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Pilibhit News: अब नहीं गिरेेगा गोमती में दूषित पानी, बनाए जा रहे फिल्टर चैंबर

Mon, 27 Feb 2023 10:41 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 27 Feb 2023 10:41 PM IST
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Now contaminated water will not fall in Gomti, filter chambers are being built
- सरोवर में गिरने वाले तीन नालों के मुहानों पर कराया जा रहा निर्माण
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- बनाया जा चुका है एक चैंबर, शेष दो का निर्माण अगले माह होगा पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। गोमती उद्गमस्थल सरोवर में गिरने वाले गंदे नालों के पानी को शुद्ध करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। गोमती का पानी शुद्ध रखने के लिए यहां तीन फिल्टर चैंबर बनाए जा रहे हैं। फिल्टर चैंबर शुरू होने के बाद गोमती में गंदा पानी नहीं जा सकेगा। एक चैंबर बनाया जा चुका है, शेष दो चैंबरों का निर्माण कार्य मार्च में पूरा हो जाएगा।
अवध नगरी लखनऊ समेत 14 शहरों से गुजरने वाली गोमती नदी में बरसों से गंदा पानी गिर रहा है। गोमती का उद्गमस्थल माधोटांडा कस्बे से होना बताया जाता है। यहां उद्गमस्थल पर्यटन के लिए विकसित किया जा रहा है। तट पर शाम को आरती भी होती है। माधोटांडा कस्बे की तीस हजार आबादी से गुजरने वाले तीन नालों का गंदा पानी यहां गोमती में जाता है। गर्मी के दौरान कुछ गनीमत रहती है, लेकिन बरसात के समय नालों की स्थिति बदतर हो जाती है। पानी का बहाव बढ़ने से गंदगी से पूरा सरोवर दूषित हो जाता है। दूषित पानी और अपशिष्ट भी गोमती तक पहुंचते हैं। इससे न सिर्फ धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं, बल्कि यह दूषित पानी बेजुबानों के लिए भी घातक सिद्ध हो रहा है। हालांकि गोमती नदी को अविरल करने के लिए पूर्व में कई बार प्रयास किए गए हैं।
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दूषित पानी को रोकने के लिए अब ग्राम पंचायत की ओर से गंदे नालों के छोर पर फिल्टर चैंबर बनाने का काम शुरू किया गया है। तीन अलग-अलग स्थानों पर फिल्टर चैंबर बनाए जा रहे हैं। जिससे पानी और अपशिष्ट को गोमती की में जाने से रोका जा सके।
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तीन चरणों में फिल्टर होकर सरोवर में गिरेगा पानी
प्रधान नईम अली ने बताया कि फिल्टर चैंबर की प्रक्रिया के दौरान नाले के पानी को कई जगह फिल्टर किया जाता है। इसके लिए दो गड्ढे खोदे जाते हैं। दोनों गड्ढों के बीच एक मीटर की दूरी रखी जाती है। फिर दोनों की तली को पाइप से जोड़ दिया जाता है। दोनों गड्ढों को चारों तरफ से प्लास्टर कर अमरुद के आकार में करीब 50 फुट रोड़ी आरसीसी गिट्टी पांच फुट और पांच फुट मौरंग डाली जाती है। दोनों गड्ढों को ढक्कन से ढक दिया जाता है। मुख्य नाले को फिल्टर चैंबर से जोड़ा जाता है। दूषित पानी तीन चरणों में फिल्टर होकर गोमती की ओर आगे बढ़ेगा।
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