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बाढ़ के पानी से घिरे बीसलपुर के 50 गांव
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बीसलपुर के गांव भैंसटा जलालपुर के बाढ़ पीड़ित सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे घर का सामान।
- फोटो : PILIBHIT
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बीसलपुर। उफनाई देवहा नदी के पानी ने नदी किनारे स्थित 50 से अधिक गांवों को चारों ओर से घेर लिया है। नदी का पानी नगर के किनारे तक आ चुका है। तीन गांवों के भीतर भी नदी का पानी घुस गया है। गांव भैंसटा जलालपुर के पीड़ितों ने गांव के ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शरण ले रखी है।
देवहा नदी का जलस्तर 17 से 19 अक्तूबर तक हुई भीषण बारिश से वैसे ही काफी बढ़ गया था। पहाड़ों पर हुई बारिश और बांध से छोड़े गए पानी से देवहा नदी उफना गई है। उफनाई देवहा नदी के पानी ने नदी के किनारे स्थित गांवों को चारो ओर से घेर लिया है। अहिरवाड़ा, हीरापुर और भैंसटा जलालपुर गांवों के भीतर भी पानी घुस गया है। भैंसटा जलालपुर के 23 ग्रामीणों के घरों में पानी घुस गया है। इन ग्रामीणों में रमेश, छोटीलली, चेतराम, डालचंद्र, नन्हें सिंह, देवेंद्र, राजन, जगपाल, हरपाल, महेश, रामरतन, पुष्पेंद्र, सुदेश, राजवीर, सुरेश, मुन्नी देवी, रजिस्टर सिंह, जियेंद्र, रामदेवी, टेनी, धर्मपाल और द्वारिका प्रसाद शामिल हैं। इन लोगों ने अपने घरों का सामान निकालकर सुरक्षित स्थान पर रख लिया है। इन लोगों ने गांव के ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शरण ले रखी है। हलका लेखपाल रेनू कुमारी ने गांव जाकर जायजा लिया। अहिरवाड़ा के बेसिक विद्यालय को पानी ने चारो ओर से घेर लिया है। भड़रिया मोड़ के पास स्थित विद्युत उपकेंद्र को भी बाढ़ के पानी ने चारो ओर से घेर लिया है। पीलीभीत रोड पर कासिमपुर मोड़ से गांव जसोली तक लगभग एक किलोमीटर लंबाई में बाढ़ का पानी करीब दो फुट की ऊंचाई में बह रहा है, जिससे इस प्रमुख रोड का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
ये गांव घिरे हैं बाढ़ के पानी से
रंपुरा, नौगवां, कर्रखेड़ा, नगरिया फतेहपुर, हीरापुर,अर्जुनपुर, खानपुर वीरमपुर, महुआ, खांडेपुर, कंधरापुर, रढ़ैता, रंपुरा रना, नवदिया बालजीत, दुवहा, मंडरासुमन, चुटकुना, हेतमनगला, बढ़े पुरा घारम, कासिमपुर, ढुक्सी, चौसर हरदोपट्टी, पटनिया, राजूपुर, मीरपुरवाहनपुर, मुसेली, शहवाजपुर, कितनापुर, नवदिया, सितारगंज, घटगवां, परेवा, किशनी, ललौर गुजरानपुर, अमरा करोड़, मोहम्मदपुर भजा, नसररुल्लापुर, रसूला, नवदिया भगत, भड़रिया, अमृता खास, अखौला, अखौली, मझगवां, शेरगंज, उगनपुर मरौरी, बरसिया, चौखंडी, और दौलतपुर हीरा।
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बाढ़ से घिरे गांवों की बंद रही संस्थाएं
बाढ़ से घिरे गांवों में स्थित सहकारी समितियों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल, उप डाकघर, सरकारी, निजी विद्यालय, उपस्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र और पशु सेवा केंद्र शुक्रवार को बंद रहे। इन गांवों में शुक्रवार को डाक और समाचार पत्रों का भी वितरण नहीं हो पाया।
बाढ़ में डूब गए यह मार्ग
बीसलपुर-पीलीभीत रोड, बीसलपुर- कितनापुर रोड, बीसलपुर- रंपुृरा रोड, बीसलपुर-नवदिया सितारगंज रोड, बीसलपुर-घटगवां रोड, बीसलपुर- बरेली रोड से गांव कंधरापुर तक जाने वाला रोड, बीसलपुर- बरेली रोड से गांव नवदिया भगत जाने वाला रोड, बीसलपुर-पीलीभीत रोड से गांव कासिमपुर जाने वाला रोड, बीसलपुर-पीलीभीत रोड से अर्जुनपुर जाने वाला रोड, बीसलपुर- बरेली रोड से गांव चुटकुना जाने वाला रोड, बीसलपुर- ख्ुादागंज रोड से अहिरवाड़ा जाने वाला रोड, बीसलपुर-खुदागंज रोड से खांडेपुर जाने वाला रोड, बीाललपुर- खुदागंज रोड से चौखंडी जाने वाला रोड जलमग्र हो गया है। इस वजह से इन रोडों पर शुक्रवार को यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। अधिकांश लोग इन पानी भरे रोडों से नहीं गुजरे। जरूरी काम वाले लोग जोखिम उठाकर इन रोडों से गुजरे।
बाढ़ के पानी से केवल फसलों का नुकसान
बीसलपुर क्षेत्र के कुछ गांवों के चारों और बाढ़ का पानी पहुंच गया है। भैंसटा जलालपुर गांव के भीतर भी पानी पहुंच गया है। केवल फसल का नुकसान होने की सूचना मिली है, जिसका आकलन लेखपालों से कराया जा रहा है। क्षेत्र में पहले से ही बनी बाढ़ चौकियों के कर्मचारियों को सतर्क कर दिया गया है। तहसील परिसर में बनाए गए बाढ़ नियंत्रण कक्ष को भी सक्रिय कर दिया गया और नायब तहसीलदार हरीशंकर को बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभारी बनाया गया है। शनिवार तक पानी खत्म होने की उम्मीद है। - जनार्दन तहसीलदार बीसलपुर
दवा का छिड़काव कराने की मांग
मोहल्ला बख्तावरलाल निवासी पालिका सभासद सुशीला भारद्वाज ने डीएम को पत्र भेजकर अपने मोहल्ले समेत पूरे नगर में डेंगू बुखार की रोकथाम के लिए नगरपालिका से दवा का छिड़काव कराने की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि वह करीब एक माह से नगरपालिका प्रशासन से पूरे नगर में डेंगू बुखार की रोकथाम के लिए दवाई का छिड़काव कराने की मंाग कर रहे हैं लेकिन नगरपालिका प्रशासन ने दवा का छिड़काव कराने के नाम पर केवल खानापूरी की है, जिससे नगर में डेंगू पैर पसारने लगा है। उनके पति आशु भारद्वाज भी डेंगूू की चपेट में आ गए हैं, फिर भी पालिका प्रशासन इस ओर सक्रिय नहीं हुआ। पत्र में मामले की जांच कराने और पूरे नगर में डेंगू बुखार की रोकथाम के लिए दवा का छिड़काव कराने की मांग की गई हैं।
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देवहा नदी का जलस्तर 17 से 19 अक्तूबर तक हुई भीषण बारिश से वैसे ही काफी बढ़ गया था। पहाड़ों पर हुई बारिश और बांध से छोड़े गए पानी से देवहा नदी उफना गई है। उफनाई देवहा नदी के पानी ने नदी के किनारे स्थित गांवों को चारो ओर से घेर लिया है। अहिरवाड़ा, हीरापुर और भैंसटा जलालपुर गांवों के भीतर भी पानी घुस गया है। भैंसटा जलालपुर के 23 ग्रामीणों के घरों में पानी घुस गया है। इन ग्रामीणों में रमेश, छोटीलली, चेतराम, डालचंद्र, नन्हें सिंह, देवेंद्र, राजन, जगपाल, हरपाल, महेश, रामरतन, पुष्पेंद्र, सुदेश, राजवीर, सुरेश, मुन्नी देवी, रजिस्टर सिंह, जियेंद्र, रामदेवी, टेनी, धर्मपाल और द्वारिका प्रसाद शामिल हैं। इन लोगों ने अपने घरों का सामान निकालकर सुरक्षित स्थान पर रख लिया है। इन लोगों ने गांव के ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शरण ले रखी है। हलका लेखपाल रेनू कुमारी ने गांव जाकर जायजा लिया। अहिरवाड़ा के बेसिक विद्यालय को पानी ने चारो ओर से घेर लिया है। भड़रिया मोड़ के पास स्थित विद्युत उपकेंद्र को भी बाढ़ के पानी ने चारो ओर से घेर लिया है। पीलीभीत रोड पर कासिमपुर मोड़ से गांव जसोली तक लगभग एक किलोमीटर लंबाई में बाढ़ का पानी करीब दो फुट की ऊंचाई में बह रहा है, जिससे इस प्रमुख रोड का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
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ये गांव घिरे हैं बाढ़ के पानी से
रंपुरा, नौगवां, कर्रखेड़ा, नगरिया फतेहपुर, हीरापुर,अर्जुनपुर, खानपुर वीरमपुर, महुआ, खांडेपुर, कंधरापुर, रढ़ैता, रंपुरा रना, नवदिया बालजीत, दुवहा, मंडरासुमन, चुटकुना, हेतमनगला, बढ़े पुरा घारम, कासिमपुर, ढुक्सी, चौसर हरदोपट्टी, पटनिया, राजूपुर, मीरपुरवाहनपुर, मुसेली, शहवाजपुर, कितनापुर, नवदिया, सितारगंज, घटगवां, परेवा, किशनी, ललौर गुजरानपुर, अमरा करोड़, मोहम्मदपुर भजा, नसररुल्लापुर, रसूला, नवदिया भगत, भड़रिया, अमृता खास, अखौला, अखौली, मझगवां, शेरगंज, उगनपुर मरौरी, बरसिया, चौखंडी, और दौलतपुर हीरा।
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बाढ़ से घिरे गांवों की बंद रही संस्थाएं
बाढ़ से घिरे गांवों में स्थित सहकारी समितियों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल, उप डाकघर, सरकारी, निजी विद्यालय, उपस्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र और पशु सेवा केंद्र शुक्रवार को बंद रहे। इन गांवों में शुक्रवार को डाक और समाचार पत्रों का भी वितरण नहीं हो पाया।
बाढ़ में डूब गए यह मार्ग
बीसलपुर-पीलीभीत रोड, बीसलपुर- कितनापुर रोड, बीसलपुर- रंपुृरा रोड, बीसलपुर-नवदिया सितारगंज रोड, बीसलपुर-घटगवां रोड, बीसलपुर- बरेली रोड से गांव कंधरापुर तक जाने वाला रोड, बीसलपुर- बरेली रोड से गांव नवदिया भगत जाने वाला रोड, बीसलपुर-पीलीभीत रोड से गांव कासिमपुर जाने वाला रोड, बीसलपुर-पीलीभीत रोड से अर्जुनपुर जाने वाला रोड, बीसलपुर- बरेली रोड से गांव चुटकुना जाने वाला रोड, बीसलपुर- ख्ुादागंज रोड से अहिरवाड़ा जाने वाला रोड, बीसलपुर-खुदागंज रोड से खांडेपुर जाने वाला रोड, बीाललपुर- खुदागंज रोड से चौखंडी जाने वाला रोड जलमग्र हो गया है। इस वजह से इन रोडों पर शुक्रवार को यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। अधिकांश लोग इन पानी भरे रोडों से नहीं गुजरे। जरूरी काम वाले लोग जोखिम उठाकर इन रोडों से गुजरे।
बाढ़ के पानी से केवल फसलों का नुकसान
बीसलपुर क्षेत्र के कुछ गांवों के चारों और बाढ़ का पानी पहुंच गया है। भैंसटा जलालपुर गांव के भीतर भी पानी पहुंच गया है। केवल फसल का नुकसान होने की सूचना मिली है, जिसका आकलन लेखपालों से कराया जा रहा है। क्षेत्र में पहले से ही बनी बाढ़ चौकियों के कर्मचारियों को सतर्क कर दिया गया है। तहसील परिसर में बनाए गए बाढ़ नियंत्रण कक्ष को भी सक्रिय कर दिया गया और नायब तहसीलदार हरीशंकर को बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभारी बनाया गया है। शनिवार तक पानी खत्म होने की उम्मीद है। - जनार्दन तहसीलदार बीसलपुर
दवा का छिड़काव कराने की मांग
मोहल्ला बख्तावरलाल निवासी पालिका सभासद सुशीला भारद्वाज ने डीएम को पत्र भेजकर अपने मोहल्ले समेत पूरे नगर में डेंगू बुखार की रोकथाम के लिए नगरपालिका से दवा का छिड़काव कराने की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि वह करीब एक माह से नगरपालिका प्रशासन से पूरे नगर में डेंगू बुखार की रोकथाम के लिए दवाई का छिड़काव कराने की मंाग कर रहे हैं लेकिन नगरपालिका प्रशासन ने दवा का छिड़काव कराने के नाम पर केवल खानापूरी की है, जिससे नगर में डेंगू पैर पसारने लगा है। उनके पति आशु भारद्वाज भी डेंगूू की चपेट में आ गए हैं, फिर भी पालिका प्रशासन इस ओर सक्रिय नहीं हुआ। पत्र में मामले की जांच कराने और पूरे नगर में डेंगू बुखार की रोकथाम के लिए दवा का छिड़काव कराने की मांग की गई हैं।