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Pilibhit News: विकास कार्याें के लिए आए 5.84 लाख में प्रधान और सचिव ने की हेराफेरी
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पीलीभीत। अमरिया ब्लॉक की ग्राम पंचायत रफियापुर में विकास कार्याें के लिए आए 5.84 लाख रुपयों का प्रधान व सचिव ने मिलकर गोलमाल कर दिया। शिकायत के बाद डीएम की ओर से गठित दो सदस्यीय टीम की जांच में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया। प्रधान व सचिव प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए। डीएम ने प्रधान व सचिव को साक्ष्यों के साथ अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
गांव रफियापुर निवासी मनोज कुमार व कांता प्रसाद ने डीएम ज्ञानेंद्र सिंह से शपथ पत्र के माध्यम से शिकायत की थी। आरोप है कि प्रधान परवेश वर्मा व सचिव वीरेंद्र कुमार ने ग्राम पंचायत के विकास कार्याें की धनराशि में जमकर हेराफेरी की है। शिकायत का संज्ञान लेते हुए डीएम ने दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए। टीम ने जांच में प्रधान व सचिव की ओर से मनरेगा से कराए गए कार्याें में करीब पांच लाख 84 हजार 642 रुपये का गोलमाल पाया।
जांच टीम ने प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक को भी प्रथम दृष्टया दोषी पाया। जांच आख्या रिपोर्ट के आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसमें भी प्रधान और सचिव को ओर से दिए गए जवाब संतोषजनक नहीं मिले। डीएम ने अब पूरे मामले में अंतिम जांच के लिए उप कृषि निदेशक व लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता की दो सदस्यीय जांच टीम गठित की है।
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15 दिनों के भीतर जांच आख्या रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। डीपीआरओ रोहित भारती ने बताया कि रफियापुर के विकास कार्याें में प्रधान परवेश वर्मा व सचिव वीरेंद्र कुमार ने गड़बड़ की है। इसकी डीएम स्तर से जांच चल रही है।
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गांव रफियापुर निवासी मनोज कुमार व कांता प्रसाद ने डीएम ज्ञानेंद्र सिंह से शपथ पत्र के माध्यम से शिकायत की थी। आरोप है कि प्रधान परवेश वर्मा व सचिव वीरेंद्र कुमार ने ग्राम पंचायत के विकास कार्याें की धनराशि में जमकर हेराफेरी की है। शिकायत का संज्ञान लेते हुए डीएम ने दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए। टीम ने जांच में प्रधान व सचिव की ओर से मनरेगा से कराए गए कार्याें में करीब पांच लाख 84 हजार 642 रुपये का गोलमाल पाया।
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जांच टीम ने प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक को भी प्रथम दृष्टया दोषी पाया। जांच आख्या रिपोर्ट के आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसमें भी प्रधान और सचिव को ओर से दिए गए जवाब संतोषजनक नहीं मिले। डीएम ने अब पूरे मामले में अंतिम जांच के लिए उप कृषि निदेशक व लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता की दो सदस्यीय जांच टीम गठित की है।
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15 दिनों के भीतर जांच आख्या रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। डीपीआरओ रोहित भारती ने बताया कि रफियापुर के विकास कार्याें में प्रधान परवेश वर्मा व सचिव वीरेंद्र कुमार ने गड़बड़ की है। इसकी डीएम स्तर से जांच चल रही है।