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बाल रोगियों को देखे बिना कक्ष से निकाला बाहर, तीमारदारों ने किया हंगामा
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जिला अस्पताल में बच्चे का इलाज ना करने पर हंगामा करता बच्चे का पिता। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। जिला अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने गए मरीज को कक्ष से बाहर निकाल दिया गया। आरोप है कि डॉक्टर ने बच्चे को देखने से इन्कार कर दिय। इस पर तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि डॉक्टर का कहना है कि उन्होंने महज मास्क लगाकर आने की बात कही थी।
जिला अस्पताल में पिछले कुछ दिनों से अव्यवस्थाएं हावी हैं। डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों को बहुत परेशानी उठानी पड़ रही है। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नीता सक्सेना कक्ष में बैठी थीं। शहर निवासी मोहम्मद जाहिद अपनी छह वर्षीय बच्ची इनाया के मुंह में तकलीफ होने पर उसे दिखाने पहुंचे।
जाहिद का कहना है कि पर्चा बनवाने के बाद जैसे ही बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष में पहुंचे तो डॉ. नीता ने देखने से इन्कार कर दिया। बच्चे को बाहर निकालने लगीं। बच्ची को क्या परेशानी है, यह भी नहीं सुना। इस पर वह बाहर आ गए। अपने एक साल के बच्चे को दिखाने के लिए पहुंची महिला ने बताया कि उसके साथ भी ऐसा व्यवहार किया गया है।
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तीमारदारों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने बच्चों को देखने से इन्कार करते हुए कक्ष से बाहर निकाल दिया। इधर, डॉ. नीता सक्सेना ने बताया कि कक्ष के प्रभारी डॉक्टर शरद गुप्ता कैंसर पीड़ित हैं। इसलिए कक्ष में आने वाले मरीजों का ध्यान रखा जाता है। मरीज और तीमारदार बिना मास्क लगाकर पहुंचे थे, उन्हें मास्क लगाकर आने को बोला गया था।
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जिला अस्पताल में पिछले कुछ दिनों से अव्यवस्थाएं हावी हैं। डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों को बहुत परेशानी उठानी पड़ रही है। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नीता सक्सेना कक्ष में बैठी थीं। शहर निवासी मोहम्मद जाहिद अपनी छह वर्षीय बच्ची इनाया के मुंह में तकलीफ होने पर उसे दिखाने पहुंचे।
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जाहिद का कहना है कि पर्चा बनवाने के बाद जैसे ही बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष में पहुंचे तो डॉ. नीता ने देखने से इन्कार कर दिया। बच्चे को बाहर निकालने लगीं। बच्ची को क्या परेशानी है, यह भी नहीं सुना। इस पर वह बाहर आ गए। अपने एक साल के बच्चे को दिखाने के लिए पहुंची महिला ने बताया कि उसके साथ भी ऐसा व्यवहार किया गया है।
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तीमारदारों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने बच्चों को देखने से इन्कार करते हुए कक्ष से बाहर निकाल दिया। इधर, डॉ. नीता सक्सेना ने बताया कि कक्ष के प्रभारी डॉक्टर शरद गुप्ता कैंसर पीड़ित हैं। इसलिए कक्ष में आने वाले मरीजों का ध्यान रखा जाता है। मरीज और तीमारदार बिना मास्क लगाकर पहुंचे थे, उन्हें मास्क लगाकर आने को बोला गया था।