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Pilibhit News: जिला अस्पताल में सुरक्षा का नया प्लान लागू, मेटल डिटेक्टर से होगी जांच
Fri, 17 Jul 2026 12:00 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 17 Jul 2026 12:00 AM IST
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पीलीभीत। जिला अस्पताल के सीटी स्कैन कक्ष में पैरामेडिकल छात्रा कशिश पटेल की हत्या के बाद अव्यवस्थाओं को उजागर करती हुईं प्रकाशित खबरों का स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने संज्ञान लिया है। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए कॉलेज और अस्पताल परिसर में सुरक्षा का नया खाका तैयार किया गया है।
एक्स आर्मी सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने, मेटल डिटेक्टर लगाने, अस्पताल में अनधिकृत लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाने, सीटी स्कैन और डायलिसिस यूनिट पर अलग से सुरक्षा तैनात करने समेत कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। साथ ही छात्र-छात्राओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए नियमित संवाद और शिकायत पेटिका की व्यवस्था भी लागू की जा रही है।
प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने नोडल अधिकारी (सुरक्षा) को निर्देश दिए हैं कि एक कार्यदिवस के भीतर एक्स आर्मी सुपरवाइजरों के साथ बैठक कर पूरे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का पुनर्मूल्यांकन करें और आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा कर्मियों की फेरबदल सुनिश्चित करें। जिन स्थानों पर सुरक्षा की जरूरत अधिक है, वहां अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएं।
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सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण विभाग से 10 अतिरिक्त एक्स आर्मी सुरक्षा कर्मियों की मांग की गई है। इनमें से दो सुरक्षा कर्मी मेडिकल कॉलेज पहुंच चुके हैं, जबकि शेष सुरक्षा कर्मियों के इसी सप्ताह उपलब्ध होने की संभावना है। अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के बाद छात्रावास, अस्पताल, शैक्षणिक भवन और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा का दायरा और बढ़ाया जाएगा।
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सीसीटीवी कैमरों की भी समीक्षा शुरू
कॉलेज प्रशासन ने अस्पताल और छात्रावास परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी समीक्षा शुरू करा दी है। वर्तमान में सभी कैमरे चालू हालत में हैं, लेकिन जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए प्रभारी अधिकारी को दो कार्यदिवस के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को अस्पताल में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
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सीटी स्कैन कक्ष और डायलिसिस यूनिट पर एक-एक एक्स आर्मी सुरक्षा कर्मी की तैनाती
पीपीपी मोड पर संचालित सीटी स्कैन और डायलिसिस यूनिट की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। संबंधित फर्मों को अपने स्तर से सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। जब तक यह व्यवस्था पूरी नहीं होती, तब तक मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सीटी स्कैन कक्ष और डायलिसिस यूनिट पर एक-एक एक्स आर्मी सुरक्षा कर्मी की तैनाती कर दी है।
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हर माह छात्रों के साथ होगी बैठक, शिकायत पेटिका लगाई
प्राचार्य ने बताया कि छात्रों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए सभी नोडल अधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रत्येक माह कम से कम दो बार छात्र-छात्राओं के साथ बैठक करें। यदि आवश्यकता हो तो बीच में भी बैठक आयोजित कर समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जाए। इन बैठकों की रिपोर्ट प्रधानाचार्य को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसी भी समस्या की लगातार निगरानी की जा सके। इसके अलावा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में अलग से शिकायत पेटिका स्थापित की जाएगी।
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डीएम से की आरोपित छात्र के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
प्राचार्य ने बताया कि छात्रा कशिश पटेल हत्याकांड की पुलिस जांच जारी है। कॉलेज प्रशासन ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि जांच में आरोपी छात्र सागर सिंह के दोषी पाए जाने पर उसके विरुद्ध विधिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए।
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अधूरी नियुक्तियां, जिम्मेदारी पूरी
छात्रा की हत्या के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालों के बाद अब कर्मचारियों की भर्ती भी चर्चा में है। अस्पताल में कार्यरत बड़ी संख्या में कर्मचारियों की नियुक्ति अधूरी है, 12 से अधिक कर्मचारियों को नियुक्तिपत्र नहीं मिले हैं। इसके लिए एक कर्मचारी के परिजन और संगठन की ओर से अधिकारियों से शिकायत की गई है। लेकिन उसके बाद भी जांच और कार्रवाई को दबा दिया गया।
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एक्स आर्मी सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने, मेटल डिटेक्टर लगाने, अस्पताल में अनधिकृत लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाने, सीटी स्कैन और डायलिसिस यूनिट पर अलग से सुरक्षा तैनात करने समेत कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। साथ ही छात्र-छात्राओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए नियमित संवाद और शिकायत पेटिका की व्यवस्था भी लागू की जा रही है।
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प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने नोडल अधिकारी (सुरक्षा) को निर्देश दिए हैं कि एक कार्यदिवस के भीतर एक्स आर्मी सुपरवाइजरों के साथ बैठक कर पूरे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का पुनर्मूल्यांकन करें और आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा कर्मियों की फेरबदल सुनिश्चित करें। जिन स्थानों पर सुरक्षा की जरूरत अधिक है, वहां अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएं।
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सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण विभाग से 10 अतिरिक्त एक्स आर्मी सुरक्षा कर्मियों की मांग की गई है। इनमें से दो सुरक्षा कर्मी मेडिकल कॉलेज पहुंच चुके हैं, जबकि शेष सुरक्षा कर्मियों के इसी सप्ताह उपलब्ध होने की संभावना है। अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के बाद छात्रावास, अस्पताल, शैक्षणिक भवन और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा का दायरा और बढ़ाया जाएगा।
सीसीटीवी कैमरों की भी समीक्षा शुरू
कॉलेज प्रशासन ने अस्पताल और छात्रावास परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी समीक्षा शुरू करा दी है। वर्तमान में सभी कैमरे चालू हालत में हैं, लेकिन जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए प्रभारी अधिकारी को दो कार्यदिवस के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को अस्पताल में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
सीटी स्कैन कक्ष और डायलिसिस यूनिट पर एक-एक एक्स आर्मी सुरक्षा कर्मी की तैनाती
पीपीपी मोड पर संचालित सीटी स्कैन और डायलिसिस यूनिट की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। संबंधित फर्मों को अपने स्तर से सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। जब तक यह व्यवस्था पूरी नहीं होती, तब तक मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सीटी स्कैन कक्ष और डायलिसिस यूनिट पर एक-एक एक्स आर्मी सुरक्षा कर्मी की तैनाती कर दी है।
हर माह छात्रों के साथ होगी बैठक, शिकायत पेटिका लगाई
प्राचार्य ने बताया कि छात्रों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए सभी नोडल अधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रत्येक माह कम से कम दो बार छात्र-छात्राओं के साथ बैठक करें। यदि आवश्यकता हो तो बीच में भी बैठक आयोजित कर समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जाए। इन बैठकों की रिपोर्ट प्रधानाचार्य को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसी भी समस्या की लगातार निगरानी की जा सके। इसके अलावा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में अलग से शिकायत पेटिका स्थापित की जाएगी।
डीएम से की आरोपित छात्र के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
प्राचार्य ने बताया कि छात्रा कशिश पटेल हत्याकांड की पुलिस जांच जारी है। कॉलेज प्रशासन ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि जांच में आरोपी छात्र सागर सिंह के दोषी पाए जाने पर उसके विरुद्ध विधिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए।
अधूरी नियुक्तियां, जिम्मेदारी पूरी
छात्रा की हत्या के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालों के बाद अब कर्मचारियों की भर्ती भी चर्चा में है। अस्पताल में कार्यरत बड़ी संख्या में कर्मचारियों की नियुक्ति अधूरी है, 12 से अधिक कर्मचारियों को नियुक्तिपत्र नहीं मिले हैं। इसके लिए एक कर्मचारी के परिजन और संगठन की ओर से अधिकारियों से शिकायत की गई है। लेकिन उसके बाद भी जांच और कार्रवाई को दबा दिया गया।