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Pilibhit News: होम्योपैैथिक डिस्पेंसरी में पर्याप्त दवाएं नहीं, मरीज हो रहे परेशान
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- रोजाना आते हैं करीब सौ-डेढ़ सौ मरीज
- दवा का स्टॉक बढ़ाने को जिला होम्योपैथिक अधिकारी को लिखा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
मझोला। क्षेत्र के कटटईया पंडरी में संचालित होम्योपैथिक डिस्पेंसरी में दवा का अभाव है। ओपीडी के नाम पर मात्र खानापूरी की जा रही है। थोड़ी बहुत दवा बची है उसी को देकर काम चलाया जा रहा है। इससे कई मरीज निराश लौट रहे हैं।
होम्योपैथिक डिस्पेंसरी कागजों में 1992 से चल रहीं हैं, लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार पिछले दो साल में आया है। यहां महज एक डॉक्टर वीरसेन तैनात है। इसके अलावा चतुर्थश्रेणी कर्मचारी है। फार्मासिस्ट के न होने के कारण यहां चतुर्थश्रेणी कर्मचारी ही दवा बांटता है।
डिस्पेंसरी में रोजाना करीब सौ-डेढ़ सौ मरीज पहुंचते हैं। पिछले दो महीने से डिस्पेंसरी में दवा का टोटा है। इस कारण कई मरीजों को मायूस लौटना पड़ रहा है। डॉ. वीरसेन ने बताया कि जिले से जो दवाएं भेजी जा रही हैं वही बांटकर काम चलाया जा रहा है। मरीजों की संख्या में दिन व दिन बढ़ने से दवाएं कम पड़ रही हैं।
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जिला होम्योपैथिक अधिकारी को दवा का स्टॉक बढ़ाने के बारे में पत्र भेजा गया है। दवाएं आने के बाद ही स्थिति में सुधार होगा।
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- दवा का स्टॉक बढ़ाने को जिला होम्योपैथिक अधिकारी को लिखा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
मझोला। क्षेत्र के कटटईया पंडरी में संचालित होम्योपैथिक डिस्पेंसरी में दवा का अभाव है। ओपीडी के नाम पर मात्र खानापूरी की जा रही है। थोड़ी बहुत दवा बची है उसी को देकर काम चलाया जा रहा है। इससे कई मरीज निराश लौट रहे हैं।
होम्योपैथिक डिस्पेंसरी कागजों में 1992 से चल रहीं हैं, लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार पिछले दो साल में आया है। यहां महज एक डॉक्टर वीरसेन तैनात है। इसके अलावा चतुर्थश्रेणी कर्मचारी है। फार्मासिस्ट के न होने के कारण यहां चतुर्थश्रेणी कर्मचारी ही दवा बांटता है।
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डिस्पेंसरी में रोजाना करीब सौ-डेढ़ सौ मरीज पहुंचते हैं। पिछले दो महीने से डिस्पेंसरी में दवा का टोटा है। इस कारण कई मरीजों को मायूस लौटना पड़ रहा है। डॉ. वीरसेन ने बताया कि जिले से जो दवाएं भेजी जा रही हैं वही बांटकर काम चलाया जा रहा है। मरीजों की संख्या में दिन व दिन बढ़ने से दवाएं कम पड़ रही हैं।
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जिला होम्योपैथिक अधिकारी को दवा का स्टॉक बढ़ाने के बारे में पत्र भेजा गया है। दवाएं आने के बाद ही स्थिति में सुधार होगा।