अब भिकारीपुर में मिले बाघ के पदचिह्न
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खूनी बाघ की तलाश में घूम रही वनविभाग की टीम के लिए बृहस्पतिवार को भिकारीपुर गांव के निकट पदचिह्न मिले हैं लेकिन बाघ की लोकेशन अभी भी नहीं मिल पा रहा है। अब वन विभाग ने बाघ की निगरानी के लिए कैमरे लगाए हैं। टीम लगातार क्षेत्र में सर्च अभियान में जुटी हुई है। बेहरी क्षेत्र में करीब एक माह तक रहने के बाद खूनी बाघ की लोकेशन नहीं मिल पा रही थी। तीन दिन पहले अमरिया से एक बाघ के पदचिह्न और फोटो मिले थे। बृहस्पतिवार को सुबह वन विभाग की टीम को बेहरी गांव से कुछ दूर स्थित भिकारीपुर गांव के निकट खेतों में बाघ के पदचिह्न मिले हैं लेकिन कुछ दूर चलने के बाद पदचिह्न भी नहीं मिले। वन विभाग ने काफी देर सर्च किया लेकिन इससे बाघ की जानकारी नहीं हो पा रही है। ऐसे में यह भी सवाल उठ रहा है कि पदचिह्न खूनी बाघ के हैं अथवा अमरिया क्षेत्र से भटक कर आए बाघ के हैं। इसकी जानकारी और बाघ की निगरानी के लिए वन विभाग की ओर से भिकारीपुर गांव के आसपास कैमरे लगाए जा रहे हैं। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि भिकारीपुर के साथ नगरिया कॉलोनी के आसपास कैमरे लगाए गए हैं, साथ ही टीमों को बेहरी, सुस्वार, हिमकरपुर, जगदीषपुर, भिकारीपुर, पिंजरा बमनपुरी आदि में भेजकर पैदल कांबिंग कराई गई है। तमाम प्रयासों के बाद भी बाघ की लोकेशन नहीं मिल पा रही है। उसे ढूंढने के प्रयास किए जा रहे हैं।