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गड्ढा खोदकर बाघ पकड़ने की योजना विफल
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Sun, 03 Sep 2017 10:53 PM IST
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बाघिन
- फोटो : अमर उजाला
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शनिवार रात खेत में घूम रही भेड़ को मारा
खूनी बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने गड्ढा खोदकर उसे गिराने की योजना बनाई थी लेकिन तराई के इस जनपद में 6-7 फिट पर ही पानी आ जाने की संभावना रहती है। जिसके चलते स्थानीय वन विभाग के अधिकारियों ने इस पर हाथ खड़े कर दिए हैं। इससे गड्ढा खोदने की योजना भी फ्लाप साबित होती नजर आ रही है। इसको देखते हुए वन विभाग के धिकारियों ने अब नए उपायों पर मंथन शुरू कर दिया है। इस बीच शनिवार की रात बाघ ने खेत में घूम रही एक भेड़ को निवाला बनाया है लेकिन बाघ अभी भी पकड़ से दूर है।
वनकटी से निकलकर कचहरी होते हुए देवहा नदी पार पहुंचे बाघ ने छह, सात और 10 अगस्त को लगातार हमले कर तीन लोगों की जान ले ली थी। इसके बाद से ही अधिकारी एवं विशेषज्ञ उसे पकड़ने के प्रयास में जुटे हैं। काफी प्रयास के बाद भी बाघ के पकड़ में न आने पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर वन संरक्षक वीके सिंह ने बड़ा सा गड्ढा खोदकर उसे घासफूस से ढककर बाघ को गिराने की योजना बनाई थी। माना जा रहा था कि गड्ढे के निकट बांधे गए पड्डे का शिकार करने के प्रयास में बाघ गड्ढे में गिर जाएगा। विभाग की योजना इस क्षेत्र में सफल होती नहीं दिख रही। दरअसल बाघ को गिराने के लिए 10-15 फिट गहरा गड्ढा खोदना पड़ेगा जबकि नदी का किनारा होने के चलते क्षेत्र में मात्र 6 से 8 फिट पर ही पानी निकल आता है। ऐसे में ज्यादा गहरा गड्ढा खोदना संभव नहीं है। गड्ढे की योजना विफल होते देख अब विभाग के लोग बाघ को जाल में फंसाने सहित अन्य उपायों पर विचार कर रहे हैं।
बाघ ने मारी भेड़ लेकिन पकड़ से बाहर
बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने खेत में पड्डे बांध रखे हैं लेकिन बाघ ने पड्डे को न मार कर दूसरे खेत में घूम रही भेड़ को मार डाला। सुबह भेड़ का शव मिलने पर वन विभाग की टीम ने बाघ की तलाश की लेकिन कोई पता नहीं चला। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि अब पड्डे के साथ भेड़ भी बांधी जा रही हैं।
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ड्यूनीडाम क्षेत्र में बाघ की चहल कदमी, पड्डा मारा
अमरिया। डॅयूनीडाम क्षेत्र में बाघों की चहल कदमी लगाता देखी जा रही है। बाघों के खुले में घुमने से कई लिंक मार्गों पर लोगों का निकलना शाम से ही बंद हो जाता है। रविवार को दोपहर को बाघ ने खेत में एक पड्डे को मारा डाला।
अमरिया क्षेत्र में खुले में घूम रहे बाघ के परिवार से दहशत बढ़ती जा रही है। अमरिया मझोला मार्ग पर ग्राम फरदिया से लेकर दियूनी डाम तक सड़क के दोनों ओर बड़ी बड़ी झाड़ियां हैैं जिससे आम जनता को निकलते समय बाघ का भय रहता है। रविवार को जानवर चरा रहे गांव कैमोर निवासी नन्हें लाल के पड्डे को बाघ ने अपना निवाला बना लिय। बाघ को देख ग्रामीणों ने शोर मचाया जिस पर बाघ पड्डे को छोड़कर चला गया। बताते हैं शनिवार शाम आठ बजे बाइक से लौट रहे गांव कैमोर निवासी नरायन लाल, मुन्ना लाल व रूप किशोर को बीच सड़क पर बाघ खड़ा दिखाई दिया। इस बीच पीछे से ट्रैक्टर ट्राली भी आ गई। सभी ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ मार्ग से हटकर गन्ने के खेतों में चला गया। बाघ की चहलकदमी से लोग भयभीत हैं और उन्होंने खुले में घुम रहे इन बाघों को पकडने की मांग की है।
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खूनी बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने गड्ढा खोदकर उसे गिराने की योजना बनाई थी लेकिन तराई के इस जनपद में 6-7 फिट पर ही पानी आ जाने की संभावना रहती है। जिसके चलते स्थानीय वन विभाग के अधिकारियों ने इस पर हाथ खड़े कर दिए हैं। इससे गड्ढा खोदने की योजना भी फ्लाप साबित होती नजर आ रही है। इसको देखते हुए वन विभाग के धिकारियों ने अब नए उपायों पर मंथन शुरू कर दिया है। इस बीच शनिवार की रात बाघ ने खेत में घूम रही एक भेड़ को निवाला बनाया है लेकिन बाघ अभी भी पकड़ से दूर है।
वनकटी से निकलकर कचहरी होते हुए देवहा नदी पार पहुंचे बाघ ने छह, सात और 10 अगस्त को लगातार हमले कर तीन लोगों की जान ले ली थी। इसके बाद से ही अधिकारी एवं विशेषज्ञ उसे पकड़ने के प्रयास में जुटे हैं। काफी प्रयास के बाद भी बाघ के पकड़ में न आने पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर वन संरक्षक वीके सिंह ने बड़ा सा गड्ढा खोदकर उसे घासफूस से ढककर बाघ को गिराने की योजना बनाई थी। माना जा रहा था कि गड्ढे के निकट बांधे गए पड्डे का शिकार करने के प्रयास में बाघ गड्ढे में गिर जाएगा। विभाग की योजना इस क्षेत्र में सफल होती नहीं दिख रही। दरअसल बाघ को गिराने के लिए 10-15 फिट गहरा गड्ढा खोदना पड़ेगा जबकि नदी का किनारा होने के चलते क्षेत्र में मात्र 6 से 8 फिट पर ही पानी निकल आता है। ऐसे में ज्यादा गहरा गड्ढा खोदना संभव नहीं है। गड्ढे की योजना विफल होते देख अब विभाग के लोग बाघ को जाल में फंसाने सहित अन्य उपायों पर विचार कर रहे हैं।
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बाघ ने मारी भेड़ लेकिन पकड़ से बाहर
बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने खेत में पड्डे बांध रखे हैं लेकिन बाघ ने पड्डे को न मार कर दूसरे खेत में घूम रही भेड़ को मार डाला। सुबह भेड़ का शव मिलने पर वन विभाग की टीम ने बाघ की तलाश की लेकिन कोई पता नहीं चला। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि अब पड्डे के साथ भेड़ भी बांधी जा रही हैं।
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ड्यूनीडाम क्षेत्र में बाघ की चहल कदमी, पड्डा मारा
अमरिया। डॅयूनीडाम क्षेत्र में बाघों की चहल कदमी लगाता देखी जा रही है। बाघों के खुले में घुमने से कई लिंक मार्गों पर लोगों का निकलना शाम से ही बंद हो जाता है। रविवार को दोपहर को बाघ ने खेत में एक पड्डे को मारा डाला।
अमरिया क्षेत्र में खुले में घूम रहे बाघ के परिवार से दहशत बढ़ती जा रही है। अमरिया मझोला मार्ग पर ग्राम फरदिया से लेकर दियूनी डाम तक सड़क के दोनों ओर बड़ी बड़ी झाड़ियां हैैं जिससे आम जनता को निकलते समय बाघ का भय रहता है। रविवार को जानवर चरा रहे गांव कैमोर निवासी नन्हें लाल के पड्डे को बाघ ने अपना निवाला बना लिय। बाघ को देख ग्रामीणों ने शोर मचाया जिस पर बाघ पड्डे को छोड़कर चला गया। बताते हैं शनिवार शाम आठ बजे बाइक से लौट रहे गांव कैमोर निवासी नरायन लाल, मुन्ना लाल व रूप किशोर को बीच सड़क पर बाघ खड़ा दिखाई दिया। इस बीच पीछे से ट्रैक्टर ट्राली भी आ गई। सभी ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ मार्ग से हटकर गन्ने के खेतों में चला गया। बाघ की चहलकदमी से लोग भयभीत हैं और उन्होंने खुले में घुम रहे इन बाघों को पकडने की मांग की है।