सूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी। इसमें उन्होंने किसान बाजार के ले आउट का नक्शा देने की मांग भी की। इसपर उनको बताया गया कि मंडी से इसका कोई लेनादेना नहीं है।
दुकानों के मालिकों की सूची और किराया मांगने के जवाब में जन सूचना अधिकारी रूप नरायन ने इसे वाणिज्यिक विश्वास व्यापार गोपनीयता का मानते हुए जानकारी देने से इन्कार कर दिया। दुकानों पर मौजूदा समय में काबिज लोगों की सूची देने के जवाब में भी मंडी अभिलेखों में दुकान आवंटी के पास ही होने की जानकारी देते हुए सूची को नहीं दिया गया।
विज्ञापन
- जब व्यापारी ने आरटीआई से जवाब मांगा तो भी नहीं दी गई जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। मंडी समिति में करीब 250 दुकानों के आवंटन में गोलमाल को लेकर शिकायत के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने दुकानों के संबंध में जानकारी मांगी थी, जिसे मंडी प्रशासन ने अब तक उपलब्ध नहीं कराया है। इधर जब एक व्यापारी नेता ने दुकानों को लेकर आरटीआई के तहत सूचना मांगी तो उनको भी गोलमोल जवाब दिया गया। आवंटियों की सूची नहीं दी गई।
मंडी समिति में किसान बाजार की करीब 250 दुकानों को लेकर डीएम के पास शिकायत हुई थी। इसमें कहा गया था कि दुकान किसी और के नाम पर आवंटित की गईं हैं, जबकि इनपर काबिज कोई और है।
विज्ञापन
डीएम के निर्देश पर सभापति सुनील कुमार सिंह ने मंडी सचिव से सभी दुकानों को लेकर आवंटियों के नाम सहित कई बिंदुओं पर पूरा विवरण मांगा था। जिस पर सचिव ने अपने स्तर से जांच कराने की बात कहते हुए मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
विज्ञापन
इधर दुकानों में फर्जीवाड़े को लेकर व्यापारी नेता मोहल्ला थान सिंह के संजीव मिश्रा ने भी जन सूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी। इसमें उन्होंने किसान बाजार के ले आउट का नक्शा देने की मांग भी की। इसपर उनको बताया गया कि मंडी से इसका कोई लेनादेना नहीं है।
दुकानों के मालिकों की सूची और किराया मांगने के जवाब में जन सूचना अधिकारी रूप नरायन ने इसे वाणिज्यिक विश्वास व्यापार गोपनीयता का मानते हुए जानकारी देने से इन्कार कर दिया। दुकानों पर मौजूदा समय में काबिज लोगों की सूची देने के जवाब में भी मंडी अभिलेखों में दुकान आवंटी के पास ही होने की जानकारी देते हुए सूची को नहीं दिया गया।