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Pilibhit News: विभिन्न मांगों को लेकर जारी रहा धरना-प्रदर्शन
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पूरनपुर क्षेत्र के गांव खिरकिया बरगदिया में धरने पर बैठे ग्रामीण।स्रोत:ग्रामीण
पूरनपुर। शारदा नदी की बाढ़, कटान से हुए नुकसान का सर्वे न होने, मुआवजा न मिलने के विरोध में गांव खिरकिया बरगदिया में शुक्रवार से शुरू हुआ बेमियादी क्रमिक धरना-प्रदर्शन शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। गांव राहुलनगर, ढक्काचांट और कॉलोनी नंबर छह के लोगों ने पहुंचकर समर्थन दिया। शनिवार को श्यामजन्म और बद्री प्रसाद की एक-एक एकड़ गन्ने की फसल नदी में समा गई।
शारदा नदी क्षेत्र में हर साल तबाही मचाती है। नदी किनारे के कई गांव इस बार भी बाढ़ चपेट में आए। कई किसानों की जमीन नदी में कट गई। गांव खिरकिया बरगदिया के लोगों ने बाढ़, कटान से हुए नुकसान का सर्वे न होने, मुआवजा न मिलने के विरोध और तटबंध बनवाने की मांग को लेकर शुक्रवार को बेमियादी धरना शुरू किया जो दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा।
शनिवार को धरने पर गांव के रामसूरत, अलाउद्दीन, नरेश, श्याम सुंंदर, राशिद खां, मिश्री, हंगर, जोगेंद्र, वीरेंद्र, राजेंद्र, हरिहर बैठे। इनके समर्थन में कई अन्य लोग भी पहुंचे। शनिवार को गांव राहुलनगर, ढक्काचांट और कॉलोनी नंबर छह के लोगों ने पहुंचकर अपना समर्थन दिया।
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दूसरी ओर नदी के चल रहे कटान में गांव के श्यामजन्म और बद्री प्रसाद की एक-एक एकड़ जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल नदी में समा गई।
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शारदा नदी क्षेत्र में हर साल तबाही मचाती है। नदी किनारे के कई गांव इस बार भी बाढ़ चपेट में आए। कई किसानों की जमीन नदी में कट गई। गांव खिरकिया बरगदिया के लोगों ने बाढ़, कटान से हुए नुकसान का सर्वे न होने, मुआवजा न मिलने के विरोध और तटबंध बनवाने की मांग को लेकर शुक्रवार को बेमियादी धरना शुरू किया जो दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा।
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शनिवार को धरने पर गांव के रामसूरत, अलाउद्दीन, नरेश, श्याम सुंंदर, राशिद खां, मिश्री, हंगर, जोगेंद्र, वीरेंद्र, राजेंद्र, हरिहर बैठे। इनके समर्थन में कई अन्य लोग भी पहुंचे। शनिवार को गांव राहुलनगर, ढक्काचांट और कॉलोनी नंबर छह के लोगों ने पहुंचकर अपना समर्थन दिया।
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दूसरी ओर नदी के चल रहे कटान में गांव के श्यामजन्म और बद्री प्रसाद की एक-एक एकड़ जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल नदी में समा गई।