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Pilibhit News: गन्ना और धान की फसल के लिए वरदान साबित हो रही बारिश
Wed, 23 Aug 2023 11:53 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 23 Aug 2023 11:53 PM IST
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धान की फसल ।
पूरनपुर। क्षेत्र में बारिश न होने से किसानों को धान की फसल की सिंचाई ट्यूबवेल और पंपिंग सेट से करनी पड़ रही थी। इसका सीधा असर फसल की लागत पर पड़ रहा था। इससे किसान चिंतित थे। मंगलवार से हो रही बरसात से किसानों के साथ ही जनमानस को भी राहत मिली है। गन्ना और धान की फसल की लिए यह बारिश वरदान साबित हो रही है।
धान की फसल में रोपाई के समय से ही अत्यधिक पानी की आवश्यकता होती है। इस बार बारिश कम होने से किसान परेशान थे। वे धान की फसल को बचाने के लिए ट्यूबवेल और पंपिंग सेट से सिंचाई कर रहे थे। इससे लागत लगातार बढ़ रही थी। किसान कई दिनों से बारिश होने का इंतजार कर रहे थे।
मंगलवार सुबह से बारिश शुरू हुई तो किसान खुशी से झूम उठे। दिन भर रुक-रुककर बरसात होती रही, जो बुधवार को भी पूरे दिन जारी रही। इससे धान के खेतों में पानी भर गया। कुछ दिनों तक किसानों को अब निजी संसाधनों से सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। लागत का भार कम होने से किसानों ने राहत महसूस की है।
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धान के लिए उर्वरक का काम रही बारिश
दो दिनों से हो रही बारिश फसलों के लिए लाभदायक साबित हो रही है। बारिश न होने से किसान धान की फसल की सिंचाई को लेकर परेशान थे। हर तीसरे दिन उन्हें फसल में निजी संसाधनों से पानी लगाना पड़ रहा था। इसके साथ ही सूंड़ी का प्रकोप भी बढ़ रहा था। दो दिनों से हो रही बरसात से पारा लुढ़क गया है। खेतों में पर्याप्त पानी भरा होने से किसानों ने सिंचाई बंद कर दी है। तापमान घटने से सूंड़ी का प्रकोप कम हो गया है। किसानों का कहना है कि अब उन्हें कीटनाशक का छिड़काव करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
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धान की फसल में रोपाई के समय से ही अत्यधिक पानी की आवश्यकता होती है। इस बार बारिश कम होने से किसान परेशान थे। वे धान की फसल को बचाने के लिए ट्यूबवेल और पंपिंग सेट से सिंचाई कर रहे थे। इससे लागत लगातार बढ़ रही थी। किसान कई दिनों से बारिश होने का इंतजार कर रहे थे।
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मंगलवार सुबह से बारिश शुरू हुई तो किसान खुशी से झूम उठे। दिन भर रुक-रुककर बरसात होती रही, जो बुधवार को भी पूरे दिन जारी रही। इससे धान के खेतों में पानी भर गया। कुछ दिनों तक किसानों को अब निजी संसाधनों से सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। लागत का भार कम होने से किसानों ने राहत महसूस की है।
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धान के लिए उर्वरक का काम रही बारिश
दो दिनों से हो रही बारिश फसलों के लिए लाभदायक साबित हो रही है। बारिश न होने से किसान धान की फसल की सिंचाई को लेकर परेशान थे। हर तीसरे दिन उन्हें फसल में निजी संसाधनों से पानी लगाना पड़ रहा था। इसके साथ ही सूंड़ी का प्रकोप भी बढ़ रहा था। दो दिनों से हो रही बरसात से पारा लुढ़क गया है। खेतों में पर्याप्त पानी भरा होने से किसानों ने सिंचाई बंद कर दी है। तापमान घटने से सूंड़ी का प्रकोप कम हो गया है। किसानों का कहना है कि अब उन्हें कीटनाशक का छिड़काव करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।