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Pilibhit News: प्रधान का जवाब-राजनीतिक द्वेषभावना का हुआ शिकार
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- खाईखेड़ा गोआश्रय स्थल में मृत मिले चार पशुओं का मामला
- जांच के बाद सचिव को निलंबित कर प्रधान से मांगा गया था जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। मरौरी ब्लॉक के खाईखेड़ा गोआश्रय स्थल में पशुओं की मौत के मामले में मांगे गए स्पष्टीकरण के जवाब में प्रधान ने राजनीतिक द्वेषभावना का शिकार की बात कही है। उनका कहना कि कुछ लोग उन्हें बदनाम कर रहे हैं। पशुओं की मौत पर केयरटेकर ने उन्हें कोई सूचना नहीं दी थी।
मरौरी ब्लॉक के गांव खाईखेडा के गोआश्रय स्थल में चार फरवरी को चार पशु मृत मिले थे। हिंदू संगठनों ने हंगामा किया था। एडीएम, एसडीएम व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। जांच में प्रथम दृष्टया सचिव नेहा को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया था। डीएम संजय कुमार सिंह ने इसमें प्रधान ओमप्रकाश से स्पष्टीकरण मांगा था।
प्रधान ने अपने जवाब में कहा कि गांव के कुछ लोग उनसे राजनीतिक द्वेष मानते हैं। इस कारण उनको बदनाम किया जा रहा है। गोआश्रय स्थल में संरक्षित सभी पशुओं के ईयर टैग लगे हुए हैं। कहा कि गांव के लोग चेारी छिपे पशुओं को यहां छोड़ जाते हैं। केयरटेकर की ओर से उन्हें मृत पशुओं की सूचना नहीं दी गई थी। प्रधान के इस स्पष्टीकरण का परीक्षण कर डीएम के पास भेजा जाएगा।
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- जांच के बाद सचिव को निलंबित कर प्रधान से मांगा गया था जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। मरौरी ब्लॉक के खाईखेड़ा गोआश्रय स्थल में पशुओं की मौत के मामले में मांगे गए स्पष्टीकरण के जवाब में प्रधान ने राजनीतिक द्वेषभावना का शिकार की बात कही है। उनका कहना कि कुछ लोग उन्हें बदनाम कर रहे हैं। पशुओं की मौत पर केयरटेकर ने उन्हें कोई सूचना नहीं दी थी।
मरौरी ब्लॉक के गांव खाईखेडा के गोआश्रय स्थल में चार फरवरी को चार पशु मृत मिले थे। हिंदू संगठनों ने हंगामा किया था। एडीएम, एसडीएम व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। जांच में प्रथम दृष्टया सचिव नेहा को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया था। डीएम संजय कुमार सिंह ने इसमें प्रधान ओमप्रकाश से स्पष्टीकरण मांगा था।
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प्रधान ने अपने जवाब में कहा कि गांव के कुछ लोग उनसे राजनीतिक द्वेष मानते हैं। इस कारण उनको बदनाम किया जा रहा है। गोआश्रय स्थल में संरक्षित सभी पशुओं के ईयर टैग लगे हुए हैं। कहा कि गांव के लोग चेारी छिपे पशुओं को यहां छोड़ जाते हैं। केयरटेकर की ओर से उन्हें मृत पशुओं की सूचना नहीं दी गई थी। प्रधान के इस स्पष्टीकरण का परीक्षण कर डीएम के पास भेजा जाएगा।
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