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Pilibhit News: माधोटांडा मार्ग पर एक भी रोडवेज बस का संचालन नहीं, भटक रहे यात्री
Wed, 26 Feb 2025 11:39 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 26 Feb 2025 11:39 PM IST
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माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर ट्रेपो में जाती सवारी।संवाद
पीलीभीत। कई साल बीतने के बाद भी माधोटांडा मार्ग पर अब तक रोडवेज बसों का संचालन नहीं हो रहा है। ऐसे में इस मार्ग पर डग्गामार वाहन चालक हावी है। मजबूरन यात्रियों को जान जोखिम में डालकर इन वाहनों से सफर करना पड़ रहा है। माधोटांडा और नेपाल सीमा से सटे गांवों के पांच से छह हजार लोग हर रोज जिला मुख्यालय आने के लिए इसी मार्ग का प्रयोग करते हैं, इसके बाद भी परिवहन निगम इस मार्ग पर बसों का संचालन शुरू नहीं कर रहा।
माधोटांडा-कलीनगर मार्ग पर जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर की दूरी में 50 से अधिक गांव पड़ते हैं। इसके साथ ही नेपाल बार्डर क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन का भी यह प्रमुख मार्ग है। इसके बाद भी इस मार्ग पर रोडवेज बसें नहीं चल रहीं।
इसका फायदा उठाकर डग्गामार वाहन चालक नियमों की अनदेखी कर क्षमता से अधिक सवारियां बैठाते हैं। यात्री जान जोखिम में डालकर इन वाहनों से सफर कर रहे हैं। लोगों का कहना कि 30 किलोमीटर सफर तय करने के लिए प्रति यात्री 60 रुपये वसूल किए जाते हैं। पुलिस और परिवहन विभाग के जिम्मेदार जानकर भी अनजान बने रहते हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
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चूका बीच जाने वाले सैलानी भी हो रहे परेशान
पीटीआर का पर्यटन सत्र करीब सात माह तक चलता है। चूका बीच और मुस्तफाबाद पहुंचने के लिए भी अधिकांश सैलानी माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग का ही इस्तेमाल करते हैं। रोडवेज बसें न होने से इन्हें भी परेशान होना पड़ता है।
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एक माह बाद ही बंद हो गई थी सेवा क्षेत्रीय लोगों की मांग के बाद करीब दो साल पूर्व दो रोडवेज बसों का इस मार्ग पर संचालन शुरू किया गया था। संचालन शुरू होने के बाद एक माह बाद ही सवारियां कम होने का हवाला देकर बसों का संचालन रोक दिया गया।
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वर्जन:
इस मार्ग पर बसों के संचालन को लेकर जानकारी नहीं है। अगर संचालन नहीं हो रहा है तो इसे दिखवाया जाएगा। - पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम
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माधोटांडा-कलीनगर मार्ग पर जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर की दूरी में 50 से अधिक गांव पड़ते हैं। इसके साथ ही नेपाल बार्डर क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन का भी यह प्रमुख मार्ग है। इसके बाद भी इस मार्ग पर रोडवेज बसें नहीं चल रहीं।
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इसका फायदा उठाकर डग्गामार वाहन चालक नियमों की अनदेखी कर क्षमता से अधिक सवारियां बैठाते हैं। यात्री जान जोखिम में डालकर इन वाहनों से सफर कर रहे हैं। लोगों का कहना कि 30 किलोमीटर सफर तय करने के लिए प्रति यात्री 60 रुपये वसूल किए जाते हैं। पुलिस और परिवहन विभाग के जिम्मेदार जानकर भी अनजान बने रहते हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
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चूका बीच जाने वाले सैलानी भी हो रहे परेशान
पीटीआर का पर्यटन सत्र करीब सात माह तक चलता है। चूका बीच और मुस्तफाबाद पहुंचने के लिए भी अधिकांश सैलानी माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग का ही इस्तेमाल करते हैं। रोडवेज बसें न होने से इन्हें भी परेशान होना पड़ता है।
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एक माह बाद ही बंद हो गई थी सेवा क्षेत्रीय लोगों की मांग के बाद करीब दो साल पूर्व दो रोडवेज बसों का इस मार्ग पर संचालन शुरू किया गया था। संचालन शुरू होने के बाद एक माह बाद ही सवारियां कम होने का हवाला देकर बसों का संचालन रोक दिया गया।
वर्जन:
इस मार्ग पर बसों के संचालन को लेकर जानकारी नहीं है। अगर संचालन नहीं हो रहा है तो इसे दिखवाया जाएगा। - पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम