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Pilibhit News: नियमों को धता बताकर वाहनों का संचालन, जिम्मेदार खामोश

Sun, 26 May 2024 11:49 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 26 May 2024 11:49 PM IST
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Operating vehicles defying rules, responsible silent
बरखेड़ा में ट्रैक्टर ट्रॉली पर बैठकर जाते लोग । संवाद - फोटो : संवाद
पीलीभीत। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी अधिकारी नियमों का पालन नहीं करा पा रहे हैं। खुलेआम कृषि उपयोग के लिए अधिकृत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग लोगों को लाने-लेजाने में होता देखा जा सकता है तो डग्गामार वाहनों और क्षमता से अधिक सवारियों लेकर दौड़ रहे वाहन भी शहर की सड़कों पर देखे जा सकते हैं। यह वाहन जगह-जगह बनाए गए चेकपोस्टों के सामने से गुजर जाते हैं पर इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।
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शुक्रवार को अमरिया क्षेत्र के जायरीन अंपजीकृत वाहन से क्षेत्र में चल रहे उर्स में शामिल होने जा रहे थे। हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ जाने से 25 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। बावजूद इसके जिम्मेदारोंं ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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शाहजहांपुर, पूरनपुर, बरेली, टनकपुर, माधोटांडा, अमरिया समेत कई मार्गों पर डग्गामार वाहनों का संचालन होता देखा जा सकता है। शनिवार को दिन में गौहनिया चौराहे से टनकपुर की ओर एक ई-रिक्शा रवाना हुआ। इसमें चार सवारी चालक के पीछे और दो उसके पास बैठी हुईं थी। इतना ही नहीं ई-रिक्शा के ऊपर भी दो सवारियां लेटी हुईं थी। चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस के अलावा होमगार्ड के जवान भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने कार्रवाई की जहमत नहीं उठाई।
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मामला एक
चार मई को बहराइच से हरिद्वार जाते समय श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्राॅली पलट गई थी। हादसे में ट्राॅली पर सवार युवक समीर की मौत हो गई। बता दें कि ट्रैक्टर-ट्राली का उपयोग सिर्फ कृषि कार्यों के लिए किया जा सकता है पर यहां उसमें सवारियां बैठाई गईं थीं। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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मामला दो
वर्ष 2022 में बहेड़ी क्षेत्र से ट्रैक्टर-ट्राॅली पर सवार होकर माला जंगल में स्थित सिद्ध बाबा स्थल आते समय हादसा हुआ था। जिसमें ट्रैक्टर-ट्राॅली पलटने से एक मासूम की मौत हो गई थी, जबकि करीब 12 लोग घायल हुए थे। इसके बाद कुछ दिन तक लोगों को लाने-लेजाने में लगे ट्रैक्टर ट्रॉलियों के खिलाफ अभियान चला। फिर ठंडा पड़ गया।
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मामला तीन
वर्ष 2021 में कस्बा पूरनपुर के असम हाईवे पर हादसा हुआ था, जिसमें क्षेत्र के लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर गोंडा में आयोजित सत्संग समारोह में शामिल होने जा रहे थे। ट्रॉली पूरनपुर में असम हाईवे पर अनियंत्रित होकर पलट गई थी। जिसमें एक व्यक्ति की मौत और कई श्रद्धालु घायल हुए थे। इस हादसे के बाद भी कुछ दिन ही अभियान चलाकर खानापूरी की गई।

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मामला चार
इस माह की 11 मई को जिले के गजरौला क्षेत्र में असम हाईवे पर बिनौर के समीप मेरठ से 50 श्रमिकों को लेकर आ रहा मिनी ट्रक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गया। हादसे में तीन लोगों की मौत हुई और 17 लोग घायल हुए। बावजूद इसके क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने पर भी संबंधित वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाई।
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नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। एक बार फिर व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।
-वीरेंद्र सिंह, एआरटीओ

बरखेड़ा में ट्रैक्टर ट्रॉली पर बैठकर जाते लोग । संवाद

बरखेड़ा में ट्रैक्टर ट्रॉली पर बैठकर जाते लोग । संवाद- फोटो : संवाद

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