फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Pilibhit Mailani rail marg

पीलीभीत-मैलानी रूट पर आमान परिवर्तन का मामला: राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के एनओसी न देने से डेढ़ साल से रुका है ब्रॉडगेज का कार्य

Sun, 22 Nov 2020 11:47 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 22 Nov 2020 11:47 PM IST
विज्ञापन
Pilibhit Mailani rail marg
पीलीभीत। वन विभाग की लेटलतीफी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के चलते मैलानी-पीलीभीत रेल मार्ग पर ब्रॉडगेज कार्य डेढ़ साल से ठप है। हालांकि मैलानी से शाहगढ़ रेलवे स्टेशन के बीच लगभग 85 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है, मगर शाहगढ़ से पीलीभीत के बीच डेढ़ साल से कार्य ठप पड़ा है। इसके पीछे कारण टाइगर रिजर्व के इस आठ किमी के टुकड़े में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) से एनओसी का न मिल पाना है। जुलाई में एनटीसीए (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) के डीआईजी भी दौरा कर चुके हैं, बावजूद इसके रेलवे को अब तक एनओसी नहीं मिल सकी है।
विज्ञापन

ऐशबाग-पीलीभीत मीटरगेज रूट पर तीन चरणों में आमान परिवर्तन का कार्य शुरू कराया गया था। इसमें पहले और दूसरे चरण यानी ऐशबाग से सीतापुर और सीतापुर से मैलानी तक का कार्य पूरा हो चुका है। तीसरे चरण में पीलीभीत-मैलानी रूट पर ब्राडगेज कार्य होने हैं। तीसरे चरण में कार्य के लिए इस रूट पर मीटरगेज की ट्रेनों का संचालन 30 मई 2018 को बंद कर दिया गया था। इसके बाद 68 किमी लंबे रुट पर ब्रॉडगेज का काम शुरू किया था।
विज्ञापन

रेल अफसरों के मुताबिक, मैलानी से शाहगढ़ रेलवे स्टेशन के बीच लगभग 85 फीसदी ब्रॉडगेज कार्य पूरा हो चुका है, मगर शाहगढ़ से पीलीभीत के बीच डेढ़ साल बीतने के बाद भी आमान परिवर्तन का कार्य ठप चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एनटीसीए के डीआईजी भी कर चुके हैं दौरा
चूंकि एनओसी एनटीसीए को देनी है। टाइगर रिजर्व के आठ किमी क्षेत्र में रेल पटरी बिछाने और अंडरपास निर्माण को एनओसी दिए जाने को लेकर एनटीसीए के डीआईजी निशांत वर्मा ने भी 11 जुलाई को माला रेंज में पहुंचकर अंडरपास निर्माण वाले स्थानों की गहनता से जांच की थी। यहां टाइगर रिजर्व पांच अंडरपास की मांग कर रहा है। डीआईजी ने भी वन्यजीवों की सुरक्षा को देखते हुए अंडरपास को जरूरी बताया था। एनटीसीए के डीआईजी के दौरे के बाद माना जा रहा था कि रेलवे को जल्द ही एनओसी मिल सकेगी, मगर डीआईजी के दौरान चार माह बीत चुके हैं, मगर रेलवे को अब तक एनओसी नहीं मिल सकी है। कुल मिलाकर देखा जाए तो स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। यदि जनप्रतिनिधि उच्च स्तर पर पैरवी करें तो यहां जल्द ही एनओसी मिलने के बाद काम पूरा हो सकता है।
एनओसी के संबंध में स्थानीय स्तर से सारी कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजी चुकी है। शायद वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से भी रिपोर्ट मांगी गई है। अब एनटीसीए से एनओसी आना ही शेष है। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व

पीलीभीत-मैलानी रूट पर वन विभाग द्वारा एनओसी न दिए जाने से काम रुका चल रहा है। फिलहाल अभी एनओसी नहीं मिल सकी है। इसको लेकर प्रयास जारी है। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर मंडल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed