{"_id":"64dc59272de23b730202bfc5","slug":"pilibhit-news-farmer-died-in-tiger-attack-2023-08-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit: खेत से लापता हुआ किसान, खोजबीन करते जंगल पहुंचे ग्रामीण तो मुंह में शव दबाए मिला बाघ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit: खेत से लापता हुआ किसान, खोजबीन करते जंगल पहुंचे ग्रामीण तो मुंह में शव दबाए मिला बाघ
Wed, 16 Aug 2023 12:38 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत
अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 16 Aug 2023 12:38 PM IST
सार
जानकारी मिली है कि माधोटांडा क्षेत्र के गांव रानीगंज निवासी राममूर्ति 58 मंगलवार को अपने बेटे के साथ जंगल सीमा से सटे खेत पर फसल में दवाई का छिड़काव करने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान बाघ ने राममूर्ति पर हमला कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ राममूर्ति के शव को मुंह में दबकर घूम रहा था। शोर शराबा व अन्य मशक्कत करने पर बाघ शव को छोड़कर आगे निकल गया।
विज्ञापन
घटनास्थल पर मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मंगलवार शाम खेत पर कीटनाशक का छिड़काव कर रहे किसान को बाघ उठाकर ले गया। बुधवार सुबह सैकड़ों की संख्या में एकत्र हुए ग्रामीणों ने ग्रामीण खोजबीन करते हुए जंगल के अंदर पहुंचे तो बाघ किसान के शव को मुंह में दबाए घूमता दिखाई दिया। मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने बाघ के चुंगल से शव को छुड़ाया और जंगल के बाहर लेकर पहुंचे। इसके बाद थाना पुलिस की मौजूदगी में शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शरीर में कमर से नीचे का भाग पूरी तरह क्षत-विक्षत है।
विज्ञापन
माधोटांडा क्षेत्र के गांव रानीगंज निवासी राममूर्ति 58 मंगलवार को अपने बेटे के साथ जंगल सीमा से सटे खेत पर फसल में दवाई का छिड़काव करने के लिए पहुंचे थे। दवा का छिड़काव करने के बाद बेटा चंद्रपाल घर चला गया। राममूर्ति खेत पर ही फसल में सिंचाई के लिए रुक गए। देर शाम को घर न पहुंचने पर परिजन खेत पर पहुंचे तो वहां उनकी मौजूदगी नहीं दिखाई दी। काफी देर तक खोजबीन की जाती रही। रात होने पर परिजन घर लौट गए। रात भर गांव में चर्चा होती रही।
विज्ञापन
मंगलवार तड़के सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने एकत्र होकर पहले खेत के आसपास खोजबीन की। इसके बाद अनहोनी की आशंका जताते हुए जंगल की ओर पहुंचे। जंगल में 200 मीटर आगे बढ़ते ही बाघ की मौजूदगी दिखाई दी। ग्रामीणों को कहना है कि बाघ राम मूर्ति के शव को मुंह में दबकर घूम रहा था। शोर शराबा व अन्य मशक्कत करने पर बाघ शव को छोड़कर आगे निकल गया। इसके बाद किसी तरह ग्रामीण शव को कब्जे में लेकर जंगल सीमा पर बाहर लाए।
विज्ञापन
सूचना के बाद थाना प्रभारी अचल कुमार भी मौके पर पहुंच गए थे। महोफ रेंजर रोबिन सिंह भी स्टाफ के साथ पहुंच गए। ग्रामीणों को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में डेढ़ माह के अंदर बाघ हमले की दूसरी घटना हो चुकी है। विभाग की ओर से जाल फेंसिंग का दावा किया गया, लेकिन धरातल पर इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष देखा जा रहा है। राममूर्ति के परिवार में उसकी पत्नी के अलावा तीन बेटे शामिल हैं।