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फिलहाल पुराने रूप में मिलेगा ‘नया’ राशनकार्ड
पीलीभीत।
Updated Fri, 17 Apr 2015 11:21 PM IST
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खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 80 फीसदी कार्ड धारकों को सस्ते दाम पर खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए अभी कम से कम छह माह और इंतजार करना पड़ेगा। प्रदेश में नया राशनकार्ड बनाने प्रक्रिया काफी धीमी गति से होने के कारण केंद्र सरकार ने अब एक अक्तूबर से इस योजना को प्रदेश में लागू करने को हरी झंडी दे दी है। इस अवधि तक पुराने डेटा इंट्री के आधार पर लोगों को नया राशनकार्ड जारी किया जाएगा।
राशन कार्ड हर पांच साल पर बदले जाने का प्राविधान है। प्रदेश में वर्ष 2006 में राशनकार्ड बने थे। जिन्हें वर्ष 2011 में बदल जाना चाहिए था। वर्ष 2011 में बदले जाने की प्रक्रिया शुरू करते हुए सभी राशनकार्डों का डेटा नये सिरे से फीड करने का काम भी शुरू कराया। यह कार्य करीब दो साल तक चला। जिसमें करीब जिले में दो लाख राशनकार्डों का डेटा फीड भी हो गया। इसी बीच करीब दो साल पहले खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशनकार्डों के डेटा फीड किए जाने का काम शुरू हुआ।
केंद्र सरकार इसे एक अप्रैल से लागू करना चाहती थी। डेटा फीडिंग का काम समय रहते पूरा किए जाने के लिए आनलाइन कार्य भी कराया गया। मगर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में धीमी गति से डेटा फीडिंग के काम के चलते प्रदेश सरकार ने केंद्र से इसके लिए और समय मांगा। इस पर केंद्र सरकार ने छह माह का और समय दे दिया है। अब प्रदेश में खाद्य सुरक्षा योजना एक अक्तूबर से लागू होना प्रस्तावित हुआ है।
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तब तक पुराने राशनकार्डों को ही छह माह के लिए नये सिरे से जारी किए जाने के आदेश दिए गए हैं। जिले में इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इसके चलते सस्ता खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए 80 फीसदी उपभोक्ताओं को कम से कम छह माह तक और इंतजार करना होगा।
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करीब दो लाख उपभोक्ताओं का डेटा पुराने राशनकार्ड के आधार पर विभाग के पास फीड है। पहले उन्हें राशनकार्ड जारी कर दिया जाएगा। साथ ही शेष बचे कार्डधारकों का डेटा फीड करने के साथ-साथ उनके राशनकार्ड बना वितरित किए जाने काम भी तेज कर दिया जाएगा। छह माह बाद खाद्य सुरक्षा योजना के तहत जारी होने वाले राशनकार्ड के साथ इसकी वैद्यता स्वत: खत्म हो जाएगी। इसका उल्लेख कार्ड पर भी रहेगा। आनलाइन राशनकार्ड फीडिंग का कार्य 30 अप्रैल तक चलेगा।
- रमन मिश्रा, जिलापूर्ति अधिकारी
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राशन कार्ड हर पांच साल पर बदले जाने का प्राविधान है। प्रदेश में वर्ष 2006 में राशनकार्ड बने थे। जिन्हें वर्ष 2011 में बदल जाना चाहिए था। वर्ष 2011 में बदले जाने की प्रक्रिया शुरू करते हुए सभी राशनकार्डों का डेटा नये सिरे से फीड करने का काम भी शुरू कराया। यह कार्य करीब दो साल तक चला। जिसमें करीब जिले में दो लाख राशनकार्डों का डेटा फीड भी हो गया। इसी बीच करीब दो साल पहले खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशनकार्डों के डेटा फीड किए जाने का काम शुरू हुआ।
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केंद्र सरकार इसे एक अप्रैल से लागू करना चाहती थी। डेटा फीडिंग का काम समय रहते पूरा किए जाने के लिए आनलाइन कार्य भी कराया गया। मगर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में धीमी गति से डेटा फीडिंग के काम के चलते प्रदेश सरकार ने केंद्र से इसके लिए और समय मांगा। इस पर केंद्र सरकार ने छह माह का और समय दे दिया है। अब प्रदेश में खाद्य सुरक्षा योजना एक अक्तूबर से लागू होना प्रस्तावित हुआ है।
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तब तक पुराने राशनकार्डों को ही छह माह के लिए नये सिरे से जारी किए जाने के आदेश दिए गए हैं। जिले में इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इसके चलते सस्ता खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए 80 फीसदी उपभोक्ताओं को कम से कम छह माह तक और इंतजार करना होगा।
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करीब दो लाख उपभोक्ताओं का डेटा पुराने राशनकार्ड के आधार पर विभाग के पास फीड है। पहले उन्हें राशनकार्ड जारी कर दिया जाएगा। साथ ही शेष बचे कार्डधारकों का डेटा फीड करने के साथ-साथ उनके राशनकार्ड बना वितरित किए जाने काम भी तेज कर दिया जाएगा। छह माह बाद खाद्य सुरक्षा योजना के तहत जारी होने वाले राशनकार्ड के साथ इसकी वैद्यता स्वत: खत्म हो जाएगी। इसका उल्लेख कार्ड पर भी रहेगा। आनलाइन राशनकार्ड फीडिंग का कार्य 30 अप्रैल तक चलेगा।
- रमन मिश्रा, जिलापूर्ति अधिकारी