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एक घंटे का निरीक्षण सवा चार मिनट में निपटा गए कैबिनेट मंत्री
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पीलीभीत। कैबिनट मंत्री (गन्ना विकास एवं चीनी मिलें) लक्ष्मी नारायण चौधरी ने रविवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उनके निरीक्षण का शेड्यूल एक घंटे का था जो सिर्फ सवा चार मिनट में निपट गया। अस्पताल परिसर में एक-दो मिनट मीडिया से रूबरू हुए। अधिकारियों और नेताओं के साथ पहुंचे कैबिनेट मंत्री का काफिला महज छह मिनट में ही अस्पताल से रवाना हो गया।
कैबिनेट मंत्री के शेड्यूल में पूर्वाह्न ग्यारह बजे से एक बजे तक गांधी सभागार कलक्ट्रेट पर अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा बैठक शामिल थी। बैठक करीब पौने बारह बजे शुरू हुई। अपराह्न एक से दो बजे तक उनको जिला अस्पताल परिसर का निरीक्षण करना था। पूरनपुर विधायक बाबू राम पासवान, बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद, भाजपा नेता और अधिकारियों के काफिले के साथ कैबिनेट मंत्री दो बजकर 20 मिनट पर जिला अस्पताल पहुंचे।
रविवार होने की वजह से ओपीडी बंद थी। इमरजेेंसी को छोड़ बाकी डॉक्टरों के चैंबर भी सूने थे। इमरजेंसी में दो-चार मरीज और उनके तीमारदार थे। हमेशा सुस्त दिखने वाले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और अधिकारी मुस्तैद दिखे। अस्पताल परिसार में साफ सफाई भी अन्य दिनों के मुकाबले ज्यादा दुरुस्त नजर आई। कैबिनेट मंत्री सबसे पहले इमजरेंसी पहुंचे। एक तीमारदार से व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यहां से ओपीडी के मुख्य गेट तक पहुंचे। यहां तक पहुंचने में उनको करीब सवा चार मिनट का वक्त लगा। अस्पताल परिसर में करीब एक से दो मिनट तक मीडिया से रूबरू हुए। बोले अस्पताल में व्यवस्थाएं ठीक हैं। अस्पताल का पूरा दौरा उनका छह मिनट में पूरा हो गया।
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एक दिन पूर्व ही मरीज को नहीं मिला था स्ट्रेचर
अधिकारियों से लेकर मंत्री तक अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बता रहे हैं, लेकिन एक दिन पूर्व देर शाम को इन दावों की पोल खोलते हुए का एक वीडियो वायरल हुआ था। एक मरीज को तीमारदार स्ट्रेचर न मिलने पर कंधे पर लादकर इमरजेंसी वार्ड तक लाए थे। इस पर कैबिनेेट मंत्री का कहना था कि जहां रोज कई लोगों की डायलिसिस हो रही हो वहां स्ट्रेचर क्यों नहीं होगा। अस्पताल में सारी सुविधाएं मौजूद हैं। कोई तीमारदार जल्दी में मरीज को कंधे पर लाद लाया होगा।
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कैबिनेट मंत्री के शेड्यूल में पूर्वाह्न ग्यारह बजे से एक बजे तक गांधी सभागार कलक्ट्रेट पर अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा बैठक शामिल थी। बैठक करीब पौने बारह बजे शुरू हुई। अपराह्न एक से दो बजे तक उनको जिला अस्पताल परिसर का निरीक्षण करना था। पूरनपुर विधायक बाबू राम पासवान, बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद, भाजपा नेता और अधिकारियों के काफिले के साथ कैबिनेट मंत्री दो बजकर 20 मिनट पर जिला अस्पताल पहुंचे।
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रविवार होने की वजह से ओपीडी बंद थी। इमरजेेंसी को छोड़ बाकी डॉक्टरों के चैंबर भी सूने थे। इमरजेंसी में दो-चार मरीज और उनके तीमारदार थे। हमेशा सुस्त दिखने वाले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और अधिकारी मुस्तैद दिखे। अस्पताल परिसार में साफ सफाई भी अन्य दिनों के मुकाबले ज्यादा दुरुस्त नजर आई। कैबिनेट मंत्री सबसे पहले इमजरेंसी पहुंचे। एक तीमारदार से व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यहां से ओपीडी के मुख्य गेट तक पहुंचे। यहां तक पहुंचने में उनको करीब सवा चार मिनट का वक्त लगा। अस्पताल परिसर में करीब एक से दो मिनट तक मीडिया से रूबरू हुए। बोले अस्पताल में व्यवस्थाएं ठीक हैं। अस्पताल का पूरा दौरा उनका छह मिनट में पूरा हो गया।
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एक दिन पूर्व ही मरीज को नहीं मिला था स्ट्रेचर
अधिकारियों से लेकर मंत्री तक अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बता रहे हैं, लेकिन एक दिन पूर्व देर शाम को इन दावों की पोल खोलते हुए का एक वीडियो वायरल हुआ था। एक मरीज को तीमारदार स्ट्रेचर न मिलने पर कंधे पर लादकर इमरजेंसी वार्ड तक लाए थे। इस पर कैबिनेेट मंत्री का कहना था कि जहां रोज कई लोगों की डायलिसिस हो रही हो वहां स्ट्रेचर क्यों नहीं होगा। अस्पताल में सारी सुविधाएं मौजूद हैं। कोई तीमारदार जल्दी में मरीज को कंधे पर लाद लाया होगा।