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बारिश से सरसों को नुकसान, गेहूं को लाभ 

Mon, 12 Feb 2018 09:17 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत Updated Mon, 12 Feb 2018 09:17 PM IST
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rain brings relief for farmers
women
सोमवार सुबह हुई हल्की बारिश के साथ मौसम ने एक बार फिर करवट ली। रिमझिम बारिश के साथ चलती हवाओं ने मौसम के मिजाज को और ठंडा कर दिया। दोपहर कुछ समय के लिए बारिश रुकी भी, लेकिन इसके बाद फिर बूंदाबांदी शुरू हो गई। इसके चलते लगभग विदा हो चुकी ठंड एक बार फिर लौट आई। गन्ना व गेहूं के किसानों को इसका लाभ पहुंचा है, लेकिन लाही की खेती को थोड़ा बहुत नुकसान होना बताया जा रहा है।
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सोमवार भोर से ही आसमान में काले बादल छा गए थे। सुबह सात बजे से अचानक बारिश शुरू होने लगी। पहले बूंदाबांदी फिर कुछ देर के लिए तेज बारिश हुई। इसी के साथ मौसम ठंडा हो गया। बारिश के साथ चलती ठंडी हवाओं से लोग सुबह कांप उठे। रुक-रुक कर बारिश होने का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा। इससे लोगों को आवागमन में खासी परेशानी हुई। बीच-बीच में कड़कती बिजली लोगों के दिलों की धड़कने बढ़ाती रही। बाजार में चहलपहल रोज की अपेक्षा कम रही। 
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कहीं कीचड़ तो कहीं जल भराव
इस हल्की बारिश से शहर के स्टेशन चौराहा पर निकास अभाव में पानी भर गया। जिससे लोगों को आवागमन में काफी असुविधा हुई। शहर की मंडी समिति, सब्जी मंडी, मछली मंडी, गल्ला मंडी आदि स्थानों पर नालियों का गंदा पानी व कीचड़ सड़क पर आ जाने से लोगों को आवागमन में खासी दिक्कत हुई।
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गेहूं, गन्ने को लाभ, सरसों को नुकसान
कृषि वैज्ञानक डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि हल्की बारिश हुई है। जिले के किसानों द्वारा करीब 5500 हेक्टेयर क्षेत्र में लाही (सरसों) की फसल बोई गई है। इसमें आधी से अधिक फसल लगभग पक कर तैयार हैं। इन फसल को इस बारिश से फिलहाल मामूली नुकसान है। किसानों का संकट अभी टला नहीं है। मंगलवार को भी बारिश व ओलावृष्टि का पूर्वानुमान है। अगर ओलावृष्टि होती है तो लाही की फसल को 50 फीसदी तक नुकसान हो सकता है। गेहूं व गन्ने की फसल के लिए यह बारिश मुफीद साबित हुई है। लेकिन पूरनपुर के क्षेत्र के कुछ किसान ऐसे भी हैं जिनकी गेहूं की फसल बारिश के साथ हवा चलने के कारण गिर गई है। 

किसानों की जुबानी सरसों की तैयार फसल को हुआ नुकसान

खेत में सरसों व मटर की फसल तैयार है। उसे नुकसान पहुंचा है। हवाओं के चलने से सरसों गिर भी गई है। जिससे कटाई के दौरान भी नुकसान बढ़ सकता है। बारिश में सरसों की फली फूटने के कारण खेत में झड़ने से उत्पादन में भी कमी आएगी।
मिढ़ई लाल, किसान

गेहूं के लिए बारिश बनी वरदान

गेहूं के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। इस समय गेहूं की फसल को पानी की जरूरत थी। बारिश होने से पानी लगाने की जरूरत नहीं पढ़ेगी। गन्ने की फसल को भी फायदा हुआ है। अगर बारिश कुछ ज्यादा होती है तो गन्ना गिरने की संभावना बढ़ सकती है।
झाझन लाल, किसान

रहे सतर्क, वायरल हो सकता
पिछले कई दिनों से गर्मी पड़ रही थी। बिन मौसम हुई बारिश से इंफेक्शन का वायरस सक्रिय हो जाता है। इससे वायरल बुखार का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वह ठंड से बचे। स्वास्थ्य खराब न हो इसके लिए ठंड से बचे। दिक्कत महसूस होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।

डॉ. ज्ञान प्रकाश, सर्जन

बीसलपुर में रविवार रात से होती रही बारिश
रविवार की रात से सोमवार को दोपहर तक हुई बारिश से सर्दी में काफी इजाफा हो गया है। लोग सोमवार को पूरे दिन गरम कपड़ों से लैस देखे गए। नगर में कई स्थानों पर जलभराव हो गया था, जो बारिस थमने के बाद खत्म हुआ। गांव चुर्रासकतपुर निवासी राकेश कुमार, गांव नवदिया सितारगंज निवासी बादशाह के अलावा एडीओ कृषि भगवान सहाय बघेल ने बताया कि गेहूं व गन्ने की फसल को बारिश से लाभ पहुंचा है।
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