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पीलीभीत - शाहगढ़ के बीच अब शुरू हुआ आमान परिवर्तन का काम
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पीलीभीत। लखनऊ रूट पर मैलानी रेल खंड पर सिर्फ 19 किलोमीटर क्षेत्र में आमान परिवर्तन का काम बाकी रह गया है। कार्यदायी संस्था ने इस क्षेत्र में अब काम शुुरू कर दिया है। अभी तक पीटीआर से एनओसी न मिलने को लेकर काम अटका हुआ था। मार्च में एनओसी मिलने के बाद आमान परिवर्तन के काम को अटकलें साफ हो गई थी। हालांकि मैलानी और शाहगढ़ के बीच सीआरएस निरीक्षण को लेकर काम में तेजी नहीं आ पा रही है।
लखनऊ रूट पर 62 किलोमीटर मैलानी रेल खंड पर तीन साल पहले आमान परिवर्तन का काम शुरू हुआ था। इसके बाद आठ किलोमीटर के जंगल क्षेत्र में एनओसी न मिलने से कार्यदायी संस्था ने 19 किलोमीटर को छोड़कर काम शुरू कर दिया। शाहगढ़ और मैलानी के बीच 43 किलोमीटर में काम शुरू कराने के बाद पूरा कर लिया है। सिर्फ सीआरएस निरीक्षण को लेकर तैयारियां चल रहीं है। इधर, पीटीआर में जंगल और रेलवे के अफसरों की संयुक्त सर्वे के बाद शर्तों के साथ जंगल क्षेत्र में काम करने के लिए मार्च में एनओसी कार्यदायी संस्था को मिल गई थी। मगर मैलानी और शाहगढ़ के बीच काम चलने के कारण इस क्षेत्र में काम शुरू नहीं हो सका था। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने बताया कि अब मैलानी और शाहगढ़ के बीच आमान परिवर्तन का काम पूरा हो चुका है। सिर्फ सीआरएस निरीक्षण की तैयारियां चल रहीं है। हालांकि शाहगढ़ और पीलीभीत के बीच 19 किलोमीटर में आमान परिवर्तन का काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि जो काम पूरा हो चुका है, उस क्षेत्र में सीआरएस निरीक्षण न होने से काम में तेजी नहीं आ पा रही है। निरीक्षण होने के बाद काम तेजी से शुुरू कर दिया जाएगा। इसी साल के अंत तक काम पूरा करने का लक्ष्य है।
दो साल में पूरा करने का था लक्ष्य, मगर तीन साल में भी अधूरा
मई 2018 में मीटर गेज की ट्रेनों का संचालन बंद होने के बाद इस 62 किलोमीटर के रेल खंड पर आमान परिवर्तन का काम पूरा करने के लिए दो साल का मेगा ब्लॉक लिया गया था। इसके बाद पहले पीटीआर से एनओसी को लेकर काम रुका रहा। अब एनओसी मिलने के बाद भी काम में तेजी नहीं आ पा रही है। इससे तीन साल बीतने के बाद भी अगर बात की जाए, तो 19 किलोमीटर में अभी तक पांच फीसदी भी काम नहीं हो सका है।
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ट्रैक ओके, फिर भी नहीं दौड़ पा रहीं ट्रेनें
रेलवे के सुस्त रवैया से शाहजहांपुर रूट पर काम पूरा होने के बाद भी ट्रेनों का संचालन नहीं हो पा रहा है। जबकि इस 84 किलोमीटर लंबे रूट को एक माह पूर्व सीआरएस ने निरीक्षण के बाद ट्रेनों के संचालन को लेकर ट्रैक को पास कर दिया था। मगर इज्जतनगर मंडल की ओर से इस रूट पर ट्रेनों केे संचालन को लेकर सुस्त रवैया बना हुआ है।
मैलानी - शाहगढ़ के बीच अमान परिवर्तन का काम पूरा हो चुका है। सीआरएस निरीक्षण को लेकर तैयारियां चल रहीं है। पीलीभीत - शाहगढ़ के बीच काम शुरू हो चुका है। निरीक्षण के बाद काम को तेजी से पूरा करने की कवायद शुरू हो जाएगी। - संजय सिंह, असिस्टेंट मैनेजर, आरवीएनएल कार्यदायी संस्था
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लखनऊ रूट पर 62 किलोमीटर मैलानी रेल खंड पर तीन साल पहले आमान परिवर्तन का काम शुरू हुआ था। इसके बाद आठ किलोमीटर के जंगल क्षेत्र में एनओसी न मिलने से कार्यदायी संस्था ने 19 किलोमीटर को छोड़कर काम शुरू कर दिया। शाहगढ़ और मैलानी के बीच 43 किलोमीटर में काम शुरू कराने के बाद पूरा कर लिया है। सिर्फ सीआरएस निरीक्षण को लेकर तैयारियां चल रहीं है। इधर, पीटीआर में जंगल और रेलवे के अफसरों की संयुक्त सर्वे के बाद शर्तों के साथ जंगल क्षेत्र में काम करने के लिए मार्च में एनओसी कार्यदायी संस्था को मिल गई थी। मगर मैलानी और शाहगढ़ के बीच काम चलने के कारण इस क्षेत्र में काम शुरू नहीं हो सका था। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने बताया कि अब मैलानी और शाहगढ़ के बीच आमान परिवर्तन का काम पूरा हो चुका है। सिर्फ सीआरएस निरीक्षण की तैयारियां चल रहीं है। हालांकि शाहगढ़ और पीलीभीत के बीच 19 किलोमीटर में आमान परिवर्तन का काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि जो काम पूरा हो चुका है, उस क्षेत्र में सीआरएस निरीक्षण न होने से काम में तेजी नहीं आ पा रही है। निरीक्षण होने के बाद काम तेजी से शुुरू कर दिया जाएगा। इसी साल के अंत तक काम पूरा करने का लक्ष्य है।
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दो साल में पूरा करने का था लक्ष्य, मगर तीन साल में भी अधूरा
मई 2018 में मीटर गेज की ट्रेनों का संचालन बंद होने के बाद इस 62 किलोमीटर के रेल खंड पर आमान परिवर्तन का काम पूरा करने के लिए दो साल का मेगा ब्लॉक लिया गया था। इसके बाद पहले पीटीआर से एनओसी को लेकर काम रुका रहा। अब एनओसी मिलने के बाद भी काम में तेजी नहीं आ पा रही है। इससे तीन साल बीतने के बाद भी अगर बात की जाए, तो 19 किलोमीटर में अभी तक पांच फीसदी भी काम नहीं हो सका है।
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ट्रैक ओके, फिर भी नहीं दौड़ पा रहीं ट्रेनें
रेलवे के सुस्त रवैया से शाहजहांपुर रूट पर काम पूरा होने के बाद भी ट्रेनों का संचालन नहीं हो पा रहा है। जबकि इस 84 किलोमीटर लंबे रूट को एक माह पूर्व सीआरएस ने निरीक्षण के बाद ट्रेनों के संचालन को लेकर ट्रैक को पास कर दिया था। मगर इज्जतनगर मंडल की ओर से इस रूट पर ट्रेनों केे संचालन को लेकर सुस्त रवैया बना हुआ है।
मैलानी - शाहगढ़ के बीच अमान परिवर्तन का काम पूरा हो चुका है। सीआरएस निरीक्षण को लेकर तैयारियां चल रहीं है। पीलीभीत - शाहगढ़ के बीच काम शुरू हो चुका है। निरीक्षण के बाद काम को तेजी से पूरा करने की कवायद शुरू हो जाएगी। - संजय सिंह, असिस्टेंट मैनेजर, आरवीएनएल कार्यदायी संस्था