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Pilibhit News: छह साल का होगा लाडला तभी मिल सकेगा कक्षा एक में प्रवेश
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पीलीभीत। शासन ने नए सत्र से कक्षा एक में प्रवेश को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं। कहा गया है कि अब कक्षा एक में उसी का प्रवेश लिया जाए, जिस बच्चे की आयु छह वर्ष हो चुकी हो। कम आयु के बच्चों का प्रवेश बाल वाटिका में कराया जाए। शासन ने पूर्व में हुए प्रवेश को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
अब तक अभिभावक अपने बच्चों का तीन वर्ष की आयु में ही निजी स्कूलों में प्रवेश करा देते थे। गांव के प्राथमिक स्कूलों में भी बच्चों को भेजना शुरू कर देते हैं। जबकि पांच से छह वर्ष के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। यहां पर बाल वाटिका में उनको भेजा जाता है। यह केंद्र बेसिक शिक्षा विभाग के समन्वय से ही संचालित होते हैं।
इस बार नए शिक्षा सत्र को लेकर महानिदेशक शिक्षा ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सूबे के सभी जिला बेसिक शिक्षाधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि नए सत्र में छह वर्ष की आयु के ही बच्चों का कक्षा-एक में प्रवेश दिया जाए। इससे कम आयु वाले बच्चों को बाल वाटिका में भेजा जाए।
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यह भी कहा गया है कि मौजूदा समय में जिन बच्चों का प्रवेश कक्षा एक में हुआ है और उनकी आयु पांच से छह वर्ष के बीच है। उन्हें शिक्षा लेने की अनुमति पूर्व के आदेशों के तहत दी जाएगी। प्री स्कूल कक्षाओं में ऐसे बच्चों का प्रवेश लें, जो कक्षा एक में आने के दौरान छह वर्ष की अवस्था में आ जाएं।
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अब तक अभिभावक अपने बच्चों का तीन वर्ष की आयु में ही निजी स्कूलों में प्रवेश करा देते थे। गांव के प्राथमिक स्कूलों में भी बच्चों को भेजना शुरू कर देते हैं। जबकि पांच से छह वर्ष के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। यहां पर बाल वाटिका में उनको भेजा जाता है। यह केंद्र बेसिक शिक्षा विभाग के समन्वय से ही संचालित होते हैं।
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इस बार नए शिक्षा सत्र को लेकर महानिदेशक शिक्षा ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सूबे के सभी जिला बेसिक शिक्षाधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि नए सत्र में छह वर्ष की आयु के ही बच्चों का कक्षा-एक में प्रवेश दिया जाए। इससे कम आयु वाले बच्चों को बाल वाटिका में भेजा जाए।
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यह भी कहा गया है कि मौजूदा समय में जिन बच्चों का प्रवेश कक्षा एक में हुआ है और उनकी आयु पांच से छह वर्ष के बीच है। उन्हें शिक्षा लेने की अनुमति पूर्व के आदेशों के तहत दी जाएगी। प्री स्कूल कक्षाओं में ऐसे बच्चों का प्रवेश लें, जो कक्षा एक में आने के दौरान छह वर्ष की अवस्था में आ जाएं।