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Pilibhit News: जलभराव से आवागमन बंद होने पर दो गांवों के लोगों ने किया प्रदर्शन
Wed, 09 Aug 2023 12:10 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 09 Aug 2023 12:10 AM IST
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पूरनपुर तहसील में प्रदर्शन करते गांव खिरकिया बरगदिया और ढक्का चाट के लोग। संवाद
पूरनपुर। गांव खिरकिया बरगदिया और ढक्काचांट के लोगों ने सड़क और खेतों में जलभराव रोकने के लिए सड़क किनारे लगाए गए मिट्टी भरे कट्टों को प्रशासन के जेसीबी से हटवाने पर तहसील में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि मिट्टी भरे कट्टे हटाने से सड़क पर जलभराव से आवागमन बंद हो गया। क्षेत्र के कई स्कूल भी बंद हो गए हैं। गांव वाले तहसील मुख्यालय नहीं आ पा रहे है।
शारदा नदी के उफनाने से नदी का पानी खिरकिया बरगदिया और ढक्काचांट जाने वाली सड़क के किनारे से होकर सुतिया तालाब में पहुंचता है। इस दौरान सड़क और खेतों में जलभराव हो जाता है। इसे रोकने के लिए ग्रामीणों ने खिरकिया बरगदिया के समीप गन्ना सेंटर की जमीन के पास मिट्टी भरे कट्टे लगा दिए थे।
आरोप है कि गांव चंदिया हजारा के प्रधान और अन्य लोगों ने पानी निकास के रास्ते को नाला बताकर झूठी सूचना प्रशासन को दे दी। प्रशासन ने भी बगैर जांच किए जेसीबी से मिट्टी भरे कट्टे हटवा दिए। इससे पानी खेतों में भर गया है। गांव के मुख्य रास्ते पर चार फुट तक जलभराव हो जाने से दोनों गांवों के लोगों का आवागमन बंद हो गया है।
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एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला ने ग्रामीणों को जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रदर्शन करने वालों में विवेक सिंह चौहान, संजय सिंह चौहान, राजपाल, प्रेमपाल सिंह, परमजीत, विजय, रामकिशन, रामअधार, पथराम आदि थे। इधर, चंदिया हजारा के प्रधान वासुदेव कुंडू का कहना है कि पानी सड़क के ऊपर से निकलकर दूसरी ओर जा रहा था। इसे मिट्टी के कट्टे लगाकर रोका गया था। इससे खेतों में जलभराव से फसलें नष्ट हो रही थीं। पानी का निकास बंद करने की शिकायत की थी।
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शारदा नदी के उफनाने से नदी का पानी खिरकिया बरगदिया और ढक्काचांट जाने वाली सड़क के किनारे से होकर सुतिया तालाब में पहुंचता है। इस दौरान सड़क और खेतों में जलभराव हो जाता है। इसे रोकने के लिए ग्रामीणों ने खिरकिया बरगदिया के समीप गन्ना सेंटर की जमीन के पास मिट्टी भरे कट्टे लगा दिए थे।
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आरोप है कि गांव चंदिया हजारा के प्रधान और अन्य लोगों ने पानी निकास के रास्ते को नाला बताकर झूठी सूचना प्रशासन को दे दी। प्रशासन ने भी बगैर जांच किए जेसीबी से मिट्टी भरे कट्टे हटवा दिए। इससे पानी खेतों में भर गया है। गांव के मुख्य रास्ते पर चार फुट तक जलभराव हो जाने से दोनों गांवों के लोगों का आवागमन बंद हो गया है।
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एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला ने ग्रामीणों को जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रदर्शन करने वालों में विवेक सिंह चौहान, संजय सिंह चौहान, राजपाल, प्रेमपाल सिंह, परमजीत, विजय, रामकिशन, रामअधार, पथराम आदि थे। इधर, चंदिया हजारा के प्रधान वासुदेव कुंडू का कहना है कि पानी सड़क के ऊपर से निकलकर दूसरी ओर जा रहा था। इसे मिट्टी के कट्टे लगाकर रोका गया था। इससे खेतों में जलभराव से फसलें नष्ट हो रही थीं। पानी का निकास बंद करने की शिकायत की थी।